चांद के ऊपर उड़ता नजर आया एक ऑब्जेक्ट, क्या ये UFO था? NASA ने बताया सच

ऑनलाइन चंद्रमा के ऊपर UFO दिखाई देने की ऑफवाहों पर विराम लगाते हुए अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने बताया कि यह ऑब्जेक्ट कोई एलियनशिप नहीं नहीं, बल्कि दक्षिण कोरिया के पहले अंतरिक्ष यान डेनुरी (Danuri) मून ऑर्बिटर है

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 10 अप्रैल 2024 18:40 IST
ख़ास बातें
  • फोटो दक्षिण कोरिया के पहले अंतरिक्ष यान डेनुरी (Danuri) मून ऑर्बिटर की थी
  • इसे NASA के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LCO) ने कैप्चर किया था
  • फोटो में डेनुरी अपने मूल साइज से लगभग दस गुना तक फैला हुआ दिखाई दे रहा है

Photo Credit: European Southern Observatory/ M. Kommesser

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने हाल ही में चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे एक अज्ञात फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को कैप्चर किया, जो सिल्वर रंग की सर्फबोर्ड के आकार की थी। तस्वीर के सामने आने के बाद यह कयास लगाए जाने लगे कि यह कोई UFO होगा। हालांकि, बाद में हकीकत सामने आई। NASA ने इस फ्लाइंग ऑब्जेक्ट की तस्वीरों को लोगों के साथ शेयर भी किया, जिसमें देखा जा सकता है कि चंद्रमा की सतह के ऊपर एक लंबी छड़ी या सर्फबोर्ड जैसा एक ऑब्जेक्ट उड़ रहा है। इन तस्वीरों को NASA के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (LCO) ने कैप्चर किया था, जो पिछले 15 साल से हमें पृथ्वी और चंद्रमा की दिलचस्प तस्वीरें दिखाता आ रहा है। 

ऑनलाइन चंद्रमा के ऊपर UFO दिखाई देने की ऑफवाहों पर विराम लगाते हुए अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने बताया कि यह ऑब्जेक्ट कोई एलियनशिप नहीं नहीं, बल्कि दक्षिण कोरिया के पहले अंतरिक्ष यान डेनुरी (Danuri) मून ऑर्बिटर है, जो दिसंबर 2022 से चंद्रमा की कक्षा में है। दरअसल तस्वीरों में एक लंबी छड़ी या सर्फबोर्ड जैसी आकृति इसलिए दिखाई दे रही है, क्योंकि LCO और Danuri, दोनों एक दूसरे की विपरीत दिशा में उड़ रहे थे और उस समय दोनों की ही स्पीड बहुत तेज थी। ऐसे में कैमरा ने डेनुरी को इस जबरदस्त मोशन में कैप्चर किया, जिससे तस्वीर में स्मज आया।

दोनों अंतरिक्ष यान 5 और 6 मार्च को एक दूसरे विपरीत दिशा में उड़ रहे थे, जब यह तस्वीर ली गई थी। NASA के अनुसार, LRO के केवल 0.338 मिलीसेकंड के अविश्वसनीय रूप से लो कैमरा एक्सपोजर टाइम के बावजूद इस तस्वीर को कैप्चर किया गया और यही कारण है कि डेनुरी का साइज मूल साइज से लगभग दस गुना तक फैला हुआ दिखाई देता है। रिपोर्ट कहती है कि इन तस्वीरों को कैप्चर करने के लिए आवश्यक सटीकता के लिए ग्रीनबेल्ट, मैरीलैंड में गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में एलआरओ ऑपरेशन टीम से सावधानीपूर्वक समय और समन्वय की आवश्यकता थी।
 

डेनुरी की यह तस्वीर 3 मील या 5 किलोमीटर ऊपर से कैप्चर की गई है
Photo Credit: NASA/Goddard/Arizona State University


LRO का नैरो-एंगल कैमरा तीन कक्षाओं के दौरान इन जबरदस्त तस्वीरों को कैप्चर करने में कामयाब रहा जब यह डेनुरी के ट्रजेक्टरी को बारीकी से काट रहा था। 2009 में अपने लॉन्च के बाद से, LRO चंद्रमा के बारे में महत्वपूर्ण डेटा इकट्ठा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और लूनार रिसर्च में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए अपने सात शक्तिशाली उपकरणों का उपयोग कर रहा है।
 

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