Psyche mission : हीरे-मोती से भरे एस्‍टरॉयड पर आज रवाना होगा Nasa का मिशन, क्‍या है साइकी? जानें

Psyche mission : फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से मिशन को लॉन्‍च किया जाएगा। ‘साइकी’ एक एस्‍टरॉयड है, जिसे बेशकीमती माना जाता है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 13 अक्टूबर 2023 15:44 IST
ख़ास बातें
  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा लॉन्‍च कर रही मिशन
  • साइकी एस्‍टरॉयड की यात्रा करेगा नासा का स्‍पेसक्राफ्ट
  • 10,000 क्वाड्रिलियन डॉलर आंकी जाती है स्‍पेसक्राफ्ट की कीमत

अनुमान है कि इस एस्‍टरॉयड में 10,000 क्वाड्रिलियन डॉलर कीमत का लोहा, निकल और सोना मौजूद हो सकता है।

Psyche mission : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) का मिशन साइकी (Psyche mission) आज लॉन्‍च होने जा रहा है। पहले इसे 5 अक्‍टूबर को उड़ान भरनी थी, लेकिन करीब एक हफ्ते की देरी के बाद यह आगे बढ़ रहा है। फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से मिशन को लॉन्‍च किया जाएगा। ‘साइकी' एक एस्‍टरॉयड है, जिसे बेशकीमती माना जाता है। अनुमान है कि इस एस्‍टरॉयड में 10,000 क्वाड्रिलियन डॉलर कीमत का लोहा, निकल और सोना मौजूद हो सकता है। याद रहे कि एक क्वाड्रिलियन में 15 जीरो होते हैं। यह ट्रिलियन के बाद आने वाला नंबर है। 

जानकारी के अनुसार, एस्‍टरॉयड साइकी अंतरिक्ष में मंगल और बृहस्पति के बीच मुख्य एस्‍टरॉयड बेल्ट में है। इसकी दूरी पृथ्‍वी से लगभग 3.5 अरब किलोमीटर है। नासा के अनुसार, उसका मिशन करीब 26 महीनों तक साइकी का चक्‍कर लगाएगा। वह एस्‍टरॉयड की इमेज लेगा। डेटा जुटाएगा, ताकि वैज्ञानिकों को इसके इतिहास और संरचना के बारे में अधिक समझने में मदद मिल सके।

यह पृथ्‍वी से खोजा गया 16वां एस्‍टरॉयड था। साइकी को साल 1852 में इतालवी खगोलशास्त्री एनीबेल डी गैस्पारिस ने खोजा था। इसका नाम प्राचीन ग्रीक पौराणिक कथाओं में आत्मा की देवी के नाम पर रखा था। इसका आकार 226 किलोमीटर होने का अनुमान है। साइकी का आकार आलू के जैसा है। 

एस्‍टरॉयड साइकी में बेशकीमती धातुएं हैं। अनुमान है कि यह इतना कीमती है कि पृथ्‍वी पर इसका बराबर डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कर दिया जाए, तो हर कोई अरबपति बन सकता है। नासा के एडमिनिस्‍ट्रेटर बिल नेल्सन ने उम्मीद जताई है कि स्‍पेस एजेंसी को उस एस्‍टरॉयड पर हीरे (diamonds) और मोती मिल सकते हैं।
 

Nasa कुछ नहीं लाएगी धरती पर! 

मीडिया पोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी की योजना साइकी से कीमती धातुओं को निकालने की नहीं है। 
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मिशन की प्रिंस‍िपल इन्‍वेस्टिगेटर लिंडी एल्किंस-टैंटन ने कहा कि साइकी को धरती पर वापस लाने की कोई तकनीक नहीं है। ऐसा करने पर धरती और इस एस्‍टरॉयड के बीच टक्‍कर हो सकती है। कोशिश सफल हो भी गई, तब मेटल के मार्केट में इतना माल आ जाएगा कि इसकी वैल्‍यू जीरो हो जाएगी। 
 
 

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