अहम खोज : वैज्ञानिकों को इस ग्रह पर मिले बर्फ के ज्वालामुखी

जैसे पृथ्वी के ज्वालामुखियों से गैसें और पिघली हुई चट्टानों का लावा निकलता है, उसी तरह से ये क्रायोवोल्कैनो बड़ी मात्रा में बर्फ निकालते हैं।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 31 मार्च 2022 13:26 IST
ख़ास बातें
  • प्‍लूटो ग्रह का आकार पृथ्वी के चंद्रमा से भी छोटा है
  • यह 3.6 बिलियन मील दूर से सूर्य की परिक्रमा करता है
  • लूटो ग्रह के सतह में मैदान के साथ ही पहाड़ भी हैं

गौरतलब है कि प्‍लूटो ग्रह का आकार पृथ्वी के चंद्रमा से भी छोटा है। इसका व्यास लगभग 1,400 मील (2,380 किमी) है।

रहस्‍यों से भरा ब्रह्मांड वैज्ञानिकों को हर रोज कुछ ना कुछ जानने के लिए प्रेरित करता है। अब प्‍लूटो ग्रह को लेकर नासा ने नई जानकारी है। नासा के न्यू होराइजन्स अंतरिक्ष यान से मिला डेटा बताता है कि यह ठंडा ग्रह पहले से ज्‍यादा गतिशील है। यहां गुंबद के आकार वाले बर्फ के ज्वालामुखी हैं, जो अभी भी एक्टिव हो सकते हैं। मंगलवार को वैज्ञानिकों ने कहा कि 10 से ज्‍यादा क्रायोवोल्कैनो एक किलोमीटर से लेकर 7 किलोमीटर के एरिया में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जैसे पृथ्वी के ज्वालामुखियों से गैसें और पिघली हुई चट्टानों का लावा निकलता है, उसी तरह से ये क्रायोवोल्कैनो बड़ी मात्रा में बर्फ निकालते हैं। इसमें जमे हुए पानी के साथ-साथ कुछ और भी हो सकता है।

नेचर जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के प्रमुख लेखक और कोलोराडो में साउथवेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्‍लेनेटरी साइंटिस्‍ट केल्सी सिंगर ने कहा, इन फीचर्स को खोजने से यह संकेत मिलता है कि प्लूटो अधिक सक्रिय या भूगर्भीय रूप से जीवित है। यहां बर्फ होने की संभावना आश्चर्यजनक है।

गौरतलब है कि प्‍लूटो ग्रह का आकार पृथ्वी के चंद्रमा से भी छोटा है। इसका व्यास लगभग 1,400 मील (2,380 किमी) है। यह सूर्य से लगभग 3.6 बिलियन मील (5.8 बिलियन किलोमीटर) की दूरी पर उसकी परिक्रमा करता है, जो पृथ्वी की कक्षा से लगभग 40 गुना अधिक दूर है। प्‍लूटो ग्रह के सतह में मैदान के साथ ही पहाड़ भी हैं। 

वैज्ञानिकों ने न्यू होराइजन्स अंतरिक्ष यान से साल 2015 में मिलीं इमेज और डेटा का विश्लेषण किया। इसके बाद यह जानकारी सामने आई है। न्यू होराइजन्स के प्रिंसिपल एडवाइजर और स्‍टडी के को-ऑथर एलन स्टर्न ने कहा कि स्‍टडी में न सिर्फ क्रायोवोल्केनिज्म के व्यापक सबूत मिले हैं, बल्कि यह भी सामने आया है कि यह लंबे समय से है।

रिसर्चर्स ने स्पूतनिक प्लैनिटिया के दक्षिण-पश्चिम इलाके का विश्लेषण किया। पता चला कि प्लूटो का बेसिन नाइट्रोजन बर्फ से भरा हुआ है। पृथ्वी और हमारे सौर मंडल के अन्य ग्रहों की तरह प्लूटो लगभग 4.5 अरब साल पहले बना था। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि ये क्रायोवोल्कैनो कुछ मिलियन वर्ष पहले ही बने हैं। उनका कहना है कि संभवत: क्रायोवोल्कैनो के निर्माण की प्रक्रिया वर्तमान में भी चल रही है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Huawei की 10,000mAh से ज्यादा कैपेसिटी की बैटरी के साथ स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत के स्मार्टफोन मार्केट में बड़ी गिरावट, Vivo का पहला स्थान बरकरार 
  2. Sony Xperia 1 VIII कल होगा लॉन्च, नए डिजाइन वाला रियर कैमरा सिस्टम
  3. Strategy ने बढ़ाया Bitcoin का रिजर्व, 4.3 करोड़ डॉलर का इनवेस्टमेंट
  4. दिनभर स्क्रीन देखने से आंखें दुखती हैं? Xiaomi का नया स्मार्ट Eye Mask देगा मसाज, जानें कीमत
  5. Huawei की 10,000mAh से ज्यादा कैपेसिटी की बैटरी के साथ स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
  6. SanDisk Crayola USB Type-C Flash Drive लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  7. Tecno Camon Slim में हो सकती है 7,000mAh की बैटरी, US FCC पर लिस्टिंग
  8. Flipkart SASA LELE Sale: 15 हजार रुपये में खरीदें ये बेस्ट स्मार्टफोन, जबरदस्त गिरी कीमत
  9. Honor Magic 9 Pro Max में मिल सकते हैं 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा 
  10. Airtel vs Jio: जानें किसका 365 दिनों वाला प्लान है बेस्ट, अनलिमिटेड 5G डाटा और कॉलिंग के साथ जबरदस्त फायदे
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.