Nasa का मार्स रोवर मंगल ग्रह पर जुटा रहा जीवन के सबूत, अब दो साल की देरी से पहुंचेंगे पृथ्‍वी पर

पहले साल 2026 तक एक लैंडर (SRL) भेजा जाना था और साल 2031 तक सैंपल्‍स को पृथ्‍वी पर लाया जाना था।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 29 मार्च 2022 17:05 IST
ख़ास बातें
  • पर्सवेरेंस रोवर मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर रीजन में काम कर रहा है
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि अरबों साल पहले यहां एक झील और एक नदी डेल्टा था
  • सैंपल्‍स को इकट्ठा करने के लिए रोवर इस रीजन की सतह को खरोंच रहा है

नासा ने ऐलान किया है कि वह अपने प्‍लान में एक और लैंडर को शामिल कर रही है।

मंगल ग्रह (Mars) पर जीवन के संकेत तलाशने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने पर्सवेरेंस रोवर  (Perseverance rover) को भेजा है। यह रोवर वहां 45 किलोमीटर चौड़े ‘जेज़ेरो क्रेटर' से सैंपल्‍स इकट्ठा कर रहा है। इन सैंपल्‍स को पृथ्‍वी पर लाया जाएगा। शुरुआती योजना के मुताबिक साल 2026 तक एक लैंडर (SRL) भेजा जाना था और साल 2031 तक सैंपल्‍स को पृथ्‍वी पर लाया जाना था। लेकिन अब यह टाइमलाइन थोड़ा आगे बढ़ गई है। नासा ने ऐलान किया है कि वह अपने प्‍लान में एक और लैंडर को शामिल कर रही है। इस वजह से SRL की लॉन्‍च डेट को साल 2028 के लिए शिफ्ट कर दिया गया है और सैंपल रिटर्न 2033 तक हो सकेगा।   

पर्सवेरेंस रोवर मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर रीजन में काम कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अरबों साल पहले यहां एक झील और एक नदी डेल्टा था। सैंपल्‍स को इकट्ठा करने के लिए रोवर इस रीजन की सतह को खरोंच रहा है और सैंपल जुटा रहा है। इन्‍हें पृथ्‍वी पर लाने के बाद वैज्ञानिक जान पाएंगे कि मंगल ग्रह पर जीवन के संकेत हैं या नहीं। 

इस पेचीदा मिशन के तहत पहले साल 2026 में SRL को NASA मार्स एसेंट व्हीकल (MAV) और एक ESA-निर्मित फेच रोवर को मंगल ग्रह पर ले जाना था। फेच रोवर को पर्सवेरेंस द्वारा लिए गए सैंपल कंटेनर को MAV में पहुंचाना था। इसके बाद यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का अर्थ रिटर्न ऑर्बिटर MAV से सैंपल लेकर साल 2031 तक पृथ्‍वी पर वापस आता।  

लेकिन अब नासा डुअल-लैंडर आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। इस वजह से पहले से तय तारीखें आगे बढ़ गई हैं। यानी SRL की लॉन्‍च डेट को साल 2028 के लिए शिफ्ट कर दिया गया है और सैंपल रिटर्न 2033 तक हो सकेगा। नासा का कहना है कि इससे मिशन की सफलता की संभावना बेहतर होगी।  

वैसे यह इकलौता मिशन नहीं है, जिसमें नासा ने देरी की है। उसकी एक और महत्वाकांक्षी योजना- आर्टेमिस I की टाइमलाइन भी आगे बढ़ती जा रही है। आर्टिमिस मिशन के तहत एक बार फ‍िर से इंसानों को चंद्रमा पर भेजने की योजना है। यह मिशन पिछले साल नवंबर में लॉन्‍च होने वाला था, लेकिन अब इस साल गर्मियों का वक्‍त देखा जा रहा है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO 15R 5G की लीक हुई प्राइसिंग, अगले सप्ताह होगा भारत में लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत में सेमीकंडक्टर्स की 25 प्रतिशत डिमांड पूरी करेगी HCL 
  2. iQOO 15R 5G की लीक हुई प्राइसिंग, अगले सप्ताह होगा भारत में लॉन्च
  3. Samsung Galaxy S26 होगा बेस्ट कैमरा फोन! 24MP सेंसर के साथ नया फीचर लीक
  4. सिकुड़ रही है चंद्रमा की धरती! NASA के Artemis मिशन में पड़ेगी खटाई? वैज्ञानिकों ने क्या कहा, जानें
  5. 400 फीट साइज का एस्टरॉयड आज पहुंच रहा धरती के पास! मचेगी तबाही?
  6. ChatGPT को बनाएं फोन का सिक्योरिटी गार्ड! चुटकी में पता लगाएगा स्कैम, जानें हिडन फीचर
  7. Samsung Galaxy A57, Galaxy A37 मार्च में होंगे लॉन्च! मिल सकते हैं 50MP के तीन कैमरा, 5000mAh बैटरी
  8. Samsung Galaxy Buds 4, Buds 4 Pro लॉन्च से पहले कीमत लीक, फैंस के लिए ला सकती है खुशखबरी!
  9. 15 हजार से सस्ता मिल रहा Oppo का धांसू फोन! 50MP के चार कैमरा से लैस!
  10. Redmi A7 में मिल सकता है 6.9 इंच डिस्प्ले, NBTC से मिला सर्टिफिकेशन 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.