अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन ने एक एक्‍सोप्‍लैनेट से खोजा ‘सुराग’, क्‍या वहां एलियंस हैं?

Nasa : WASP-39b नाम के एक्‍सोप्‍लैनेट (Exoplanet) की स्‍टडी से पता चलता है कि वहां बादल छाए हुए हैं। इस ग्रह के वातावरण में एक केमिकल रिएक्‍शन है और ग्रह की उत्पत्ति के बारे में सुराग भी हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 27 नवंबर 2022 19:00 IST
ख़ास बातें
  • एक्‍सोप्‍लैनेट को स्‍टडी किया वैज्ञानिकों ने
  • WASP-39b नाम के एक्‍सोप्‍लैनेट में मिली खास चीजें
  • ग्रह के वातावरण में होता है केमिकल रिएक्‍शन

Nasa : WASP-39b जिस तारे की परिक्रमा करता है, वह Virgo तारामंडल में स्थित है।

पृथ्‍वी के बाहर जीवन की खोज में जुटे वैज्ञानिक वर्षों से एक्‍सोप्‍लैनेट (Exoplanet) पर रिसर्च कर रहे हैं। ऐसे ग्रह जो सूर्य के अलावा किसी और तारे की परिक्रमा करते हैं, एक्‍सोप्‍लैनेट कहलाते हैं। जब से जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलिस्‍कोप (James Webb Space Telescope) लॉन्‍च हुआ है, वैज्ञानिकों की उम्‍मीद बढ़ गई है। अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन के जरिए वैज्ञानिक ऐसे सुराग तलाशना चाहते हैं, जिससे वह एलियंस को ढूंढने के करीब पहुंच जाएं। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से वैज्ञानिकों ने हमारे सौर मंडल से 700 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित एक एक्सोप्लैनेट से जुड़ी असाधारण खोज है। WASP-39b नाम के एक्‍सोप्‍लैनेट (Exoplanet) की स्‍टडी से पता चलता है कि वहां बादल छाए हुए हैं। इस ग्रह के वातावरण में एक केमिकल रिएक्‍शन है और ग्रह की उत्पत्ति के बारे में सुराग भी हैं।

नासा ने बताया है कि वेब के लेटेस्‍ट डेटा में इस एक्‍सोप्‍लैनेट पर परमाणुओं, यौगिकों के अलावा एक्टिव केमिस्‍ट्री और बादलों के होने का पता चलता है। WASP-39b जिस तारे की परिक्रमा करता है, वह Virgo तारामंडल में स्थित है। अगस्‍त महीने में जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप को इस एक्‍सोप्‍लैनेट के वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड के सबूत मिले थे। 

नासा का कहना है कि उसने कई इंस्‍ट्रूमेंट्स की मदद से इस एक्सोप्लैनेट को ऑब्‍जर्व किया। रिसर्चर्स ने एक्‍सोप्‍लैनेट के वायुमंडल से गुजरने वाली तारों की रोशनी को देखने के लिए ट्रांसमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी का इस्तेमाल किया। ग्रह के वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में और भी कई गैसें हैं। करीब 300 खगोलविदों की टीम इनका पता लगाने में जुटी रही। उन्‍हें सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) का भी पता चला। बताया जाता है कि वहां SO2 का निर्माण तब होता है, जब एक्‍सोप्‍लैनेट के तारे की रोशनी ग्रह पर पड़ती है। रिसर्चर्स को पहली बार किसी एक्‍सोप्‍लैनेट के वातावरण में SO2 मिली, जो बड़ी खोज है। 

रिसर्च पेपर के लेखक और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शांग-मिन त्साई ने कहा है कि पहली बार किसी एक्सोप्लैनेट पर तारे की रोशनी के कारण शुरू हुई रासायनिक प्रतिक्रियाओं के ठोस सबूत देखे गए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक्सोप्लैनेट के वायुमंडल को समझने में यह स्‍टडी काम आएगी। हालांकि यहां पृथ्‍वी की तरह जीवन का पनपना नामुमकिन होगा। 


 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  2. 13 साल पुराने iPhone में भी एप्पल ने फूंकी जान, काम करेंगे Facetime और iMessages जैसे फीचर्स
  3. 19 हजार MRP वाला 32 इंच स्मार्ट टीवी खरीदें 7500 से सस्ता, देखें Amazon पर 5 सबसे सस्ते TV
#ताज़ा ख़बरें
  1. आपकी फोटो सेफ नहीं? App Store में खुलेआम मौजूद हैं AI से कपड़े ‘हटाने’ वाले ऐप्स!
  2. धरती में कहां से आया था पानी? अब चांद की मिट्टी से निकली बिल्कुल नई कहानी
  3. सॉफ्टवेयर मेकर Strategy ने बढ़ाया क्रिप्टो का रिजर्व, 26 करोड़ डॉलर में खरीदे 2,932 बिटकॉइन 
  4. नया Aadhaar ऐप लॉन्च, अब घर बैठे मोबाइल नंबर और एड्रेस कर पाएंगे अपडेट, जानें कैसे
  5. 1.2 करोड़ यूजर्स, टारगेट से दोगुना कमाई! चीन का ये AI टूल अब Google और OpenAI की सबसे बड़ी टेंशन?
  6. Apple के फोल्डेबल iPhone को टक्कर देने के लिए Samsung की नया फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी
  7. Vivo X200T vs iQOO 13 vs Realme GT 7 Pro: जानें कौन सा फोन है बेस्ट?
  8. VIP ट्रैवल में फेवरेट Learjet 45XR: इसी प्राइवेट जेट में सवार थे अजीत पवार, जानें इस हाई-टेक एयरक्राफ्ट के बारे में सब कुछ
  9. 7560mAh बैटरी, डाइमेंसिटी 8500 अल्ट्रा वाले Redmi Turbo 5 के स्पेसिफिकेशंस हुए लीक
  10. Xiaomi 17 Max में मिल सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.