NASA का हेलीकॉप्‍टर मंगल ग्रह पर इतना ऊपर उड़ा कि रिकॉर्ड बन गया, जानें पूरा मामला

NASA Mars helicopter : इससे पहले इन्जनूअटी ने 12 मीटर ऊंचाई तक उड़ान भरी थी।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 8 दिसंबर 2022 13:20 IST
ख़ास बातें
  • सबसे अधिक ऊंचाई पर उड़ने का बनाया रिकॉर्ड
  • Ingenuity एक छोटा और सोलर-पावर्ड रोटरक्राफ्ट है
  • यह पिछले साल मंगल ग्रह पर पहुंचा है

NASA Mars helicopter : ड्रोन नुमा हेलीकॉप्टर को जब मंगल ग्रह पर भेजा जा रहा था, तब इंजीनियरों ने कुल 5 उड़ानों की योजना बनाई थी।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का इन्जनूअटी (Ingenuity) हेलीकॉप्टर मंगल ग्रह पर जीवन के निशान ढूंढ रहा है। मंगल ग्रह के वातावरण में 34 उड़ानें भरकर यह हेलीकॉप्‍टर पहले ही रिकॉर्ड बना चुका है। हाल में 3 दिसंबर को इसने मंगल ग्रह की सतह से 14 मीटर ऊपर उड़ान भरकर वहां सबसे अधिक ऊंचाई पर उड़ने का नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले इन्जनूअटी ने 12 मीटर ऊंचाई तक उड़ान भरी थी। ध्‍यान देने वाली बात है कि इस छोटे ड्रोन नुमा हेलीकॉप्टर को जब मंगल ग्रह पर भेजा जा रहा था, तब इंजीनियरों ने कुल 5 उड़ानों की योजना बनाई थी, लेकिन Ingenuity उस आंकड़े को पार कर चुका है।  

Ingenuity एक छोटा और सोलर-पावर्ड रोटरक्राफ्ट है। इसने 18 फरवरी 2021 को पर्सवेरेंस (Perseverance) रोवर के साथ मंगल ग्रह पर लैंड किया था। इस साल 19 अप्रैल को इसने मंगल ग्रह की सतह से उड़ान भरकर इतिहास रचा था। शुरुआत में माना जा रहा था कि इन्जनूअटी हेलीकॉप्‍टर मंगल ग्रह पर करीब 5 उड़ानें भरेगा, लेकिन इस नंबर से बहुत आगे निकलते हुए इन्जनूअटी ने अबतक 35 सफल उड़ानें मंगल ग्रह पर भरी हैं। 
 

दिलचस्‍प यह है कि 3 दिसंबर की उड़ान से पहले Ingenuity में एक अहम सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया था। नासा ने बताया है कि सॉफ्टवेयर अपडेट ने इन्जनूअटी को दो नई क्षमताएं दी हैं। वह लैंडिंग के दौरान आने वाले खतरों से खुद को बचाने का प्रयास कर सकता है साथ ही नेविगेट करने के लिए डिजिटल एलिवेशन मैप का उपयोग करने की क्षमता हासिल कर चुका है। 

इससे पहले नासा की टीमों को यह सुनिश्‍चि‍त करना होता था कि उड़ान के बाद लैंड करते समय इन्जनूअटी हेलीकॉप्‍टर सुरक्षित जगह पर उतरे। वहां चट्टान वगैरह ना हो। लेकिन जेजेरो क्रेटर रीजन में एक सुरक्षित जगह की तलाश कर पाना बहुत मुश्किल था, क्‍योंकि यह जगह पथरीली है। नए अपडेट के बाद अब हेलीकॉप्‍टर इस काम में सक्षम हो गया है, वह लैंडिंग के लिए एक सही जगह की तलाश कर सके। 
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नासा ने इस हेलीकॉप्‍टर को पिछले साल फरवरी में मंगल ग्रह पर पहुंचाया था। इसने मंगल ग्रह पर तैनात पर्सवेरेंस रोवर के लिए एक स्काउट के रूप में काम किया है। पर्सवेरेंस रोवर वहां जीवन के सबूत तलाश रहा है और इसने कई खास तस्‍वीरें दुनिया को दिखाई हैं। 
 

 

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