इन ग्रहों में पत्थर भी पिघल जाते हैं, NASA ने खोजे 3 हजार डिग्री फारेनहाइट वाले एक्सोप्लैनेट

NASA के हबल स्पेस टेलीस्कोप का इस्तेमाल करते हुए, एस्ट्रोनॉमर्स ने पाया कि WASP-178b का एक हिस्सा हमेशा इसके जलते हुए तारे के सामने रहता है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 12 अप्रैल 2022 12:54 IST
ख़ास बातें
  • WASP-178b एक्सोप्लैनेट 1300 लाइट ईयर दूर है
  • 400 लाइट ईयर दूर बृहस्पति (जुपिटर) के साइज का है KELT-20b ग्रह
  • ये एक्सोप्लैनेट टाइटेनियम को पिछलाने की क्षमता रखते हैं

एस्ट्रोनॉमर्स ने KELT-20b ग्रह पर भी स्टडी की है

NASA के वैज्ञानिकों ने ऐसे ग्रह खोजे हैं, जहां तापमान 3,000 डिग्री फारेनहाइट (लगभग 1650 डिग्री सेल्सियस) से अधिक हो जाता है, जो टाइटेनियम को भी पिघलाने के लिए काफी है। अल्ट्रा-हॉट एक्सोप्लैनेट के अपने अध्ययन के दौरान, नासा हबल टेलीस्कोप के साथ काम करने वाले खगोलविदों (एस्ट्रोनॉमर्स) की टीमों ने 1300 लाइट ईयर दूर एक एक्सोप्लैनेट WASP-178b की जानकारी दी है।

NASA के हबल स्पेस टेलीस्कोप का इस्तेमाल करते हुए, एस्ट्रोनॉमर्स ने पाया कि WASP-178b का एक हिस्सा हमेशा इसके जलते हुए तारे के सामने रहता है। दिन के समय यह देखा गया है कि एक्सोप्लैनेट पर वातावरण सिलिकॉन मोनोऑक्साइड गैस से घिरा हुआ रहता है। वहीं, अंधेरे वाले हिस्से की  तरफ सिलिकॉन मोनोऑक्साइड आसमान से नीचे गिरने वाली चट्टानों में बदलने के लिए पर्याप्त ठंडा होता है। लेकिन सुबह होने के समय और शाम के समय, ये वही चट्टानें गर्म तापमान के कारण भाप हो जाती हैं। यह अध्ययन नेचर पत्रिका (Nature journal) में पब्लिश हुआ था।

बाल्टीमोर, मैरीलैंड में जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय से दो अध्ययनों पर सह-लेखक डेविड सिंग (David Sing) ने कहा (अनुवादित) "जब आप पृथ्वी को देखते हैं, तो हमारे सभी मौसम भविष्यवाणियां अभी भी बारीकी से ट्यून की जाती हैं, जिसे हम माप सकते हैं। लेकिन जब आप दूर के एक्सोप्लैनेट में जाते हैं, तो आपके पास भविष्यवाणी के लिए सीमित शक्तियां होती हैं, क्योंकि आपने इस बारे में एक सामान्य सिद्धांत नहीं बनाया है कि कैसे एक वातावरण में सब कुछ एक साथ चलता है और चरम स्थितियों पर कैसे प्रतिक्रिया करता है।”

एस्ट्रोनॉमर्स ने KELT-20b ग्रह को भी देखा, जो कि 400 लाइट ईयर दूर बृहस्पति (जुपिटर) ग्रह के साइज़ का एक विशाल एक्सोप्लैनेट है। अपने अध्ययन में, जो एस्ट्रोफिजिकल पत्रिका Letters में पब्लिश हुआ था, उन्होंने पाया कि इस बाहरी दुनिया पर अपने मूल तारे से लगातार अल्ट्रावॉयलेट लाइट आती है, जिससे पृथ्वी के समताप मंडल के समान इसके वातावरण में एक थर्मल परत का निर्माण हो रहा है।

पृथ्वी पर रहते हुए, ओजोन परत पृथ्वी की सतह से 7 से 31 मील के बीच उच्च तापमान को एक परत तक सीमित करके हानिकारक यूवी लाइट से हमारी रक्षा करती है, वही KELT-20b के मामले में ऐसा नहीं है। एक्सोप्लैनेट का मूल तारा वातावरण में धातुओं को पिछला कर एक मजबूत उलटी थर्मल परत बनाने का काम कर रहा है।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Planets, Exoplanets, NASA, Hubble Space Telecope

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. JioHome का क्रिकेट ऑफर, हाई क्वालिटी में देखें ICC T20 वर्ल्ड कप, साथ में 1457 रुपये के फायदे बिलकुल फ्री
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vivo V70 5G सीरीज आज हो रही भारत में लॉन्च, ऐसे देखें लाइव इवेंट, जानें फीचर्स और कीमत
  2. Generative AI: IIT मद्रास से 'बिजनेस AI' टूल सीखने का सुनहरा मौका! 19 फरवरी तक आवेदन पर मिलेगा 8 हजार रुपये का फायदा
  3. क्या है NCERT का e-Jaadui Pitara ऐप? कैसे करेगा बच्चों की सीखने में मदद
  4. 7000mAh बैटरी वाला Infinix XPAD 30E टैबलेट AI लर्निंग फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत
  5. JioHome का क्रिकेट ऑफर, हाई क्वालिटी में देखें ICC T20 वर्ल्ड कप, साथ में 1457 रुपये के फायदे बिलकुल फ्री
  6. Infinix Note Edge 5G vs Poco M8 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  7. 9,154 रुपये सस्ता मिल रहा Xiaomi का 6200mAh बैटरी, 50MP तीन कैमरा वाला फोन! सबसे बड़ा डिस्काउंट
  8. भारत में Samsung Galaxy S26 सीरीज के लिए प्री-बुकिंग कराने वाले कस्टमर्स को मिलेगा मुफ्त स्टोरेज अपग्रेड
  9. Vivo X300 FE में मिल सकते हैं RAM और स्टोरेज के 2 वेरिएंट
  10. Pixel 10a भारत में लॉन्च: 48MP कैमरा, 5100mAh बैटरी वाले फोन को 7 साल तक मिलेंगे OS अपडेट्स! जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.