NASA का Artemis II मिशन लॉन्च हो गया है, जिसमें चार अंतरिक्ष यात्री Orion कैप्सूल के जरिए चांद के पास जाकर वापस लौटेंगे।
Artemis II मिशन लॉन्च के दौरान उड़ान भरता SLS रॉकेट
Photo Credit: NASA
NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है, जो 1972 में Apollo programme के खत्म होने के बाद पहली बार किसी क्रूड मिशन को चांद के आसपास भेजने का बड़ा कदम माना जा रहा है। यह मिशन फिलहाल चांद पर लैंड नहीं करेगा, लेकिन भविष्य के मिशन्स के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी और सिस्टम्स को टेस्ट करेगा। 322 फीट लंबा Space Launch System (SLS) रॉकेट फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरा और Orion कैप्सूल को 10 दिन की यात्रा पर भेजा गया। चलिए आपको पूरे मिशन की जानकारी विस्तार से देते हैं।
यह मिशन NASA के Artemis प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इंसानों को दोबारा चांद पर भेजना है। Artemis II एक “free-return trajectory” पर जाएगा, यानी स्पेसक्राफ्ट चांद के चारों तरफ घूमकर बिना अतिरिक्त ईंधन के वापस पृथ्वी की ओर लौट आएगा। कंपनी के मुताबिक इस मिशन का मुख्य फोकस यह टेस्ट करना है कि Orion स्पेसक्राफ्ट लंबी अवधि तक क्रू को सुरक्षित रख सकता है या नहीं।
लॉन्च से पहले मिशन को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हाइड्रोजन लीक की वजह से पहले भी देरी हो चुकी थी, जिस कारण रॉकेट को जांच के लिए वापस ले जाना पड़ा था। इसके अलावा बैटरी सेंसर और फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम में भी आखिरी समय में समस्याएं सामने आई थीं। हालांकि इंजीनियर्स ने इन सभी मुद्दों को समय रहते ठीक कर लिया और मिशन को ग्रीन सिग्नल मिला।
अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो Orion कैप्सूल 6 अप्रैल के आसपास चांद के पास पहुंचेगा। इसके बाद यह चांद के करीब से फ्लाईबाय करेगा और फिर वापस पृथ्वी की ओर लौटेगा। मिशन का अंत 10 अप्रैल 2026 को Pacific Ocean में स्पैशडाउन के साथ होगा।
मिशन के शुरुआती 1-2 दिन क्रू हाई अर्थ ऑर्बिट में रहकर सभी सिस्टम्स की जांच करेगा। इसके बाद “translunar injection” के जरिए स्पेसक्राफ्ट को चांद की ओर भेजा जाएगा। अगले कुछ दिनों में यह चांद की ओर ट्रांजिट करेगा और फिर उसके गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में एंटर करेगा। छठे दिन यह चांद के सबसे करीब पहुंचेगा, जहां दूरी करीब 4,000 से 6,000 मील होगी। इसके बाद वापसी का सफर शुरू होगा और आखिरी दिन स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी के वातावरण में एंटर कर समुद्र में लैंड करेगा।
NASA का अगला मिशन Artemis III होगा, जिसे फिलहाल 2027 के लिए प्लान किया गया है। इस मिशन में Orion स्पेसक्राफ्ट को लूनर लैंडर के साथ डॉक किया जाएगा, जिसमें SpaceX का Starship और Blue Origin का Blue Moon सिस्टम शामिल हो सकते हैं। इसका मकसद अंतरिक्ष में डॉकिंग और चांद की सतह पर इंसानों को उतारने की तैयारी को आगे बढ़ाना है।
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