चांद से टकराया था 260km चौड़ा एस्टरॉयड! बनाया 2500 किलोमीटर का गड्ढा ...

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि टकराने वाला एस्टरॉयड लोहे और चट्टानों से बना होगा।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 17 मई 2026 17:30 IST
ख़ास बातें
  • एस्टरॉयड 30 डिग्री के कोण पर चंद्रमा से टकराया होगा
  • इसकी स्पीड 13 किलोमीटर प्रति सेकंड रही होगी।
  • एस्टरॉयड का साइज 260 किलोमीटर तक हो सकता है।

चांद पर मौजूद सबसे बड़ा गड्ढा, या क्रेटर इसके साउथ पोल पर मौजूद एटकेन बेसिन है।(सांकेतिक फोटो)

Photo Credit: NASA

चंद्रमा हमारी पृथ्वी का एकलौता उपग्रह है जो इसके चारों ओर चक्कर लगाता है। चांद स्वयं ही रहस्यों से भरा हुआ है। इसे टेलीस्कोप से देखने पर इस पर बड़े-बड़े, सैकडों किलोमीटर में फैले गड्ढे नजर आते हैं। चांद पर मौजूद सबसे बड़ा गड्ढा, या क्रेटर इसके साउथ पोल पर मौजूद एटकेन बेसिन है। यह क्रेटर 2500 किलोमीटर बड़ा बताया जाता है। अब इस क्रेटर की उत्पत्ति को लेकर एक नया दावा वैज्ञानिकों ने किया है। साउथ पोल एटकेन बेसिन काफी रहस्यमयी है। आइए जानते हैं इसे लेकर क्या नया दावा किया गया है। 

चांद का सबसे बड़ा क्रेटर SPA बेसिन अपने आप में विशेष महत्व रखता है। इसमें चांद की सहत मेंटल (mantle) के कई महत्वपूर्ण पदार्थ मौजूद हो सकते हैं जिनमें वैज्ञानिकों को विशेष रुचि हो सकती है। Science Advances (via)के अनुसार, पर्ड्यू विश्वविद्यालय की शिगेरु वाकिता ने इसके 3D सिमुलेशन पर काम किया और पता लगाया कि यह क्रेटर एक एस्टरॉयड के प्रभाव से बना हो सकता है। चौंकाने वाली बात निकल कर सामने आई कि एस्टरॉयड का साइज 260 किलोमीटर तक हो सकता है। इतना ही नहीं, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह एस्टरॉयड लोहे और चट्टानों से बना होगा। 

सिमुलेशन से अंदाजा लगाया गया है कि यह एस्टरॉयड 30 डिग्री के कोण पर चंद्रमा से टकराया होगा जिस वक्त इसकी स्पीड 13 किलोमीटर प्रति सेकंड रही होगी। इस शक्तिशाली टक्कर के प्रभावों का अध्ययन करके खगोलविदों का अनुमान है कि चंद्रमा के मेंटल के टुकड़े चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की ओर निकल गए थे।

इसके अलावा अध्ययन के लेखकों का कहना है कि अंतरिक्ष यात्री 2028 में एक मिशन के दौरान इन टुकड़ों को एकत्र कर सकते हैं। और वास्तव में इससे वैज्ञानिकों को यह निर्धारित करने में मदद मिल सकती है कि एस्टरॉयड की चांद से टक्कर कब हुई थी। और परिणामस्वरूप, हमारे प्राकृतिक उपग्रह को बेहतर ढंग से समझने में हमें मदद मिल सकती है। अंतरिक्ष रहस्यमयी खगोलीय घटनाओं से बना है। जिनके बारे में वैज्ञानिक अभी तक कुछ अंश भर ही पता लगा सके हैं। 
 

 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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