केंद्र सरकार ने आज कहा कि हिंदी भाषा की मदद से अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को देशभर में प्रसारित किया जा सकता है। इस मौके पर केंद्र सरकार ने पहली हिंदी एटलस किताब को भी रिलीज़ किया जिसमें ''मिशन मार्स'' का ज़िक्र है।
पीएमओ (राज्य मंत्री) जितेंद्र सिंह ने इस मौके पर कहा, ''पिछले 18 महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रोत्साहन से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को जबरदस्त सफलता मिली है। इन सफलताओं के दम पर भारत आज की तारीख में इस क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों के कतार में आ गया है।''
एक तरफ पूरी दुनिया में भारत की सफलता की चर्चा हो रही है। हिंदी की मदद से देश के अंदर अंतरिक्ष मिशन की सफलता का प्रचार-प्रसार किया जा सकता है, खासकर मार्श ऑर्बिटर मिशन के बारे में।
इस किताब को हाल ही में विभाग के पुनिर्गठित 'संयुक्त हिंदी सलाहकार समिति' के पहली बैठक के रिलीज़ किया गया। आपको बता दें कि मंगलयान पूरी तरह से भारत में बना अंतरिक्ष यान है। यह अब तक मंगल ग्रह के बारे में कई अहम जानकारियां जुटा चुका है जिसे कई विकसित देशों के साथ साझा भी किया जा रहा है।
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