आर्कटिक के ठंडे पानी में रहने वाली रहस्‍यमयी शार्क ने बदला ‘घर’, हजारों मील दूर सेंट्रल अमेरिका में मिली, साइंटिस्‍ट हैरान

ग्रीनलैंड शार्क बहुत धीमे मूव करने वाली प्रजातियां हैं। यह आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक महासागरों के ठंडे पानी में देखी जाती हैं। अनुमान लगाया जाता है कि यह 400 साल तक जिंदा रहती हैं।

विज्ञापन
प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 9 अगस्त 2022 14:21 IST
ख़ास बातें
  • पहली बार ग्रीनलैंड शार्क को पश्चिमी कैरेबियाई देश में देखा गया है
  • इससे जुड़ा एक अध्‍ययन मरीन बायोलॉजी जरनल में पब्‍लिश हुआ है
  • यह खोज फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने की है

ऐसी संभावना है कि यह प्रजाति पूरी दुनिया में गहरे समुद्र में रह रही हो।

आर्कटिक महासागर के ठंडे पानी में रहने वाली ग्रीनलैंड ‘शार्क' मछली की दुनिया में अलग पहचान है। इस हाफ ब्‍लाइंड शार्क भी कहते हैं। सैकड़ों साल तक जिंदा रहने वाली यह शार्क ठंडे वातावरण में रहती है। लेकिन ऐसे तथ्‍य सामने आए हैं, जो बताते हैं कि इस शार्क ने अपनी जगह बदल दी है। पहली बार एक हाफ ब्‍लाइंड शार्क को पश्चिमी कैरेबियाई के पानी में एक कोरल रीफ में पाया गया। यह दुनिया की दूसरी सबसे लंबी बैरियर रीफ भी है। इससे जुड़ा एक अध्‍ययन मरीन बायोलॉजी जरनल में पब्‍लिश हुआ है। 

यह खोज फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने की है। यूनिवर्सिटी की टीम सेंट्रल अमेरिका में स्‍थानीय बेलिजियन मछुआरों के साथ शार्क की टैगिंग से जुड़ा काम कर रही थी। इसी दौरान उन्‍होंने एक सुस्‍त क्रिएचर की खोज की।  वह काफी उम्रदराज, लंबा और चिकने पत्‍थर जैसा था। फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ने बताया है कि यह जीव ‘स्लीपर शार्क' परिवार का सदस्य है।

रिसर्चर देवांशी कसाना ने कहा कि वह जानती थीं कि यह कुछ असामान्य है। स्‍थानीय मछुआरे ने भी ऐसा जीव पहले कभी नहीं देखा था। देवाांशी कसाना ने अपनी खोज को पीएचडी सलाहकार डेमियन चैपमैन के साथ शेयर किया। चैपमैन ने कहा कि वह काफी हद तक ग्रीनलैंड शार्क की तरह दिखती थी, जिसका वैज्ञानिक नाम सोमनिओसस माइक्रोसेफालस है। कई विशेषज्ञों से सलाह के बाद माना गया कि यह जीव स्लीपर शार्क परिवार से था। 

ग्रीनलैंड शार्क बहुत धीमे मूव करने वाली प्रजातियां हैं। यह आर्कटिक और उत्तरी अटलांटिक महासागरों के ठंडे पानी में देखी जाती हैं। अनुमान लगाया जाता है कि यह 400 साल तक जिंदा रहती हैं। ऐसी संभावना है कि यह प्रजाति पूरी दुनिया में गहरे समुद्र में रह रही हो। फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के अनुसार, जहां इस शार्क की खोज की गई थी, वहां भी पानी की गहराई काफी अधिक थी। यह जगह ग्लोवर के रीफ मरीन रिजर्व वर्ल्ड हेरिटेज साइट का एक हिस्सा है, जो समुद्री संरक्षित क्षेत्र है।

ग्लोवर रीफ एटोल चूना-पत्थर वाले प्‍लेटफॉर्म पर स्थित है। एटोल के किनारों के साथ एक खड़ी ढलान है। यह 1,600 फीट से 9,500 फीट तक गहरी है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, ग्रीनलैंड शार्क को पनपने के लिए ठंडे पानी की जरूरत होती है और बेहद गहराई में वह उस तापमान को हासिल कर पाती है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 10 हजार रुपये सस्ती कीमत में खरीदें Xiaomi का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, जानें कहां मिल रहा भारी डिस्काउंट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Amazon ने 14,000 वर्कर्स की छंटनी से किया इनकार, मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया
  2. BSNL के वर्कर्स की प्रधानमंत्री मोदी से गुहार, सरकारी डिपार्टमेंट्स के लिए अनिवार्य हो कंपनी की 4G सर्विसेज
  3. Moto Razr Fold जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
  4. Vivo T5 Pro 5G की इंडिया एंट्री से पहले प्राइस और स्पेसिफिकेशन्स लीक, 15 अप्रैल को है लॉन्च
  5. WhatsApp पर अब बिना नंबर के होगी चैट, जानें कैसे काम करता है यूजरनेम फीचर
  6. Royal Enfield की पहली इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल इस सप्ताह होगी भारत में लॉन्च
  7. Oppo Find X9s Pro में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  8. जबरन नहीं लेना पड़ेगा डेटा, TRAI के इन नए नियमों से बढ़ेगी टेलीकॉम कंपनियों की टेंशन!
  9. Xiaomi Smart Camera 4 Max AI Zoom Edition खरीद के लिए उपलब्ध, 12MP, 8MP डुअल कैमरा से लैस
  10. Moto G Stylus का नया वर्जन हुआ लॉन्च, Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.