ब्रह्मांड में दिखा ‘भगवान का हाथ’, तस्‍वीर देखकर वैज्ञानिक भी चौंके!

Gods hand : जिस DECam ने इमेज को कैप्‍चर किया, वह चिली में स्थित विक्टर एम. ब्लैंको टेलीस्कोप पर लगा है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 23 जून 2024 21:01 IST
ख़ास बातें
  • डार्क एनर्जी कैमरा ने ली शानदार तस्‍वीर
  • दिखाई दी हाथ फैलाए हुई आकृति
  • यह संरचना गैस और धूल के बादल हैं

गैस और धूल के इन बादलों के कोर में नन्‍हे तारे होते हैं।

Photo Credit: CTIO/NOIRLab/DOE/NSF/AURA

हमारे ब्रह्मांड में दिखने वाली आकृतियां वैज्ञानिकों में उत्‍सुकता जगाती हैं। अंतरिक्ष में मौजूद सबसे बड़ी आब्‍जर्वेट्री जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलीस्‍कोप (JWST) का कमाल कई मौकों पर हमने देखा है। इस दफा डार्क एनर्जी कैमरा (DECam) ने कुछ शानदार इमेजेस की एक सीरीज को कैप्‍चर किया है। इसमें एक सर्पिल आकाशगंगा (spiral galaxy) की ओर हाथ जैसी आकृति दिखाई देती है। इसे गॉड्स हैंड (God's Hand) (भगवान का हाथ) निकनेम दिया गया है। खास बात है कि हाथ फैलाए हुई यह संरचना गैस और धूल के बादल हैं। 

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, जिस DECam ने इमेज को कैप्‍चर किया, वह चिली में स्थित विक्टर एम. ब्लैंको टेलीस्कोप पर लगा है। यह कैमरा डीप स्‍पेस की तस्‍वीरों को कैप्‍चर करता रहता है। बहरहाल, गैस और धूल की ऐसी संरचनाओं को कॉमेटरी ग्‍लोब्‍यूल (cometary globule) कहा जाता है। 

कॉमेटरी ग्‍लोब्‍यूल को सबसे पहले साल 1976 में देखा गया था। हालांकि इन संरचनाओं का धूमकेतुओं से कोई कनेक्‍शन नहीं है। ये अंतरिक्ष में गैस और धूल के घने और सघन (dense) बादल होते हैं, जिनका आकार किसी लंबे, चमकने वाली पूंछ जैसे धूमकेतुओं सा होता है। 

गैस और धूल के इन बादलों के कोर में नन्‍हे तारे होते हैं। किसी भी आकाशगंगा के अंदर जन्‍म लेने वाले तारों के डेवलपमेंट में कॉमेटरी ग्‍लोब्‍यूल अहम भूमिका निभाते हैं। 

‘गॉड्स हैंड' की जो लेटेस्‍ट इमेज सामने आई हैं, उन्‍हें हमारी ही आकाशगंगा में कैप्‍चर किया गया है। यह जगह पृथ्‍वी से 1300 प्रकाश वर्ष दूर 'पुपिस' तारामंडल (Puppi) में है। इसका मेन सिरा धूल से भरा हुआ है और घूमते हुए हाथ जैसा दिखता है। रिपोर्टों के अनुसार, मेन सिरे की लंबाई 1.5 प्रकाश वर्ष तक फैली है, जबकि लंबी पिछला सिरा 8 प्रकाश वर्ष तक फैला है। प्रकाशवर्ष को डिस्‍टेंस के रूप में आप ऐसे समझ सकते हैं कि एक प्रकाश वर्ष वह दूरी है जो प्रकाश यानी लाइट एक साल में तय करता है। इसका सीधा मतलब है कि तस्‍वीर में जो आकृति नजर आ रही है, वह छोटी-मोटी नहीं, हमारी सोच से भी अरबों गुना बड़ी है।
Advertisement

ऐसा लगता है कि यह संरचना अब 100 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर ESO 257-19 (PGC 21338) नाम की एक  सुदूर आकाशगंगा की ओर पहुंच रही है। जिस कैमरे ने आकृति को कैद किया, वह समुद्र तल से 7200 फीट की ऊंचाई पर लगे एक टेलीस्‍कोप में फ‍िट है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. अगर आपके पास ये Xiaomi-Redmi फोन है तो बुरी खबर, कंपनी ने बंद किया सॉफ्टवेयर सपोर्ट
  2. Vivo V70 FE जल्द होगा भारत में लॉन्च, 35,000 रुपये से कम हो सकता है प्राइस
  3. OnePlus 15T में मिलेंगे RAM और स्टोरेज के 5 वेरिएंट्स, जल्द होगा लॉन्च
#ताज़ा ख़बरें
  1. OpenAI के CEO ने AI के चलते डेवलपर्स को कहा अलविदा! वायरल हो रहा पोस्ट
  2. AI आपकी नौकरी लेने को बैठा है तैयार! सर्वे में खुलासा
  3. 8 हजार सस्ता खरीदें Vivo का 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी, 90W चार्जिंग वाला धांसू फोन
  4. Oppo Find X9s Pro में हो सकता है 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, 3C से मिला सर्टिफिकेशन
  5. BYD ने भारत में लॉन्च किया Sealion 7 एनिवर्सरी एडिशन, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस 
  6. Apple को फोल्डेबल आईफोन की जोरदार डिमांड की उम्मीद, 2 करोड़ डिस्प्ले का हो सकता है ऑर्डर
  7. Samsung ने इस Rs 2.7 लाख के फोन की 3 महीने में बंद कर दी सेल! सामने आया कारण
  8. अगर आपके पास ये Xiaomi-Redmi फोन है तो बुरी खबर, कंपनी ने बंद किया सॉफ्टवेयर सपोर्ट
  9. AI स्कैम गैंग्स की हिट लिस्ट में भारत दूसरे नंबर पर, Meta की इस रिपोर्ट में सामने आया पूरा फ्रॉड गेम
  10. Vivo V70 FE जल्द होगा भारत में लॉन्च, 35,000 रुपये से कम हो सकता है प्राइस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.