659 करोड़ रुपये खर्च कर चुके हैं एलन मस्‍क यूक्रेन युद्ध में! जानें किस तरह कर रहे मदद

Elon Musk : एलन मस्क ने कहा कि है स्पेसएक्स, यूक्रेन में उसकी स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस के लिए फंडिंग जारी रखेगी।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 17 अक्टूबर 2022 14:15 IST
ख़ास बातें
  • स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस दे रहे हैं एलन मस्‍क
  • यूक्रेन में इस सर्विस पर अबतक 80 मिलियन डॉलर खर्च हुए
  • कंपनी ने कहा है कि आगे भी फ्री इंटरनेट सर्विस जारी रहेगी

Elon Musk : एलन मस्क ने ट्विटर पर लिखा कि स्टारलिंक अभी भी पैसा खो रहा है और अन्य कंपनियों को करदाताओं के अरबों डॉलर मिल रहे हैं, हम यूक्रेन सरकार को मुफ्त में फंडिंग करते रहेंगे।

रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) सिर्फ 2 देशों के बीच की जंग नहीं है। अमेरिका समेत कई पश्चिमी देश यूक्रेन के साथ खड़े हैं और तमाम तरीकों से उसकी मदद कर रहे हैं। अमेरिका से मदद की बात आती है, तो अरबपति एलन मस्‍क (Elon Musk) का नाम भी इसमें आता है। उनकी कंपनी स्‍टारलिंक (Starlink) रूस के हमले की शुरुआत से ही यूक्रेन को सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस मुहैया करा रही है। यूक्रेन को फ्री सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने में स्‍टारलिंक की पैरंट कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) के कई मिलियन डॉलर खर्च हो चुके हैं। इस बीच एलन मस्क ने कहा कि है स्पेसएक्स, यूक्रेन में उसकी स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस के लिए फंडिंग जारी रखेगी। 

एलन मस्‍क ने ट्विटर पर लिखा कि उनकी कंपनी यूक्रेन को बिना किसी कीमत के स्टारलिंक इंटरनेट सर्विस देना जारी रखेगी। इस महीने की शुरुआत में कंपनी की ओर से बताया गया था कि यूक्रेन को फ्री सैटेलाइट इंटरनेट मुहैया कराने में स्‍पेसएक्‍स के 80 मिलियन डॉलर (लगभग 659 करोड़ रुपये) खर्च हुए हैं। 

एलन मस्क ने ट्विटर पर लिखा कि स्टारलिंक अभी भी पैसा खो रहा है और अन्य कंपनियों को करदाताओं के अरबों डॉलर मिल रहे हैं, हम यूक्रेन सरकार को मुफ्त में फंडिंग करते रहेंगे। मस्क का यह बयान स्पेसएक्स के एक लेटर पर मीडिया में आई रिपोर्ट के बाद आया है। कहा जाता है कि स्‍पेसएक्‍स ने पेंटागन को एक लेटर लिखा था। कंपनी ने कहा था कि यूक्रेन को अब उनकी सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस के लिए भुगतान करना होगा। कंपनी ने पत्र में बताया था कि साल 2022 के बाकी बचे महीनों में यूक्रेन को फ्री सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस देने पर उसे 120 मिलियन डॉलर खर्च करने होंगे और अगले 12 महीनों में यह करीब 400 मिलियन डॉलर पर पहुंच जाएगा।  
 

याद रहे कि इस साल फरवरी में कई स्‍टारलिंक टर्मिनल्‍स को यूक्रेन पहुंचाया गया था। इनकी मदद से स्‍टारलिंक सैटेलाइट से कनेक्‍ट होकर इंटरनेट सर्विस को इस्‍तेमाल किया जा सकता है। इस साल अप्रैल में स्पेसएक्स और USAID ने एक पार्टनरशिप का ऐलान किया था। इसके तहत यूक्रेन को 5,000 स्टारलिंक टर्मिनल दिए गए थे। इनमें से 3,000 से अधिक टर्मिनल सीधे स्पेसएक्स ने दिए थे। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार स्पेसएक्स ने आज तक यूक्रेन में लगभग 20 हजार टर्मिनल लगाए हैं। स्‍पेसएक्‍स की यह सर्विस 110 डॉलर महीने के खर्च पर उपलब्‍ध है। हालांकि भारत में अभी यह सर्विस शुरू नहीं हो पाई है। 
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