80 सेंटीमीटर पूर्व में झुकी पृथ्‍वी, अमेरिका और भारत की ‘प्‍यास’ ने बिगाड़ा बैलेंस!

ज्‍यादातर ग्राउंट वॉटर दुनिया के दो क्षेत्रों- अमेरिका के पश्चिमी इलाके और उत्तर-‍पश्चिमी भारत में इस्‍तेमाल और रिडिस्ट्रिब्‍यूट किया गया है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 19 जून 2023 13:04 IST
ख़ास बातें
  • ग्राउंड वॉटर के बेतहाशा इस्‍तेमाल से पृथ्‍वी पर असर
  • एक नए शोध में आई जानकारी सामने
  • 17 साल में 80 सेंंटीमीटर पूर्व की ओर झुकी पृथ्‍वी

वैज्ञानिकों ने पहले अनुमान लगाया था कि इंसानों ने 1993 से 2010 के बीच महज 17 साल में 2150 गीगाटन ग्राउंट वॉटर निकाला हो सकता है।

आबादी बढ़ने के साथ दुनिया की जरूरतें भी बढ़ रही हैं। पानी ऐसी ही एक प्रमुख जरूरत है। जमीन से पानी निकालने के लिए बोरिंग एक आम उपाय है। कई और तरीकों से भी भूजल का दोहन किया जा रहा है। एक स्‍टडी में कहा गया है कि लोगों की इस आवश्‍यकता ने पृथ्‍वी का मूड बिगाड़ दिया है! इंटरनेशनल रिसर्चर्स के एक ग्रुप ने पाया है कि इंसानों द्वारा ग्राउंडवॉटर की बेतहाशा पंपिंग से हमारी पृथ्‍वी दो दशकों से भी कम वक्‍त में 4.36 सेंटीमीटर/प्रतिवर्ष की स्‍पीड से लगभग 80 सेंटीमीटर पूर्व की ओर झुक गई है। 

यह स्‍टडी जियोफ‍िजिकल रिसर्च लेटर्स में पब्लिश हुई है। स्‍टडी के लीड रिसर्चर की-वेन सेओ का कहना है कि ग्राउंड वॉटर के रिडिस्ट्रिब्‍यूशन से रोटेशनल पोल के बहाव पर सबसे ज्‍यादा असर होता है। स्‍टडी में यह बात भी सामने आई है कि ज्‍यादातर ग्राउंट वॉटर दुनिया के दो क्षेत्रों- अमेरिका के पश्चिमी इलाके और उत्तर-‍पश्चिमी भारत में इस्‍तेमाल और रिडिस्ट्रिब्‍यूट किया गया है। गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा के इलाकों में खेती के लिए बड़े पैमाने पर ग्राउंट वॉटर का इस्‍तेमाल बीते वर्षों में किया गया है।  

इससे पहले वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया गया था कि इंसानों ने 1993 से 2010 के बीच महज 17 साल में 2150 गीगाटन ग्राउंट वॉटर निकाला हो सकता है। यह समुद्र के जलस्‍तर में कम से कम 6 मिलीमीटर की बढ़ोतरी के बराबर है। हालांकि इस अनुमान की पुष्टि करना कठिन है। वैज्ञानिकों का मानना है कि पानी को एक जगह से निकालकर अमूमन नदियों और समुद्रों में ही बहाया जा रहा है।

इस रिसर्च ने भविष्‍य के लिए नए दरवाजे खोले हैं। आने वाले वर्षों में वैज्ञानिकों के लिए यह समझना और आसान होगा कि भूजल के दोहन के कारण पृथ्‍वी किस तरह से रिएक्‍ट कर रही है। बढ़ती आबादी ने पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए ग्राउंड वॉटर का तेजी से और बेतहाशा इस्‍तेमाल किया है। इसके मुकाबले तालाबों और झीलों को पुनर्जीवित करने में कोई भी पक्ष दिलचस्‍पी नहीं दिखा रहा। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. LPG सब्सिडी नहीं आई? घर बैठे ऐसे चेक करें क्या है वजह, ऐसे पता चलेगा स्टेटस
#ताज़ा ख़बरें
  1. Poco X8 Pro सीरीज जल्द होगी लॉन्च, दो मॉडल हो सकते हैं शामिल 
  2. 6,300mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Note 80, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Hisense ने भारत में लॉन्च किए मोबाइल कनेक्टिविटी और AI स्मार्ट मोड वाले नए AC, जानें कीमत
  4. OnePlus 15T में होगा कॉम्पैक्ट डिजाइन, 6.32 इंच फ्लैट डिस्प्ले
  5. 200MP कैमरा और 7000mAh बैटरी वाला Vivo V70 FE लॉन्च, जानें कीमत
  6. Oppo Find N6 जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, AI Pen के लिए मिलेगा सपोर्ट
  7. अंगूठी के साइज में 1TB स्टोरेज! Sandisk का नया USB-C फ्लैश ड्राइव लॉन्च, कीमत Rs 2 हजार से शुरू
  8. Vivo X300s में मिलेगा 6.78 इंच डिस्प्ले, जल्द लॉन्च की तैयारी
  9. e-PAN डाउनलोड के नाम पर आ रहे फर्जी ईमेल, PIB फैक्ट चेक ने किया सावधान, न करें क्लिक
  10. iQOO Z11 का टीजर जारी, 9020mAh की विशाल बैटरी के साथ दमदार गेमिंग फीचर्स से लैस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.