मिस्र में 3,000 साल पुराना बलुआ पत्थर का टुकड़ा पुरातत्वविदों को मिला है।
मिस्र में 3,000 साल पुराना बलुआ पत्थर का टुकड़ा पुरातत्वविदों को मिला है।
Photo Credit: Egyptian Ministry of Tourism and Antiquities (Foxnews)
मिस्र में पुरातत्वविदों ने 3 हजार साल पुराना एक ऐसा पत्थर खोज निकाला है जो एक खोए हुए शहर का सबसे बड़ा सबूत बन सकता है। यह शहर मेसन के नाम से जाना जाता था जो 3000 साल पहले मौजूद हुआ करता था। यह कलाकृति बलुआ पत्थर के रूप में पाई गई है। इसे पूर्वोत्तर मिस्र में सिनाई प्रायद्वीप के पास स्थित एक पुरातात्विक स्थल टेल अबू सैफी में खोजा गया है। Mesen शहर के लिए यह कैसे एक सबूत कहा गया है, आइए जानते हैं विस्तार से।
मिस्र में 3,000 साल पुराना बलुआ पत्थर का टुकड़ा पुरातत्वविदों को मिला है। यह एक ऐसे खोए हुए शहर के बारे में और अधिक जानने में मदद कर सकता है, जो ओल्ड टेस्टामेंट (via) में बताए गए एक प्राचीन रास्ते से जुड़ा था। बलुआ पत्थर शिलालेख मेसन शहर के बारे में अहम सबूत की तरह सामने आया है। इस खोज से यह संभावना बढ़ गई है कि टेल अबू सेफी ही प्राचीन समय में मेसन शहर हुआ करता था।
टेल अबू सेफी में मिले शिलालेख पर मेसन लिखा हुआ है। फॉक्स न्यूज के अनुसार, दरवाजे के ऊपर लगने वाली लिंटेल के एक बड़े टुकड़े पर इसे खोदा गया है। पत्थर दो टुकड़ों में बंटा हुआ है और तीन तरफ से खुदा हुआ है। पत्थर की तीन साइडों पर मिस्र के न्यू किंगडम दौर के एक प्रमुख शासक रामसेस द्वितीय की उपाधियाँ लिखी हुई हैं। रामसेस द्वितीय का नाम आमतौर पर मूसा की कहानी से भी जोड़ा जाता है।
पुरातत्वविदों का अनुमान है कि यह जगह मेसन का प्राचीन खोया हुआ शहर है। यह शहर कभी होरस मिलिट्री रोड के पास बसा था जो कि एक अहम रास्ता होता था। यह रास्ता मिस्र को पूर्वी भूमध्यसागरीय इलाके से जोड़ता था। इतिहास के जानकारों ने इस प्राचीन रास्ते की तुलना 'एक्सोडस' की किताब में बताए गए "फिलिस्तीनियों की जमीन के रास्ते" से की है। पत्थर पर मौजूद एक और शिलालेख मिस्र के देवता होरस को मेसेन शहर का स्वामी बताता है। जानकारी को इस खोज के संबंध में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
शिलालेख की खोज से पुरातत्वविदों को मंदिरों, किलों और प्रशासनिक इमारतों के एक विशाल नेटवर्क को समझने में मदद मिल सकती है। ये सभी संरचनाएँ 'न्यू किंगडम' के उस रणनीतिक रास्ते का हिस्सा थीं, जिसका इस्तेमाल सैनिकों और जरूरी सामानों को लाने-ले जाने के लिए किया जाता था। हालांकि, पत्थर के शिलालेख पर लिखी चीजों से अभी तक यह पुष्टि नहीं की जा सकती है कि टेल अबू सेफी ही प्राचीन शहर मेसन था। अधिकारियों ने कहा है कि मेसन की पहचान को और स्पष्ट तौर पर साबित करने के लिए खुदाई और वैज्ञानिक अध्ययन जारी रहेंगे।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी