सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में दिखा छेद, अब कैसे 3 अंतरिक्ष यात्री स्‍पेस स्‍टेशन से पृथ्‍वी पर वापस आएंगे? जानें

Soyuz Leak : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) और रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) मामले में आगे की जांच कर रही हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 20 दिसंबर 2022 15:40 IST
ख़ास बातें
  • 3 अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्‍वी पर लाना होगी चुनौती
  • एक और सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट को लॉन्‍च किया जा सकता है
  • नासा और रोस्कोस्मोस कर रहे हैं मामले की जांच

Soyuz Leak : रूसी अंतरिक्ष एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्‍या स्‍पेसक्राफ्ट में छेद सूक्ष्‍म उल्‍कापिंडों की वजह से हुआ या फ‍िर यह कोई मैन्‍युफैक्‍चरिंग डिफेक्‍ट है।

इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में पिछले सप्‍ताह बुधवार को एक बड़ी घटना हुई थी। ISS के साथ अटैच्‍ड सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट (Soyuz spacecraft) में कूलेंट लीक होने से हड़कंप मच गया। एक रूसी अधिकारी ने इस घटना की वजह सूक्ष्‍म उल्‍कापिंड (micrometeorites) को बताया था। कहा था कि कोई छोटा उल्‍कापिंड, स्‍पेसक्राफ्ट से टकराया होगा। अब जांच में पता चला है कि सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में एक छोटा सा छेद है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) और रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) मामले में आगे की जांच कर रही हैं। यह छेद 0.8 मिलीमीटर का बताया जा रहा है। 

कूलेंट लीक का पता तब चला था, जब दो रूसी अंतरिक्ष यात्री अपनी स्‍पेसवॉक के लिए तैयार हो रहे थे। दोनों यात्रियों को स्‍पेसवॉक कैंसल करनी पड़ी थी। रोस्कोस्मोस के सर्गेई क्रिकेलेव ने कहा था कि सोयुज एमएस-22 कैप्सूल के रेडिएटर पर उल्कापिंड के गिरने से कूलेंट लीक हुआ हो सकता है। मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। अब जाकर स्‍पेसक्राफ्ट में एक छोटे छेद होने की जानकारी मिली है।  
 

इस काम में इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में तैनात कैनाडर्म 2 रोबोटिक आर्म की मदद ली जा रही थी। उसमें लगे कैमरों की मदद से सोयुज का निरीक्षण किया जा रहा था। रविवार को सर्वे का काम पूरा हुआ, जिसमें कुछ जानकार‍ियां सामने आईं। 

नासा के अधिकारियों ने एक ब्‍लॉग पोस्‍ट में बताया है कि सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट में एक छोटा छेद देखा गया था और छेद के चारों ओर रेडिएटर की सतह पर धब्‍बे भी दिखाई दिए। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्‍या स्‍पेसक्राफ्ट में छेद सूक्ष्‍म उल्‍कापिंडों की वजह से हुआ या फ‍िर यह कोई मैन्‍युफैक्‍चरिंग डिफेक्‍ट है। 
Advertisement

छोटे उल्‍कापिंड, अंतरिक्ष यानों और उन तमाम मिशनों के लिए खतरा हैं, जो अंतरिक्ष में घूम रहे हैं। स्‍पेस में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन, जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप (James Webb Telescope) को भी उल्‍कापिंड की टक्‍कर से नुकसान हो चुका है, हालांकि उसका कोई बड़ा असर टेलीस्‍कोप की क्षमता पर नहीं हुआ है। सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट इस साल सितंबर में लॉन्‍च हुआ था। इसमें सवार होकर दो रूसी और एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में पहुंचे थे।    

अगर यह स्‍पेसक्राफ्ट आगे की उड़ान के लायक नहीं माना जाता, तो तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को धरती पर वापस लाने के लिए कजाकिस्तान से एक और सोयुज स्‍पेसक्राफ्ट को लॉन्‍च किया जा सकता है। मौजूदा वक्‍त में सिर्फ दो स्‍पेसक्राफ्ट ही इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन तक अंतरिक्ष यात्रियों को लाते और ले जाते हैं। इनमें सोयुज और स्‍पेसएक्‍स का एक स्‍पेसक्राफ्ट शामिल हैं। 
Advertisement
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. आधी हो गई Redmi के इस फोन की कीमत, Amazon पर धांसू ऑफर
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone की बैटरी चलेगी पूरा दिन! बस बदल दें ये सेटिंग
  2. Xiaomi Black Shark GS3 Ultra स्मार्टवॉच लॉन्च हुई 1.43 इंच डिस्प्ले, 18 दिन की बैटरी के साथ, जानें खास फीचर्स
  3. आधी हो गई Redmi के इस फोन की कीमत, Amazon पर धांसू ऑफर
  4. Realme ला रही नया टैबलेट Realme Pad 3, होगा 8GB रैम, 5G कनेक्टिविटी से लैस!
  5. Black Friday Sale: iPhone 16 पर सबसे तगड़ा ऑफर! Rs 7 हजार सस्ते में खरीदें
  6. 10 सालों में 30 लाख से ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं खत्म, इन रोल्स पर पड़ेगा AI का असर!
  7. Xiaomi 17 Ultra में 200 मेगापिक्सल के टेलीफोटो कैमरा के साथ हो सकती है ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  8. OnePlus Ace 6T में मिल सकती है 8,300mAh की मेगा बैटरी, 6.83 इंच डिस्प्ले
  9. Realme 16 Pro, Pro Plus फोन में होगी 12GB रैम, 7000mAh बैटरी, डिजाइन हुआ लीक!
  10. Vivo S50 Pro Mini में मिलेगा iPhone Air जैसा डिजाइन, लॉन्च से पहले कंफर्म हुए इस कॉम्पैक्ट फोन के स्पेसिफिकेशन्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.