RBI इस वर्ष जारी कर सकता है डिजिटल करंसीः फाइनेंस मिनिस्टर

क्रिप्टो को लेकर संभावना पर सीतारमण ने कहा बहुत से लोग इसमें काफी संभावना देख रहे हैं और इस वजह से इससे रेवेन्यू भी मिल सकता है

विज्ञापन
Press Trust of India, अपडेटेड: 8 मार्च 2022 20:54 IST
ख़ास बातें
  • डिजिटल करंसी से पेमेंट्स और ट्रांजैक्शंस में आसानी हो सकती है
  • सरकार क्रिप्टो सेगमेंट को लेकर बाद में फैसला करेगी
  • इकोनॉमी में सप्लाई से जुड़ी रुकावटों को दूर करेगी सरकार

क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने पर सरकार बाद में फैसला करेगी

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से जारी डिजिटल करंसी में सरकार को फायदा दिख रहा है। उन्होंने बताया कि RBI इस वर्ष इसे प्रस्तुत कर सकता है। सीतारमण ने बताया कि इस बारे में फैसला विचार-विमर्श करने के बाद किया गया था।

सीतारमण ने कहा, "डिजिटल करंसी का डिजाइन तय करने की जिम्मेदारी RBI को ही दी गई है। हमें RBI की ओर से जारी डिजिटल करंसी में फायदा दिख रहा है क्योंकि मौजूदा दौर में देशों और बड़ी कंपनियों के बीच बल्क पेमेंट्स और बड़ी ट्रांजैक्शंस हो रही हैं और इसे डिजिटल करंसी के जरिए बेहतर तरीके से किया जा सकता है।" 
Advertisement

क्रिप्टो सेगमेंट को रेगुलेट करने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह इस बहस में नहीं पड़ना चाहती कि सरकार को इसे रेगुलेट करना चाहिए या इस पर बैन लगाना चाहिए। इस बारे में विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। सीतारमण ने बताया, "इस पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इस विषय में दिलचस्पी रखने वालों का इसमें हिस्सा लेने के लिए स्वागत है। विचार-विमर्श की प्रक्रिया पूरी होने पर मिनिस्ट्री इस पर आगे बढ़ेगी।" देश में क्रिप्टो को लेकर संभावना पर सीतारमण ने कहा बहुत से लोग इसमें काफी संभावना देख रहे हैं और इस वजह से इससे रेवेन्यू भी मिल सकता है।

सीतारमण ने कहा, "बिजनेस में हर जगह टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चुनौती होगी क्योंकि हमारे पास लेबर अधिक है। हमारे पास स्किल्ड, सेमी स्किल्ड और हाई टेक्नोलॉजी स्किल्ड युवाओं की बड़ी संख्या है।" इस वर्ष के बजट में 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स (DBU) की घोषणा के बारे में उन्होंने बताया कि देश को इनकी जरूरत है। सरकार ऐसे लोगों की तलाश कर रही है जो इसे खोलना चाहते हैं और सरकार इसमें उनकी मदद करेगी। सीतारमण ने कहा कि देश के नागरिकों ने बिजनेस करने के डिजिटल तरीके को अपनाया है और इसके लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। उनका कहना था कि इकोनॉमी में सप्लाई से जुड़ी रुकावटों को दूर करने के साथ ही जनसंख्या के निचले तबके की ओर भी देखने की जरूरत है जो कई मुश्किलों का सामना करता है। यह पक्का करना होगा कि इस तबके की मूलभूत जरूरतें पूरी हों। 
Advertisement

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Samsung Galaxy S26 FE vs Vivo X300 FE vs OnePlus 15: कौन सा फ्लैगशिप मोबाइल रहेगा बेहतर?
#ताज़ा ख़बरें
  1. Dyson CameraJet: आ गया कैमरे वाला टूथब्रश! AI पता लगाएगा कहां है गंदगी, फिर वहीं करेगा सफाई
  2. स्मार्टफोन से भी पतला Power Bank! 8 सितंबर को भारत आ रहा Xiaomi का मैग्नेटिक वायरलेस चार्जिंग वाला पावर बैंक
  3. ताइवानी कंपनी Optoma ने भारत में पेश की 55-98 इंच की प्रोफेशनल डिस्प्ले, जानें कहां होगा इस्तेमाल
  4. SIR Draft List 2026: वोटर लिस्ट में अपना नाम ऐसे करें चेक, अगर कट गया है तो क्या करें? यहां जानें सब कुछ
  5. फर्जी SIM खरीदी, IMEI से छेड़छाड़ किया तो होगी 3 साल की सजा और 50 लाख जुर्माना
  6. एक ही मशीन से फर्श, सोफा और कार की सफाई! Dreame H12 Dual FlexReach भारत में हुआ लॉन्च
  7. boltt के दोनों स्मार्टफोन की सेल आज से शुरू, मिल रहा तगड़ा डिस्काउंट भी
  8. एक मशीन में 2 ड्रम और 34 वॉशिंग मोड्स! Xiaomi की नई Mini Washing Machine हुई लॉन्च
  9. Samsung Galaxy Book6 लैपटॉप लॉन्च, 14 इंच डिस्प्ले के साथ Intel Core 5 प्रोसेसर से लैस
  10. पोर्न ऐप के नाम पर साइबर ठगी, पैसों की लूट, Facebook ऐड से डाउनलोड हो रहे APK फाइल, I4C ने दी चेतावनी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.