रेडिट पर एक यूजर ने बीते सोमवार एक तस्वीर शेयर शेयर की। इस तस्वीर में कथित तौर पर Sony Xperia 10 VII के इन-बॉक्स कंटेंट दिखाए गए हैं, जिनमें ना ही चार्जिंग ब्रिक है और ना ही चार्जिंग केबल, केवल कुछ डॉक्यूमेंट्स और स्मार्टफोन डिवाइस मौजूद हैं।
Photo Credit: Reddit/ @Brick_Fish
USB-C केबल्स को हटाने का सबसे बड़ा तर्क पर्यावरण संरक्षण हो सकता है
स्मार्टफोन कंपनियों ने पहले अपने प्रीमियम स्मार्टफोन बॉक्स में से चार्जिंग ब्रिक्स को हटाया और अब ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले समय में यूजर्स चार्जिंग केबल से भी हाथ धो सकते हैं। हाल ही में Reddit पर एक यूजर ने Sony Xperia 10 VII की बॉक्सिंग को लेकर तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें साफ देखा गया कि फोन के साथ न तो चार्जिंग ब्रिक है और न ही USB-C केबल। यूं तो Sony वर्तमान में स्मार्टफोन मार्केट में बड़ा इन्फ्लुएंसर नहीं है, लेकिन ऐसा हो सकता है कि समय के साथ ये प्रैक्टिस भी स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स का ध्यान अपनी ओर खींच ले।
LinusTechTips के सबरेडिट पर एक यूजर (@Brick_Fish) ने बीते सोमवार एक तस्वीर शेयर शेयर की। इस तस्वीर में कथित तौर पर Sony Xperia 10 VII के इन-बॉक्स कंटेंट दिखाए गए हैं, जिनमें ना ही चार्जिंग ब्रिक है और ना ही चार्जिंग केबल, केवल कुछ डॉक्यूमेंट्स और स्मार्टफोन डिवाइस मौजूद हैं। Sony ने बॉक्स पर इस बदलाव को स्पष्ट रूप से दिखाया है, जिससे ये सिर्फ भूल-चूक नहीं लगता।
यूजर ने लिखा, "मैंने अपनी मां के लिए यह उनके Galaxy S5 Mini के बदले खरीदा था और मुझे यह जानकर थोड़ा अजीब लगा कि हमें अलग से केबल लेनी पड़ेगी। इसे अलग से खरीदना पर्यावरण के लिए निश्चित रूप से बेहतर है। क्या यही आम बात है? मुझे लगा था कि नए फोन कम से कम चार्जिंग केबल के साथ आते हैं और उन्होंने तो चार्जिंग केबल और हेडफोन हटा दिए हैं।"
USB-C केबल्स को हटाने का सबसे बड़ा तर्क पर्यावरण संरक्षण हो सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि अब आने वाले समय में स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स का यह तर्क दे सकते हैं कि "आज लगभग सभी के पास पहले से ही कई केबल्स होती हैं और नई केबल्स के बिना फोन भेजने से ई-वेस्ट कम होने में मदद मिल सकती है।" लेकिन इसके साथ एक और कारण भी जुड़ा है, जो है कंपनियों के लिए लागत में बचत।
फोन बिना एक्सेसरीज भेजने से प्रति डिवाइस कुछ पैसे बच जाते हैं और जब लाखों डिवाइस बेचे जाते हैं, तो ये रकम काफी बड़ी हो जाती है। साथ ही, यूजर्स को प्रीमियम या फर्स्ट-पार्टी केबल्स अलग से खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
हालांकि, हर केबल बराबर नहीं होती। सस्ती या अनसर्टिफाइड USB-C केबल्स धीमी चार्जिंग, खराब कनेक्शन, ओवरहीटिंग और पोर्ट को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कई यूजर्स ने देखा है कि खराब केबल्स लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर फोन के कनेक्टर खराब कर देती हैं। निश्चित रूप से भले ही केबल हटाने का मकसद ई-वेस्ट कम करना है, लेकिन अगर लोग बार-बार सस्ते केबल्स खरीदकर बदलते हैं, तो यह सही मायने में ई-वेस्ट बढ़ा भी सकता है।
इससे पहले Apple ने अपने AirPods मॉडल में USB-C केबल्स को हटाया था और अब Sony भी ऐसा कर रहा है। अगर ये ट्रेंड जारी रहा, तो अन्य स्मार्टफोन ब्रांड्स भी जल्द ही इसी राह पर चल सकते हैं।
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