ग्राहकों को आने वाले समय में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक जैसे स्मार्टफोन, टैबलेट, एलईडी टीवी, लैपटॉप आदि खरीदने के लिए कहीं ज्यादा जेब खाली करनी होगी।
मार्केट में चिप सप्लाई की बहुत कमी है और अभी इसकी पूर्ति होने के आसार नहीं बन रहे हैं। (सांकेतिक फोटो)
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Samsung ने चिप शॉर्टेज को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि अभी 2 साल तक चिप शॉर्टेज ऐसे ही बनी रहने वाली है। मार्केट में चिप सप्लाई की बहुत कमी है और अभी इसकी पूर्ति होने के आसार नहीं बन रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के दाम अभी बढ़ते ही रहने वाले हैं। स्थिति अभी ज्यादा बुरी होने का अनुमान लगाया गया है। ऐसे में ग्राहकों को आने वाले समय में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक जैसे स्मार्टफोन, टैबलेट, एलईडी टीवी, लैपटॉप आदि खरीदने के लिए कहीं ज्यादा जेब खाली करनी होगी। आइए जानते हैं आने वाले समय में चिप शॉर्टेज का क्या होगा कीमतों पर असर।
Samsung Electronics ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी ने चिप प्रॉफिट में 250 गुना की छलांग लगाई है। कंपनी ने कहा है कि उसे दुनिया के कुछ बड़े डेटा सेंटर्स से बहुवर्षीय सप्लाई डील्स प्राप्त हुई हैं। इसका सीधा मतलब बताते हुए कंपनी ने कहा कि 2028 तक अभी चिप की शॉर्टेज यूं ही बनी रहने वाली है, बल्कि स्थिति इससे बुरी ही रहेगी। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, चिप शॉर्टेज अभी खत्म नहीं होने वाली है।
दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी के सकारात्मक नजरिए के बावजूद निवेशकों की चिंता लगातार बनी हुई है। निवेशकों को लग रहा है कि टेक्नोलॉजी कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च करती जा रही हैं, इससे उनकी (निवेशकों की) ग्रोथ में कमी आ सकती है। सैमसंग का शेयर 8.4% तक चढ़ने के बाद 0.7% की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि कंपनी ने अपने प्रतिद्वंद्वी SK Hynix के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया, जो 5.6% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
दक्षिण कोरियाई कंपनी ने दुनिया की पांच सबसे बड़ी डेटा सेंटर कंपनियों के साथ सप्लाई एग्रीमेंट किए हैं। इसी के साथ पांच अन्य बड़ी कंपनियों के साथ भी डील करने के वह काफी करीब है, हालांकि उसने इन कंपनियों के नाम नहीं बताए हैं। कहा जा रहा है कि 2028 से पहले स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है।
हाल ही में सैमसंग के मैमोरी डिविजन के सीनियर मैनेजर किम जीजून ने कहा था कि DRAM का संकट गहराने वाला है। रैम और मैमोरी चिप की डिमांड 2027 में और ज्यादा बढ़ने वाली है और स्थिति और ज्यादा खराब होने वाली है क्योंकि सप्लाई बहुत सीमित है। सप्लाई में कमी के चलते डिवाइसेज की कीमतें लगातार बढ़ती रहेंगी। दूसरी तरफ उन कंपनियों की चांदी हो रही है जो मैमोरी चिप बनाती हैं। 32 जीबी की DDR5 RAM की कीमत पिछले अगस्त में 91 डॉलर थी, जो अब बढ़कर 394 डॉलर हो चुकी है। 2 TB की सैमसंग 990 प्रो M2 SSD फिलहाल 572 डॉलर में भी है, जबकि पिछले साल इसी एसएसडी की कीमत लगभग 119 डॉलर थी। आने वाले दिनों में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट आदि की कीमतों में और ज्यादा आग लगने के संकेत मिल रहे हैं।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी