जासूसी सॉफ्टवेयर Pegasus के जरिए अब अल साल्‍वाडोर के पत्रकारों की हुई निगरानी

सिटीजन लैब ने कहा है कि उसे जुलाई 2020 और नवंबर 2021 के बीच फोन में घुसपैठ के सबूत मिले हैं

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 14 जनवरी 2022 13:07 IST
ख़ास बातें
  • द सिटीजन लैब ने पिछले साल के आखिर में इस कथित हैक का पता लगाया था
  • यह लैब टोरंटो यूनिवर्सिटी में स्पाइवेयर की स्‍टडी करती है
  • एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सिटीजन लैब को जांच में सहयोग दिया

अल साल्‍वाडोर की सरकार ने कहा है कि वह पेगासस डेवलप करने वाली कंपनी NSO ग्रुप टेक्‍नॉलजीज की कस्‍टमर नहीं है।

इजरायल के जासूसी सॉफ्टवेयर ‘पेगासस' (Pegasus) के जरिए भारत में तमाम हस्‍तियों की जासूसी करने का मामला पिछले साल सामने आया था। अब कनाडा के एक रिसर्च इंस्टिट्यूट ने कहा है कि अल साल्वाडोर (El Salvador) में लगभग तीन दर्जन पत्रकारों और एक्टिविस्‍ट के सेल फोन को साल 2020 के मध्य से हैक कर लिया गया है। इनमें एक स्पाइवेयर को इम्‍प्‍लांट किया गया है, जो आमतौर पर सिर्फ सरकारों और लॉ इन्‍फोर्समेंट के लिए ही उपलब्ध है। जिन पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के सेल फोन में जासूसी सॉफ्टवेयर दाखिल कराया गया, उनमें से कई ने भ्रष्‍टाचार के मामलों को सामने लाया है। 

रॉयटर्स के मुताबिक, द सिटीजन लैब ने पिछले साल के आखिर में इस कथित हैक का पता लगाया था। यह लैब टोरंटो यूनिवर्सिटी के मंक स्कूल ऑफ ग्लोबल अफेयर्स में स्पाइवेयर की स्‍टडी करती है। मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने सिटीजन लैब को जांच में सहयोग दिया। 

सिटीजन लैब ने कहा है कि उसे जुलाई 2020 और नवंबर 2021 के बीच फोन में घुसपैठ के सबूत मिले हैं। हालांकि लैब का कहना है कि वह यह नहीं बता सकती कि पेगासस को किसने अल साल्‍वाडोर में पत्रकारों और एक्टिविस्‍ट के फोन में दाखिल कराया। इस सॉफ्टवेयर को दुनियाभर के देशों ने खरीदा है। इनमें से कई ने अपने पत्रकारों की जासूसी करने के लिए इसका इस्‍तेमाल किया है। 

सिटीजन लैब ने अपने निष्कर्षों पर बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की।

वहीं, रॉयटर्स को दिए एक बयान में अल साल्‍वाडोर के राष्‍ट्रपति नायब बुकेले के कम्‍युनिकेशंस ऑफ‍िस ने कहा कि अल साल्वाडोर की सरकार पेगासस डेवलप करने वाली कंपनी NSO ग्रुप टेक्‍नॉलजीज की कस्‍टमर नहीं है। बताया गया है कि सरकार कथित हैकिंग की जांच कर रही है। सरकार ने कहा है कि वह और उसके अधिकारी भी इस जासूसी का शिकार हुए हैं। 
Advertisement

पेगासस जिस भी फोन में दाखिल होता है, वह फोन के एन्क्रिप्टेड मेसेज, फोटो, कॉन्‍टैक्‍ट्स, डॉक्‍युमेंट्स और बाकी संवेदनशील जानकारी चुरा लेता है। 

NSO ग्रुप अपनी क्लाइंट लिस्‍ट को गोपनीय रखता है। उसने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या अल साल्वाडोर एक पेगासस कस्‍टमर था। कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह अपने प्रोडक्‍ट्स को सिर्फ वैध खुफिया एजेंसियों और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों को बेचती है। NSO ने कहा है एक्टिविस्‍ट और पत्रकारों की निगरानी के लिए स्पाइवेयर का दुरुपयोग करने वालों को वह माफ नहीं करती। ऐसा करने वाले कुछ कस्‍टमर्स के कॉन्‍ट्रैक्‍ट भी खत्‍म किए गए हैं। 
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: El Salvador, Pegasus, journalist, Activist, spyware

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Tecno Pop X 5G vs Vivo T5x 5G vs Realme 14T 5G: 20K में कौन सा फोन है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Pad 5 Pro हुआ लॉन्च, 13,380mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. Vivo Y6t हुआ लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. कान के बाहर फिट होंगे ये ईयरबड्स! AI फीचर्स के साथ लॉन्च हुए Oppo Enco Clip 2
  4. Oppo Find X9s Pro फोन आया 200MP कैमरा और 7025mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत
  5. 200 मेगापिक्सल के डुअल कैमरा के साथ लॉन्च हुआ Oppo Find X9 Ultra, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  6. 8,550mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Redmi K90 Max, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  7. Samsung Galaxy S27 Ultra में मिल सकती है ज्यादा कैपेसिटी वाली सिलिकॉन-कार्बन बैटरी
  8. Vivo Y600 Pro में मिल सकता है 6.83 इंच डिस्प्ले, 4 कलर्स के ऑप्शन
  9. Airtel यूजर्स के लिए बुरी खबर! ₹799 प्लान हुआ बंद, ₹859 पैक की कीमत बढ़ी
  10. Redmi का बजट टैबलेट लॉन्च: 7600mAh बैटरी, Dolby Atmos साउंड और 9.7 इंच 2K डिस्प्ले
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.