एक आम यूजर, जो किसी तरह का बिजनेस ट्रांजैक्शन नहीं कर रहा, उसे कोई एक्स्ट्रा पैसा यूपीआई पेमेंट के लिए नहीं देना।
सरकार ने साफ किया है कि P2P ट्रांजैक्शन एकदम से फ्री रहेंगे, चाहे आप 2000 रुपये का ट्रांजैक्शन करें या 20 हजार का!
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UPI पेमेंट पर चार्ज लगने की खबर आने के बाद से आम आदमी समेत उद्योग और धंधों के बीच एक चिंता की लहर पैदा हो गई। हर किसी को इस बात की चिंता सताने लगी कि यूपीआई से पेमेंट करना अब फ्री नहीं रहेगा और हरेक ट्रांजैक्शन पर पैसा देना पड़ेगा। लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि आम आदमी की जेब पर इससे कोई असर नहीं पड़ने वाला है। P2P ट्रांजैक्शन एकदम से फ्री रहेंगे, चाहे आप 2000 रुपये का ट्रांजैक्शन करें या 20 हजार का! आइए जानते हैं विस्तार से, क्या होते हैं P2P ट्रांजैक्शन? और कैसे रहेंगे ये फ्री!
सरकार ने अधिकारिक घोषणा करते हुए यह साफ कर दिया है कि आम आदमी के लिए UPI ट्रांजैक्शन बिल्कुल फ्री रहेंगे। एक आम यूजर, जो किसी तरह का बिजनेस ट्रांजैक्शन नहीं कर रहा, उसे कोई एक्स्ट्रा पैसा यूपीआई पेमेंट के लिए नहीं देना। सरकार ने ऐसे ट्रांजैक्शन को P2P ट्रांजैक्शन, या अंग्रेजी में Peer to Peer Transactions कहा है। यानी ऐसे UPI ट्रांजैक्शन जो एक आम यूजर दूसरे आम यूजर को करता है।
पीअर टू पीअर ट्रांजैक्शन (P2P) में आपके सभी पर्सनल ट्रांजैक्शन भी शामिल हो जाते हैं जो आप अपने दोस्तों, परिवार वालों, जानकारों या अन्य किसी इंसान को करते हैं, जो किसी तरह का बिजनेस या व्यापारिक ट्रांजैक्शन नहीं है। यानी डेली लाइफ में जब आप किसी जानने वाले को पैसे भेजते हो या रिसीव करते हो तो इस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। PIB के अनुसार, UPI के जरिए पैसे भेजने या पाने के लिए लोगों पर कोई ट्रांजैक्शन फीस, कोई प्लेटफार्म फीस या कोई और चार्ज नहीं लगाया जा सकता है। इसलिए, कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का 70% हिस्सा बनाने वाले UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह से MDR फ्रेमवर्क के दायरे से बाहर रहेंगे।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि व्यापारियों को दो हजार रुपये तक के पेमेंट और छोटे व्यापारियों के लिए जीरो मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क के तहत होने वाले ट्रांजैक्शन भी फ्री रहेंगे। इसके परिणामस्वरूप, सभी P2M ट्रांजैक्शन में से लगभग 96 प्रतिशत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंत्रालय ने कहा कि MDR केवल दो हजार रुपये से ज्यादा के खास मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा।
मंत्रालय ने कहा कि MDR न तो कोई टैक्स है और न ही सरकार या नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा वसूला जाने वाला कोई चार्ज है। इसे UPI इकोसिस्टम के कामकाज और इसके लगातार विस्तार में मदद करने के लिए लाया गया है। यानी पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़े लोगों के बीच ही बंटता है जिसमें बैंक और पेमेंट एप्लीकेशन प्रोवाइडर शामिल हैं। NPCI ने कहा है कि ग्राहकों के लिए UPI को मुफ्त रखते हुए, चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट का नया फ्रेमवर्क लागू किया गया है, जो 15 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी