पिछली तिमाही में कंपनी नेट आधार पर 4,258 वर्कर्स को जोड़ा है। पिछले महीने के अंत में TCS के पास कुल 5,98,056 वर्कर्स थे। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर के सेकेंड इंटरिम डिविडेंड की घोषणा की है
पिछले महीने के अंत में कंपनी के पास कुल 5,98,056 वर्कर्स थे
देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का इस वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट वर्ष-दर-वर्ष आधार पर लगभग 15 प्रतिशत बढ़ा है। पिछली तिमाही में TCS ने 13,884 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट हासिल किया है। Tata Group की इस कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सर्विसेज के लिए मजबूत डिमांड मिल रही है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई-सितंबर की अवधि में TCS का ऑपरेशंस से रेवेन्यू वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 11 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 73,188 करोड़ रुपये का रहा है। पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 65,799 करोड़ रुपये का था। पिछली तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन लगभग 24 प्रतिशत और नेट मार्जिन लगभग 19 प्रतिशत का है। TCS के कुल रेवेन्यू में AI से जुड़ी सर्विसेज की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
पिछली तिमाही में TCS की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू लगभग 9.6 अरब डॉलर की है। देश में प्राइवेट सेक्टर में बड़ी संख्या में रोजगार देने वाली कंपनियों में शामिल TCS ने बताया है कि सितंबर तिमाही में उसे बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेगमेंट्स से अधिक ग्रोथ मिली है। पिछली तिमाही में कंपनी नेट आधार पर 4,258 वर्कर्स को जोड़ा है। पिछले महीने के अंत में TCS के पास कुल 5,98,056 वर्कर्स थे। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर के सेकेंड इंटरिम डिविडेंड की घोषणा की है।
TCS कई इंडस्ट्रीज में क्लाइंट्स के साथ AI प्लेटफॉर्म तैयार करने और बिजनेस प्रोसेसेज में AI को इंटीग्रेट करने के लिए कार्य कर रही है। देश में इसने कुछ सॉवरेन AI प्रोजेक्ट्स भी शुरू किए हैं। कंपनी का अनुमान है कि एंटरप्राइसेज में AI एजेंट्स की हिस्सेदारी बढ़ेगी। कंपनी की वर्कफोर्स के समान AI एजेंट्स को लगाया जा सकता है। कुछ महीने पहले कंपनी के चेयरमैन, N Chandrasekaran ने कहा था कि IT इंडस्ट्री के लिए AI एक बहुत महत्वपूर्ण मौका है। यह टेक्नोलॉजी में पिछले बड़े बदलावों से आगे निकल गया है। उन्होंने कहा कि भू-राजनितिक अस्थिरता और इकोनॉमिक उतार-चढ़ाव के बीच कंपनियां एफिशिएंसी, प्रोडक्टिविटी और मजबूती को प्रायरिटी दे रही हैं। इन कोशिशों में AI का महत्व बढ़ा है। चंद्रशेखरन ने बताया था कि AI से सॉफ्टवेयर को डिवेलप और मेंटेन करने का तरीका बदल रहा है। इस प्रोसेस के कई हिस्सों में मानवीय कोशिश की मात्रा कम हुई है।
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