सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने चलती कार को किया हैक

सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने चलती कार को किया हैक
विज्ञापन
अब हाईटेक गाड़ियों का जमाना है। पावरफुल मशीन से इतर ये गाड़ियां इंटरनेट से भी जुड़ी होती हैं, पर इनकी सिक्योरिटी को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं।  

अब दो नामी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि वे इंटरनेट का इस्तेमाल करके चलती हुई गाड़ियों का इंजन स्विच ऑफ कर सकते हैं। इसके बाद से इंटरनेट से कनेक्टेड कार व ट्रक की सेफ्टी को लेकर बहस और तेज हो गई है।

अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) के पूर्व हैकर चार्ली मिलर और IOActive के रिसर्चर क्रिस व्लासेक ने Fiat Chrysler के टेलीमेटिक्स सिस्टम के Uconnect फीचर का इस्तेमाल करके हाईवे पर चल रही एक कार का कंट्रोल का हासिल कर लिया। इस कार को टेक्नोलॉजी न्यूज वेबसाइट Wired.com का एक रिपोर्टर चला रहा था।

इस नियंत्रित टेस्ट के दौरान ने सिक्योरिटी एक्सपर्ट ने Jeep Cherokee के रेडियो को ऑन करने के अलावा कुछ गैर-जरूरी फीचर को भी एक्टिवेट कर दिया। इसके बाद वे कार के इंटरटेनमेंट सिस्टम हार्डवेयर के इम्बेडड कोड को ओवरराइड करने में सफल रहे। इस तरह से उन्होंने स्टीयरिंग, ब्रेक और इंजन का कमांड भी हासिल कर लिया।

मिलर ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा, ''आज की तारीख में सड़क पर कई ऐसी कारें मौजूद हैं, जिनकी सिक्योरिटी पर सवाल उठते हैं।"

वहीं, Fiat Chrysler का कहना है कि उसने सॉफ्टवेयर की कमियों को फिक्स करने के लिए पहले ही कदम उठाया है। नया सॉफ्टवेयर पैच कंपनी की वेबसाइट और डिलरशिप शॉप पर मुफ्त उपलब्ध है।

कंपनी ने कहा, "स्मार्टफोन या टैबलेट की तरह बेहतर सिक्योरिटी प्रोटेक्शन के लिए गाड़ियों के सॉफ्टवेयर के लिए भी अपडेट जरूरी हैं। इन अपडेट के जरिए व्हेकिल सॉफ्टवेयर सिस्टम को ज्यादा प्रोटेक्टेड बनाया जा सकता है।"

मिलर और व्लासेक कई सालों से कार की सेफ्टी के संबंध में काम कर रहे हैं। दोनों का कहना है कि स्मार्ट सिस्टम आने के बाद से ही इन कारों की रिमोट हैकिंग की संभावना ज्यादा बढ़ गई है। इससे पहले भी एक रिसर्च टीम ने दावा किया था कि उसने काफी दूर से एक चलती हुई गाड़ी को हैक कर लिया था। हालांकि, इस ग्रुप ने गाड़ी की कंपनी का नाम और हैकिंग के तरीके की कोई जानकारी नहीं दी।

मिलर और व्लासेक ने बताया कि वे Fiat Chrysler के साथ पिछले साल अक्टूबर से काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कंपनी को एक ऐसा पैच डेवलप करने का सुझाव दिया था, जिससे एक फीचर को डिसेबल किया जा सके जो गलती से ऑन हो गया है। दोनों ही सिक्योरिटी एक्सपर्ट अगले महीने Def Con सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में एक पेपर भी रिलीज करेंगे, जिसमें रिमोट एक्सेस के कुछ कोड भी शामिल होंगे। हालांकि, ये कोड उन गाड़ियों पर काम नहीं करते जिसे अपडेट कर दिया गया है।
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े:
Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टो से इस देश को मिल रहा लाखों डॉलर का टैक्स....
  2. Oppo Find X9 Ultra में मिल सकती है 7,050mAh की बैटरी, जल्द लॉन्च की तैयारी
  3. Infinix Note Edge 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  4. भारत के Medical Dialogues ने जीता Google का JournalismAI इनोवेशन चैलेंज
  5. फोटो और वीडियो में अपने चेहरे से बदल पाएंगे किसी दूसरे का चेहरा, Instagram लेकर आ रहा नया फीचर!
  6. Samsung Galaxy F70e 5G vs Realme P3 Lite 5G vs Vivo Y29 5G: जानें 15 हजार में कौन सा फोन है बेस्ट
  7. Xiaomi 18 में मिल सकता है Snapdragon 8 Elite Gen 6 चिपसेट
  8. Lava Yuva Star 3 लॉन्च, 8GB रैम, 5000mAh बैटरी, कीमत Rs 7,500 से भी कम!
  9. 50 मेगापिक्सल कैमरा, 5260mAh बैटरी के साथ Honor X6d लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  10. Xiaomi 18 के फीचर्स का खुलासा, 200MP पेरीस्कोप टेलीफोटो कैमरा, बड़ी डिस्प्ले से होगा लैस
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »