WhatsApp जासूसी मामला: पत्रकार सहित 90 यूजर्स हुए थे हैकिंग के शिकार, इस इजरायली कंपनी पर लगा आरोप!

ऐसा माना जाता है कि Paragon के हैकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सरकारी ग्राहकों द्वारा किया जाता है और WhatsApp ने कहा कि वह उन ग्राहकों की पहचान करने में सक्षम नहीं है जिन्होंने कथित हमलों का आदेश दिया था।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 4 फरवरी 2025 19:14 IST
ख़ास बातें
  • करीब 100 पत्रकारों और सिविल सोसाइटी के सदस्य बने थे हैकिंग के शिकार
  • Meta के स्वामित्व वाले WhatsApp ने किया दावा
  • हैकिंग के लिए यूज होने वाला स्पाइवेयर इजराइली कंपनी Paragon का था

Photo Credit: Reuters

Meta के स्वामित्व वाले WhatsApp का कहना है कि इजरायली फर्म पैरागॉन सॉल्यूशंस (Paragon Solutions) के स्पाइवेयर द्वारा लगभग 100 पत्रकारों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों को निशाना बनाया गया था। 'जीरो-क्लिक' (zero-click) स्पाइवेयर अटैक ने संभावित रूप से 20 देशों के लगभग 90 यूजर्स को प्रभावित किया। मेटा ने टार्गेटिंग पर "हाई कॉन्फिडेंस" व्यक्त किया, हालांकि हमलावर अज्ञात हैं। WhatsApp ने पहले भारत में 300 सहित 1,400 डिवाइस पर इसी तरह के स्पाइवेयर हमले के लिए एक इजरायली ग्रुप पर मुकदमा दायर किया था। Meta ने स्पाइवेयर कंपनियों की निंदा की और यूजर्स की प्राइवेसी की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता भी जताई। WhatsApp ने Paragon के लिए एक संघर्ष विराम जारी किया है और प्रभावित यूजर्स के लिए सुरक्षा-संबंधित गाइडलाइन्स जारी की है।

द गार्जियन की रिपोर्ट बताती है कि Meta ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि Meta के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp का यूज करने वाले लगभग 100 पत्रकारों और सिविल सोसाइटी के अन्य सदस्यों को हैकिंग सॉफ्टवेयर बनाने वाली इजरायली निर्माता Paragon के स्वामित्व वाले स्पाइवेयर द्वारा टार्गेट किया गया था। WhatsApp ने पब्लिकेशन को बताया कि पत्रकारों और अन्य सदस्यों को उनके डिवाइस के संभावित समझौते के बारे में सचेत किया जा रहा था। इतना ही नहीं, प्लेटफॉर्म ने दावा किया है कि उसे "हाई कॉन्फिडेंस" था कि इनमें से 90 यूजर्स को टार्गेट किया गया था और "संभवतः समझौता किया गया था"।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अटैक के पीछे कौन था। बता दें कि ऐसा माना जाता है कि Paragon के हैकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल सरकारी ग्राहकों द्वारा किया जाता है और WhatsApp ने कहा कि वह उन ग्राहकों की पहचान करने में सक्षम नहीं है जिन्होंने कथित हमलों का आदेश दिया था।

रिपोर्ट आगे बताती है कि एक्सपर्ट्स का कहना हैकि टार्गेटिंग एक "जीरो-क्लिक" अटैक था, जिसका मतलब है कि टार्गेट को संक्रमित होने के लिए किसी भी दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, WhatsApp ने पब्लिकेशन को यह नहीं बताया कि पत्रकार और सिविल सोसाइटी के अमेरिका में स्थित थे और नहीं, तो वे कहां रहते थे।

WhatsApp फिलहाल कथित हैकिंग के विकटिम्स को सूचित कर रही है, जिनसे व्हाट्सऐप द्वारा संपर्क किया जाएगा। Paragon Solutions ने पब्लिकेशन द्वारा पूछे गए प्रश्नों का कथित तौर पर उत्तर देने से इनकार कर दिया है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: WhatsApp, spyware attacks, WhatsApp Spyware
Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 400Hz डिस्प्ले वाला गेमिंग मॉनिटर AOC Agon हुआ लॉन्च, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. 7,040mAh की बैटरी के साथ भारत में लॉन्च हुआ Samsung Galaxy Tab A11+, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  2. 50 मीटर गहरे अंधेरे में भी लेता है फोटो! 12GB रैम, 20,000mAh बैटरी के साथ तगड़ा फोन लॉन्च
  3. Oppo Find X9 का नया 'मखमली लाल' अवतार भारत में लॉन्च, खरीद पर Rs 5 हजार से ज्यादा के बेनिफिट
  4. 400Hz डिस्प्ले वाला गेमिंग मॉनिटर AOC Agon हुआ लॉन्च, जानें कीमत
  5. iPhone की बैटरी चलेगी पूरा दिन! बस बदल दें ये सेटिंग
  6. Xiaomi Black Shark GS3 Ultra स्मार्टवॉच लॉन्च हुई 1.43 इंच डिस्प्ले, 18 दिन की बैटरी के साथ, जानें खास फीचर्स
  7. आधी हो गई Redmi के इस फोन की कीमत, Amazon पर धांसू ऑफर
  8. Realme ला रही नया टैबलेट Realme Pad 3, होगा 8GB रैम, 5G कनेक्टिविटी से लैस!
  9. Black Friday Sale: iPhone 16 पर सबसे तगड़ा ऑफर! Rs 7 हजार सस्ते में खरीदें
  10. 10 सालों में 30 लाख से ज्यादा नौकरियां हो सकती हैं खत्म, इन रोल्स पर पड़ेगा AI का असर!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.