Google के खिलाफ भारत में जांच का आदेश, न्‍यूज पब्लिशर्स ने लगाए हैं आरोप

CCI ने अपने शुरुआती विचार में माना है कि गूगल ने कुछ एंटीट्रस्‍ट कानूनों को तोड़ा था।

Google के खिलाफ भारत में जांच का आदेश, न्‍यूज पब्लिशर्स ने लगाए हैं आरोप

आरोप है कि गूगल ने अपने सदस्यों को फेयर एडवरटाइजिंग रेवेन्‍यू से वंचित रखा।

ख़ास बातें
  • इस मामले में ‘डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन’ शिकायतकर्ता है
  • यह देश की कुछ सबसे बड़ी मीडिया कंपनियों की डिजिटल शाखाओं का एसोसिएशन है
  • इसने कहा है कि गूगल ने फेयर एडवरटाइजिंग रेवेन्‍यू से वंचित रखा
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कॉम्पिटिशन कमिशन ऑफ इंडिया (CCI) ने न्‍यूज पब्लिशर्स की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अल्फाबेट के मालिकाना हक वाले गूगल (Google) की जांच का आदेश दिया है। CCI ने अपने शुरुआती विचार में माना है कि गूगल ने कुछ एंटीट्रस्‍ट कानूनों को तोड़ा था। शुक्रवार को दिए गए अपने आदेश में CCI ने कहा है कि देश में ऑनलाइन सर्च सर्विसेज पर Google का दबदबा है और हो सकता है कि उसने न्‍यूज पब्लिशर्स पर अनुचित शर्तें लगाई हों। गूगल ने इस मामले में अभी कुछ नहीं कहा है। 

रॉयटर्स के मुताबिक, इस मामले में ‘डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन' शिकायतकर्ता है। यह देश की कुछ सबसे बड़ी मीडिया कंपनियों की डिजिटल शाखाओं का एसोसिएशन है। इसने कहा है कि गूगल ने अपने सदस्यों को फेयर एडवरटाइजिंग रेवेन्‍यू से वंचित रखा। CCI के आदेश में कहा गया है कि अच्छी तरह से काम कर रहे लोकतंत्र में न्‍यूज मीडिया द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को कम करके नहीं आंका जा सकता है। ऐसा लगता है कि मार्केट् में अपनी प्रमुख स्थिति का गूगल उपयोग कर रहा है।

Google जैसे ऑनलाइन एग्रीगेटर्स से अपना एडवरटाइजिंग रेवेन्‍यू गंवा रहे समाचार ऑर्गनाइजेशंस ने शिकायत की है कि कई साल से टेक कंपनियां उनकी स्‍टोरीज और दूसरे फीचर्स को बिना पेमेंट दिए सर्च रिजल्‍ट्स में यूज कर रही हैं। CCI के आदेश में ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस में नए नियमों का भी उल्लेख है, जिसके कारण दुनिया भर में अरबों डॉलर के लाइसेंस सौदे गूगल और न्‍यूज ऑर्गनाइजेशंस के बीच हुए हैं। 

बीते कुछ वक्‍त से गूगल के खिलाफ कई देशों से आदेश आए हैं। कुछ दिन पहले ही फ्रांस के डेटा प्राइवेसी वॉचडॉग CNIL ने गूगल पर रिकॉर्ड 150 मिलियन यूरो (लगभग 1,265 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि गूगल ने इंटरनेट यूजर्स के लिए कुकीज (cookies) को अस्‍वीकार करना मुश्किल बना दिया है। CNIL ने कहा है कि मेटा प्लेटफॉर्म्स के फेसबुक पर भी इसी वजह से 60 मिलियन यूरो (लगभग 505 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया गया। वॉचडॉग ने Google के वीडियो-स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का हवाला देते हुए एक बयान में कहा, CNIL ने यह पाया है कि facebook.com, google.fr और youtube.com, कुकीज को इतनी आसानी से मना करने की इजाजत नहीं देती हैं, जितना आसान उन्हें एक्‍सेप्‍ट करना है।
 
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ये भी पढ़े: Google, CCI, probe, News Publishers, ad revenues
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