ट्रेन की गंदी चादरों पर AI का पहरा, IRCTC का सिस्टम सेकेंडों में ढूंढ़ेगा दाग

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को मिलने वाली बेडशीट और लिनेन की क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए AI आधारित स्टेन डिटेक्शन सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 27 जुलाई 2026 10:17 IST
ख़ास बातें
  • AI कैमरे पहचानेंगे बेडशीट पर बचे दाग
  • रेलवे लॉन्ड्री की CCTV से होगी निगरानी
  • फिलहाल तीन डिवीजनों में शुरू हुआ ट्रायल

भारतीय रेलवे ने बेडशीट की सफाई जांचने के लिए AI कैमरों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया

Photo Credit: Pexels/ 天 明

भारतीय रेलवे अब यात्रियों को मिलने वाली बेडशीट और अन्य लिनेन की सफाई जांचने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रहा है। रेलवे ने चुनिंदा डिवीजनों में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत AI कैमरे धुलाई के बाद बेडशीट पर बचे दाग-धब्बों की पहचान करेंगे। इसके अलावा लॉन्ड्री में होने वाली पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य यात्रियों तक अधिक साफ और बेहतर क्वालिटी वाला लिनेन पहुंचाना है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी दी कि फिलहाल यह AI आधारित स्टेन डिटेक्शन सिस्टम सेंट्रल रेलवे के पुणे डिवीजन और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जयपुर व जोधपुर डिवीजन की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में पायलट आधार पर लगाया गया है। इस तकनीक की मदद से धुलाई के बाद चादरों की क्वालिटी का टेस्ट किया जा रहा है।

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CCTV से भी रखी जा रही है नजर

रेलवे ने केवल AI तकनीक ही नहीं अपनाई है, बल्कि देशभर की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में CCTV कैमरे भी लगाए (via NDTV) हैं। इनकी मदद से धुलाई और लिनेन हैंडलिंग के पूरे प्रोसेस की मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं, सफाई की क्वालिटी मापने के लिए पहले से इस्तेमाल हो रहे Whito-Meter इक्विपमेंट्स का यूज भी जारी रहेगा।

AC यात्रियों को क्या मिलता है?

रेल मंत्री के मुताबिक, AC कोच में सफर करने वाले प्रत्येक यात्री को दिए जाने वाले बेडरोल पैक में दो बेडशीट, एक तकिए का कवर और एक हैंड टॉवल शामिल होता है। इनमें से एक बेडशीट सीट पर बिछाने के लिए होती है, जबकि दूसरी कंबल और यात्री के बीच इस्तेमाल की जाती है ताकि कंबल सीधे शरीर के कॉन्टैक्ट में न आए। इस कंबल कवर शीट को हर इस्तेमाल के बाद धोया जाता है।

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कुछ ट्रेनों में ब्लैंकेट कवर भी शुरू

यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने एक और पहल शुरू की है। फिलहाल नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे की ट्रेनों और कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सभी AC यात्रियों को ब्लैंकेट कवर भी दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस सुविधा को यात्रियों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

खराब लिनेन को बदला जाता है

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे के नियमों के तहत बेडशीट, तकिए के कवर और अन्य लिनेन की एक तय उपयोग अवधि होती है। समय-समय पर उनकी स्थिति को जांचा जाता है और जो लिनेन इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाता, उसे निर्धारित नियमों के अनुसार हटाकर नया लिनेन उपलब्ध कराया जाता है।

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