• होम
  • इंटरनेट
  • ख़बरें
  • Apple यूजर्स ध्‍यान दें! हैकर्स आपके iPhone, MacBook, iPad को बना सकते हैं निशाना, सरकार ने दी चेतावनी

Apple यूजर्स ध्‍यान दें! हैकर्स आपके iPhone, MacBook, iPad को बना सकते हैं निशाना, सरकार ने दी चेतावनी

CERT-In Warning : यह वल्‍नरबिलिटी Apple के तमाम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को प्रभावित करती है।

Apple यूजर्स ध्‍यान दें! हैकर्स आपके iPhone, MacBook, iPad को बना सकते हैं निशाना, सरकार ने दी चेतावनी
ख़ास बातें
  • CERT-In ने दी वल्‍नरबिनिटी की जानकारी
  • रिमोट कोड एग्‍जीक्‍यूशन वल्‍नरबिलिटी का चला पता
  • Apple के तमाम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर हो रहे प्रभावित
विज्ञापन
Apple गैजेट्स को आमतौर पर सेफ और सिक्‍योर माना जाता है, लेकिन एक चेतावनी ना सिर्फ आईफोन्‍स बल्कि MacBooks, iPads और हाल में लॉन्‍च हुए Vision Pro हेडसेट को लेकर जारी की गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी (Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) ने चेतावनी दी है कि ऐपल की डिवाइसेज में ‘रिमोट कोड एग्‍जीक्‍यूशन वल्‍नरबिलिटी' है। इसका मतलब है कि हैकर्स इन डिवाइसेज को न‍िशाना बना सकते हैं। यह वल्‍नरबिलिटी Apple के तमाम सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को प्रभावित करती है। CERT-In का कहना है कि हैकर्स रिमोट यानी दूर बैठे ही किसी डिवाइस तक पहुंच हासिल कर सकते हैं और टार्गेट किए गए सिस्‍टम पर मनमाना कोड एग्‍जीक्‍यूट कर सकते हैं। 

CERT-In के अनुसार, यह वल्‍नरबिलिटी 17.4.1 से पहले के iOS और iPad OS वर्जन वाले iPhone और iPad में है। 16.7.7 अपडेट से पहले के iOS और iPad वर्जनों में यह वल्‍नरबिलिटी मौजूद है। ये वर्जन iPhone 8, iPhone 8 Plus, iPhone X, iPad gen 5, iPad Pro 9.7 इंच और  iPad Pro 12.9 इंच gen 1 जैसी डिवाइसेज पर मौजूद हैं। 

CERT-In ने इस मामले को खतरे की ‘हाई' कैटिगरी में रखा है। कहा गया है कि रिमोट कोड एग्‍जीक्‍यूशन वल्‍नरबिलिटी से 17.4.1 से पहले के ऐपल सफारी वर्जन भी प्रभावित होते हैं। ये वर्जन macOS Monterey और macOS Ventura पर उपलब्‍ध हैं। 
 

Apple डिवाइसेज को ऐसे रखें सेफ! 

रिमोट कोड एग्‍जीक्‍यूशन वल्‍नरबिलिटी से बचने के लिए सेफ्टी उपायों को अपनाना जरूरी है। अपने ऐपल स्‍मार्टफोन के iOS और iPad OS को लेटेस्‍ट सॉफ्टवेयर के साथ अपडेट रखें। साथ ही ऐपल के सिक्‍योरिटी पैच को अपडेट करें। जब भी किसी वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्‍ट करें तो सिक्‍योर कनेक्‍शन का इस्‍तेमाल करें। पब्‍लिक वाई-फाई का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए। साथ ही सिक्‍योरिटी के लिए टू फैक्‍टर ऑथेन्टिकेशन को इनेबल करें। अपने डेटा का बैकअप बनाते रहें ताकि किसी भी परिस्‍थति में वह करप्‍ट ना हो।  
 
Comments

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

प्रेम त्रिपाठी

प्रेम त्रिपाठी Gadgets 360 में चीफ सब एडिटर हैं। 10 साल प्रिंट मीडिया ...और भी

Share on Facebook Gadgets360 Twitter ShareTweet Share Snapchat Reddit आपकी राय google-newsGoogle News

विज्ञापन

Follow Us

विज्ञापन

#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 12 5G पर मिल रहा 14 हजार रुपये डिस्काउंट, खरीदने का तगड़ा मौका
  2. Realme GT 7 में होगी 7000mAh से बड़ी बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग के साथ मिलेगी धांसू गेमिंग!
  3. Paytm, Google Pay UPI से पेमेंट करने में आ रही दिक्कत, ये है कारण
  4. Samsung का यह फोन 4 बार फोल्ड होगा! डिटेल हुए लीक
  5. HTC Wildfire E7 सस्ता फोन 6GB रैम, 50MP कैमरा के साथ होगा लॉन्च, फुल स्पेसिफिकेशन लीक
  6. Samsung Galaxy Tab S10 FE, S10 FE+ हुए लॉन्च, 12GB रैम, 90Hz डिस्प्ले के साथ यह है कीमत
  7. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मार्केट में चैम्पियन बनी Bajaj Auto
  8. I4C की मदद से धोखाधड़ी वाली इंटरनेशनल कॉल्स में हुई 97 प्रतिशत की कमी
  9. MG Motor की Windsor EV ने मार्च में बनाया सेल्स का रिकॉर्ड
  10. Garmin Vivoactive 6 स्मार्टवॉच 11 दिनों के बैटरी बैकअप, 80 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स के साथ हुई लॉन्च, जानें कीमत
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2025. All rights reserved.
ट्रेंडिंग प्रॉडक्ट्स »
लेटेस्ट टेक ख़बरें »