NASA ने शेयर की अंतरिक्ष की अनदेखी तस्वीरें, 13 अरब साल में पहला कारनामा, Google ने Doodle से किया सेलिब्रेट

JWST का नाम NASA के दूसरे एडमिनिस्ट्रेटर James E Webb के नाम पर रखा गया है, जिनके नेतृत्व में अपोलो मिशन किया गया था, जिसमें चंद्रमा पर पहली बार इंसानों को उतारा गया था।

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साजन चौहान, अपडेटेड: 13 जुलाई 2022 10:15 IST
ख़ास बातें
  • आज का Google Doodle हमारे ब्रह्मांड को लेकर काफी खास है।
  • गूगल ने स्पेस एंजेसी NASA द्वारा जारी की गई फोटो शेयर की है।
  • यह अब तक का सबसे बड़ा इंटरनेशनल स्पेस मिशन है।

Photo Credit: Google/NASA

आज का Google Doodle हमारे ब्रह्मांड को लेकर काफी खास है। जी हां आज यानी कि बुधवार को गूगल ने स्पेस एंजेसी NASA द्वारा जारी की गई खास ग्राफिक्स वाली वेब स्पेस टेलीस्कोप की फोटो को शेयर किया है जो कि अब तक की सबसे स्पष्ट फोटो बताई जा रही हैं। Google Doodle में एक एनिमेटेड जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) को फोटो लेते हुए दिखाया गया। गूगल ने इस फोटो को स्लाइड डूडल बनाकर दिखाया है।

इसे JWST या वेब के तौर पर भी जाना जाता है जो कि विज्ञान और मानवता के लिए इंजीनियरिंग के मामले में बहुत बड़े कारनामों में से एक है। व्हाइट हाउस में पहली फोटो को पेश करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा कि "यह 13 अरब से पहले के स्पेस के इतिहास में सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं फिर से कहता हूं, 13 अरब साल पहले। हम ऐसा कुछ देख सकते हैं जो कि पहले कभी नहीं देखा गया है। "हम उन जगहों पर जा सकते हैं जहां कोई भी पहले कभी नहीं गया है।" NASA के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने बताया कि "इस प्रकार हम और पीछे जा रहे हैं, क्योंकि यह सिर्फ पहली फोटो है। करीब साढ़े 13 अरब साल पीछे जा रहे हैं। हम जानते हैं कि स्पेस 13.8 अरब साल पुराना है, आप लगभग शुरुआत में वापस जा रहे हैं।"

यह अब तक का सबसे पावरफुल और बड़ा इन्फ्रारेड टेलीस्कोप है जिसे अंतरिक्ष में रखा गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा इंटरनेशनल स्पेस मिशन है। आज उड़ान भरने के 6 माह बाद NASA ने वेब की पहली ऑपेशनल फोटो को बेहद स्पष्टता के साथ पेश किया।

JWST का नाम NASA के दूसरे एडमिनिस्ट्रेटर James E Webb के नाम पर रखा गया है, जिनके नेतृत्व में अपोलो मिशन किया गया था, जिसमें चंद्रमा पर पहली बार इंसानों को उतारा गया था। टेलीस्कोप को 25 दिसंबर, 2021 को फ्रेंच गुयाना, Kourou में गुयाना स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था। पृथ्वी से 1.5 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर अपने ऑर्बिट तक पहुंचने में एक महीने का समय लगा। यह प्रोग्राम नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेटर (NASA), यूरोपीयन स्पेस एजेंसी (ESA) और कैनेडियन स्पेस एजेंसी (CSA) के बीच सहयोग के जरिए पूरा हुआ।
 

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ये भी पढ़े: Google Doodle, NASA, Universe

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