FASTag vs GNSS Toll : फास्‍टैग के बाद अब सैटेलाइट से कटेगा टोल, दोनों में क्‍या फर्क है? जानें

GNSS Toll की खूबी है कि यह वीकल की लोकेशन को ट्रैक करता है और तय की गई डिस्‍टेंस के हिसाब से टोल कैलकुलेट करने के लिए सैटेलाइट के साथ कम्‍युनिकेट करता है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 26 जुलाई 2024 13:54 IST
ख़ास बातें
  • GNSS टोल सिस्‍टम को देश में लॉन्‍च करने की तैयारी
  • सैटेलाइट की मदद से कैलकुुलेट होगा टोल
  • कर्नाटक और हरियाणा के हाइवे से होगी शुरुआत

Photo Credit: metroinfrasys

FASTag vs GNSS Toll : हाल के वर्षों में टोल टैक्‍स देने की प्रक्रिया हाइटेक हुई है। फास्‍टैग ने लोगों का काम आसान किया है। अब टोल नाकों पर छुट्टे के लिए किचकिच नहीं करनी पड़ती और समय पहले से कम लगता है। टोल देने की प्रक्रिया को और एडवांस बनाने की तैयारी कर रही है सरकार। परिवहन मंत्रालय देश के चुनिंदा नेशनल हाइवेज में ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) बेस्‍ड टोल कलेक्‍शन शुरू करने जा रहा है। यह सिस्‍टम मौजूदा FASTag के साथ काम करेगा। 

एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, GNSS सिस्‍टम को लागू करने के लिए कर्नाटक में NH-275 के बंगलूरू-मैसूर सेक्‍शन और हरियाणा में NH-709 के पानीपत-हिसार सेक्‍शन पर पायलट स्‍टडी की गई है। 

नए सिस्‍टम का मकसद टोल कलेक्‍शन की एफ‍िशिएंसी को बढ़ाना और टोल नाकों पर लगने वाली भीड़ को खत्‍म करना है। याद रहे कि नया सिस्‍टम आने के बाद भी फास्‍टैग काम करता रहेगा। आइए जानते हैं दोनों सिस्‍टम कैसे एक-दूसरे से अलग हैं। 
 

FASTag और GNSS Toll में फर्क 

FASTag सिस्‍टम में गाड़‍ियों की विंडशील्‍ड पर एक स्‍टीकर लगाया जाता है, जोकि आरएफआईडी तकनीक से लैस होता है। लोगों को टोल नाकों पर कुछ देर के लिए रुकना पड़ता है। स्‍टीकर के स्‍कैन होने और जरूरी अमाउंट कटने के बाद बैरियर हट जाता है। FASTag की एक जरूरी शर्त है कि लोगों को आरएफआईडी स्‍टीकर में बैलेंस रखना होता है। 

GNSS Toll की खूबी है कि यह वीकल की लोकेशन को ट्रैक करता है और तय की गई डिस्‍टेंस के हिसाब से टोल कैलकुलेट करने के लिए सैटेलाइट के साथ कम्‍युनिकेट करता है। इस सिस्‍टम का मकसद फ‍िजिकल टोल बूथों को खत्‍म करना है, ताकि लोग बिना रुके अपना सफर कर पाएं। इस सिस्‍टम में प्रीपेड के साथ ही पोस्‍टपेड बिलिंग की तैयारी की जा रही है। 
Advertisement

फ‍िलहाल GNSS Toll को फास्‍टैग के समानांतर इस्‍तेमाल किया जाएगा। GNSS Toll सिस्‍टम भविष्‍य के लिए लाया जा रहा है।
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus Nord 6 में हो सकता है Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  2. 8,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Neo 8, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. iOS 27 अपडेट: स्मार्ट AI Siri से लेकर परफॉर्मेंस पर रहेगा फोकस, जानें Apple क्या कुछ करेगा शामिल
  4. Redmi Note 15 Pro 5G सीरीज अगले सप्ताह होगी भारत में लॉन्च, 6,500mAh की बैटरी
  5. कान में डाले बिना म्यूजिक और कॉलिंग! Sony ने लॉन्च किए नए Clip-On LinkBuds Clip, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. भारत के इस राज्य में भी होगा ऑस्ट्रेलिया की तरह 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन!
  2. क्या है किल स्विच फीचर?, भारत सरकार लाने का कर रही विचार, ऑनलाइन स्कैम से करेगा तुरंत बचाव
  3. VinFast की VF6, VF7 इलेक्ट्रिक SUVs को भारत NCAP क्रैश टेस्ट में मिली 5-स्टार रेटिंग
  4. 8,000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Neo 8, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  5. OnePlus Nord 6 में हो सकता है Snapdragon 8s Gen 4 चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  6. एक टच में डिजिटल अरेस्ट, स्कैम से बचाएगा 'Kill Switch', UPI और बैंक ऐप्स में मिलेगा इमरजेंसी बटन
  7. दिल्ली में खुला Apple रिसेलर iNvent का सबसे बड़ा स्टोर, iPhone-Mac पर बंपर डील्स!
  8. Elon Musk की टेंशन बढ़ाने मैदान में उतरे Amazon फाउंडर! सैटेलाइट से इंटरनेट देने वाली सर्विस लॉन्च
  9. iQOO 15 Ultra में मिलेंगे 2 कलर्स के ऑप्शन, ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  10. Sony LinkBuds Clip लॉन्च, दमदार ऑडियो फीचर्स के साथ लंबे समय तक चलेगी बैटरी
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.