क्या Cognizant इस खास सॉफ्टवेयर से कर्मचारियों पर रख रहा है नजर? कंपनी की ओर से आया बड़ा बयान

Cognizant में ProHance टूल की ट्रेनिंग के चलते कर्मचारियों की ट्रैकिंग को लेकर सवाल उठे। कंपनी ने सफाई दी कि यह इंडस्ट्री प्रैक्टिस है और सिर्फ चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में कर्मचारियों की सहमति से होता है।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 18 नवंबर 2025 13:55 IST
ख़ास बातें
  • ProHance ट्रैकिंग पर Cognizant ने दी सफाई
  • टूल सिर्फ क्लाइंट प्रोजेक्ट्स में सहमति से लागू
  • रिपोर्ट में लैपटॉप एक्टिविटी रिकॉर्डिंग के दावे

Cognizant ने दावा किया है कि ट्रैकिंग तभी होती है जब कर्मचारी खुद इसकी मंजूरी देते हैं

Cognizant में कुछ चुनिंदा एग्जीक्यूटिव्स को हाल के दिनों में ProHance नाम के एक वर्कफोर्स मैनेजमेंट टूल की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह वही टूल है जो लैपटॉप पर कर्मचारी कितना समय एक्टिव रहते हैं, कौन–सी ऐप्स या वेबसाइट्स इस्तेमाल करते हैं और कीबोर्ड-माउस एक्टिविटी के आधार पर एंगेजमेंट लेवल को ट्रैक कर सकता है। एक हफ्ते पहले सामने आई इस रिपोर्ट में बताया गया था कि यह टूल पांच मिनट तक कोई एक्टिविटी न होने पर कर्मचारी को ‘आइडल' और 15 मिनट लैपटॉप इनएक्टिव रहने पर ‘अवे फ्रॉम सिस्टम' मार्क कर देता है। 

Mint की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि ट्रेनिंग कोर्स मटेरियल इस बात की सीधे तौर पर पुष्टि भी करता है। हालांकि, अब, Cognizant की ओर से स्टेटमेंट दिया गया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि कंपनी कर्मचारियों की मॉनिटरिंग नहीं कर रही और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

TOI को दिए बयान में कॉग्निजेंट ने बताया कि कंपनी कभी-कभी ऐसे प्रोडक्टिविटी टूल्स का इस्तेमाल करती है, जो इंडस्ट्री में आम प्रैक्टिस मानी जाती है। कंपनी के स्पोक्सपर्सन के अनुसार, ये टूल्स सिर्फ चुनिंदा बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट या इंट्यूटिव ऑपरेशंस एंड ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स में, यूज किए जाते हैं, वो भी क्लाइंट की रिक्वेस्ट पर। कंपनी का कहना है कि इन टूल्स का मकसद कर्मचारियों की व्यक्तिगत परफॉर्मेंस जांचना नहीं, बल्कि क्लाइंट के प्रोसेस की स्टेप्स और टाइम मैट्रिक्स को समझकर प्रोसेस डिजाइन की खामियां पहचानना है। 

साथ ही, कंपनी ने यह भी दावा किया है कि ट्रैकिंग तभी होती है जब कर्मचारी खुद इसकी मंजूरी देते हैं और उन्हें यह भी बताया जाता है कि इसका परफॉर्मेंस इवैल्यूएशन से कोई लेना-देना नहीं है।

ProHance के डैशबोर्ड कथित तौर पर मिनट-दर-मिनट वर्किंग विजिबिलिटी देते हैं, जैसे लॉगइन टाइम, कौन-सी ऐप्स एक्टिव रहीं, कितना समय किस टास्क में गया और ब्रेक पैटर्न कैसे रहे। इससे मैनेजमेंट को पता लगता है कि वर्कफ्लो में कहां बॉटलनेक्स हैं और किन जगहों पर ऑप्टिमाइजेशन की जरूरत है।

Cognizant का कहना है कि ऐसा ट्रैकिंग सेटअप कई कंपनियों में होता है और यह कोई नया या असामान्य कदम नहीं है। कंपनी के अनुसार, जिन प्रोजेक्ट्स में इसका इस्तेमाल होता है, उन्हें पहले ही बताया जाता है कि उनका डेटा प्रोसेस मैपिंग के लिए देखा जाएगा, न कि उनकी जॉब सिक्योरिटी या टीम कम्पोजिशन को प्रभावित करने के लिए। कंपनी का दावा है कि इस पूरे मामले को गलत तरीके से इंटरप्रेट किया जा रहा है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Cognizant, ProHance, Employees
Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ट्रैफिक और भीड़ में भी क्लियर कॉल, WhatsApp में नया फीचर!
  2. 9 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Samsung का 200MP कैमरा वाला फ्लैगशिप फोन, देखें डील
#ताज़ा ख़बरें
  1. ट्रैफिक और भीड़ में भी क्लियर कॉल, WhatsApp में नया फीचर!
  2. Paytm का बड़ा अपडेट, बिना कार्ड ATM से पैसे निकालें और बिना PIN करें पेमेंट!
  3. एक चार्जर से लैपटॉप, फोन, टैबलेट सब चार्ज! Stuffcool Zeno 100W चार्जिंग स्टेशन भारत में लॉन्च
  4. TVS Motor के iQube, Orbiter इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की सेल्स 44 प्रतिशत बढ़ी
  5. 14 अप्रैल को आ सकता है Oppo F33 Pro, कीमत और स्पेसिफिकेशन्स लीक
  6. WhatsApp Web से करोड़ों की ठगी, CEOs के नाम पर बड़ा साइबर स्कैम!
  7. Infinix Note 60 Pro में मिलेगा 50 मेगापिक्सल 'Ultra Clear' प्राइमरी कैमरा
  8. Redmi A7 Pro 5G होगा 13 अप्रैल लॉन्च, फीचर्स और डिजाइन का हुआ खुलासा, जानें सबकुछ
  9. Apple के फोल्डेबल आईफोन में क्रीज घटाने के लिए हो सकता है 3D प्रिंटेड हिंज का इस्तेमाल
  10. Census 2027: जनगणना के नाम पर स्कैम का खतरा, यहां जानें 33 सवालों की पूरी लिस्ट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.