Chrome चला रहे हो तो हो जाओ सावधान! एक गलती और सिस्टम हो जाएगा हैक, यहां जानें बचने का तरीका

CERT-In ने Google Chrome में कई गंभीर सिक्योरिटी बग्स का खुलासा किया है जो यूज़र्स के सिस्टम को खतरे में डाल सकते हैं। ये बग्स V8 JavaScript इंजन, Extensions और Autofill जैसे कॉम्पोनेंट्स में पाए गए हैं।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 31 अक्टूबर 2025 17:26 IST
ख़ास बातें
  • CERT-In ने Google Chrome में High-Risk Vulnerabilities की चेतावनी जारी की
  • पुराने Chrome वर्ज़न पर अटैक और डेटा चोरी का खतरा बढ़ा
  • तुरंत Chrome अपडेट कर वर्जन 142.0.7444.60 या आगे पर जाने की सलाह

यह खतरा Windows और macOS के लिए Google Chrome 142.0.7444.59/60 से पुराने वर्जन पर मौजूद है

Photo Credit: Gadgets 360

भारत की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने Google Chrome के डेस्कटॉप वर्जन में कई गंभीर खामियों को लेकर नई सिक्योरिटी एडवाइजरी जारी की है। यह चेतावनी 30 अक्टूबर को जारी किए गए CIVN-2025-0288 नोटिस के तहत दी गई है। इन बग्स का फायदा उठाकर हैकर्स किसी यूजर को एक खास तरीके से तैयार की गई वेबसाइट पर ले जाकर सिस्टम पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं या निजी डेटा चुरा सकते हैं। चलिए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

किन वर्जन पर है खतरा?

CERT-In की रिपोर्ट के अनुसार, यह खतरा Google Chrome 142.0.7444.59 से पहले के वर्जन (Linux) और 142.0.7444.59/60 से पुराने वर्जन (Windows और macOS) पर मौजूद है। यानी अगर आपका Chrome अब तक अपडेट नहीं हुआ है, तो सिस्टम हाई-रिस्क जोन में आ सकता है। CERT-In ने इन खामियों को “High Severity” कैटेगरी में रखा है।

कहां पाई गई हैं ये कमजोरियां?

Chrome के कई कॉम्पोनेंट्स जैसे V8 JavaScript Engine, Extensions, Autofill, Media और Omnibox में ये कमजोरियां मिली हैं। इनमें Type Confusion, Use-After-Free और Object Lifecycle Flaws जैसे इश्यू शामिल हैं। इन बग्स का यूज करके कोई अटैकर मनमाना कोड चला सकता है, सिक्योरिटी बायपास कर सकता है या सिस्टम पर अनऑथराइज्ड एक्सेस पा सकता है। उसके लिए अटैकर को केवल यूजर को किसी फेक वेबसाइट पर क्लिक करवाना होगा।

Photo Credit: CERT-In

क्या हो सकता है नुकसान?

CERT-In का कहना है कि अगर इन बग्स का एक्सप्लॉइट किया गया तो Arbitrary Code Execution, Spoofing Attack या System Compromise जैसे खतरे सामने आ सकते हैं। यानी आपका सिस्टम पूरी तरह से अटैकर के कंट्रोल में जा सकता है या पर्सनल इंफॉर्मेशन चोरी हो सकती है। इन कमजोरियों को CVE-2025-12429 से लेकर CVE-2025-12447 तक के CVE IDs के तहत ट्रैक किया जा रहा है।

कैसे करें अपने Chrome को सिक्योर?

CERT-In ने सभी यूजर्स को तुरंत Chrome अपडेट करने की सलाह दी है। इसके लिए बस कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करें;

  • Chrome खोलें
  • टॉप-राइट मेन्यू में जाएं और Help > About Google Chrome पर क्लिक करें
  • ब्राउजर अपने आप लेटेस्ट 142.0.7444.60 या उससे आगे का वर्जन डाउनलोड कर लेगा
  • अपडेट के बाद Chrome को रिस्टार्ट करें।

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ये भी पढ़े: CERT In, Chrome, Google Chrome, Google Chrome Vulnerability
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