Byju's पर लगा बच्चों, उनके अभिभावकों के फोन नंबर खरीदने और उन्हें धमकाने का आरोप

NCPCR ने फर्म के CEO, Byju Raveendran को स्टूडेंट्स के लिए कोर्सेज को गलत जानकारी देकर बेचने के आरोप में जवाब देने के लिए 23 दिसंबर को बुलाया है

विज्ञापन
Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 20 दिसंबर 2022 21:32 IST
ख़ास बातें
  • इन कोर्सेज के लिए भुगतान करने के बाद कस्टमर्स को रिफंड नहीं मिल सकता
  • आयोग का कहना है कि फर्म को अभिभावकों से कई शिकायतें मिल रही हैं
  • इससे पहले भी कुछ एडुटेक फर्मों पर ऐसे आरोप लगे हैं

Byju's कोर्सेज के लिए कस्टमर्स पर लोन वाले एग्रीमेंट करने का दबाव डाल रही है

राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग (NCPCR) ने एडुटेक फर्म Byju's पर बच्चों और उनके अभिभावकों के फोन नंबर खरीदने और उन पर फर्म के कोर्स खरीदने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। NCPCR ने फर्म के CEO, Byju Raveendran को स्टूडेंट्स के लिए कोर्सेज को गलत जानकारी देकर बेचने के आरोप में जवाब देने के लिए 23 दिसंबर को बुलाया है। 

NCPCR के प्रमुख ने कहा, "हमें पता चला है कि Byju's बच्चों और उनके अभिभावकों के फोन नंबर खरीद रही है और उन्हें कोर्स खरीदने के लिए धमका रही है। हम कार्रवाई करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो इस बारे में सरकार को रिपोर्ट दी जाएगी।" एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर NCPCR ने कदम उठाया है। इसमें बताया गया था कि फर्म की सेल्स टीम अभिभावकों को अपने कोर्सेज खरीदने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। इस बारे में NCPCR ने एक स्टेटमेंट में कहा, "आयोग को एक मीडिया रिपोर्ट मिली है जिसमें बताया गया है कि फर्म की सेल्स टीम अपने कोर्सेज खरीदने के उद्देश्य से अभिभावकों को खींचने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। इसमें यह भी कहा गया है कि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी और वित्तीय नुकसान होने का दावा किया है।" 

स्टेटमेंट में मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि Byju's कोर्सेज के लिए कस्टमर्स पर लोन वाले एग्रीमेंट करने का दबाव डाल रही है। इन कोर्सेज के लिए भुगतान करने के बाद कस्टमर्स को रिफंड नहीं मिल सकता। आयोग का कहना है कि फर्म को अभिभावकों से कई शिकायतें मिल रही हैं लेकिन वह इसे लेकर कुछ नहीं कर रही। 

कानून के तहत, NCPCR के पास किसी मामले की सुनवाई करने के लिए एक दीवानी अदालत की सभी शक्तियां हैं। इनमें किसी व्यक्ति को समन देना, शपथपत्र पर प्रमाण को प्राप्त करना, किसी अदालत या कार्यालय से कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड का निवेदन करना और गवाहों या दस्तावेजों की जांच करना शामिल हैं। आयोग ने इस मामले में रवीन्द्रन से व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर जानकारी देने को कहा है। आयोग का कहना है कि अगर रवीन्द्र बिना किसी वैध कारण के पेश होने से इनकार करते हैं तो इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Transactions, Report, NCPCR, Byjus, Market, courses, Payment, Edutech, Phone, Law, Startup

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Xiaomi 17T vs Vivo X300 FE vs OnePlus 15: किस फोन में मिलती है ज्यादा वैल्यू? यहां देखें पूरा कंपैरिजन
  2. 10,000mAh बैटरी वाला फोन खरीदना है? Realme के इस मोबाइल पर मिल रही है जबरदस्त डील
  3. Vivo X Fold 6 में हो सकती है 6,900mAh की बैटरी, 3C पर हुई लिस्टिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. Maruti Suzuki Wagon R Flex Fuel: मारुति लाई देश की पहली ऐसी कार जो इथेनॉल पर भी दौड़ेगी!
  2. भारत में लॉन्च हुई Green SM इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस, VinFast के EVs का होगा इस्तेमाल
  3. Philips, Braun को टक्कर देने ग्रूमिंग मार्केट में उतरा boAt, लॉन्च की Slazer सीरीज, कीमत ₹799 से शुरू
  4. Instagram Plus Launched: अब बिना Seen हुए देख सकेंगे Story, पैसे देकर मिलेंगे कई नए फीचर्स
  5. Vivo X Fold 6 में हो सकती है 6,900mAh की बैटरी, 3C पर हुई लिस्टिंग
  6. OnePlus प्रोडक्ट्स खरीदने की इच्छा? स्मार्टफोन, टैबलेट और ईयरफोन्स पर मिल रहा भारी डिस्काउंट!
  7. इस स्टार्टअप का AI आपके काम नहीं आया तो मिलेंगे 95 करोड़ रुपये!
  8. Google Chrome में छिपे हैं आपके पुराने पासवर्ड, ऐसे करें चेक
  9. 10,000mAh बैटरी वाला फोन खरीदना है? Realme के इस मोबाइल पर मिल रही है जबरदस्त डील
  10. अब प्रेग्नेंसी बताएगी आपकी घड़ी, Apple के नए AI मॉडल ने कर दिखाया कमाल!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.