सरकार ने UPI के नियमों में कुछ बदलाव किया है, जिसको लेकर लोगों को मन में सवाल यह है कि क्या अब यूपीआई पेमेंट फ्री नहीं रहेगा।
Photo Credit: Pexels/SRIPADA STUDIOS
सरकार ने UPI के नियमों में कुछ बदलाव किया है।
सरकार ने UPI के नियमों में कुछ बदलाव किया है, जिसको लेकर लोगों को मन में सवाल यह है कि क्या अब यूपीआई पेमेंट फ्री नहीं रहेगा, क्या UPI से पेमेंट करने पर लोगों को चार्ज देना होगा। हालांकि, सरकार ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को (P2P) पर्सन टू पर्सन पैसा ट्रांसफर करता है तो इस पर कोई भी चार्ज नहीं लगाया जाएगा। इसका मतलब साफ है कि आम लोगों को यूपीआई पेमेंट करने पर कोई भी भुगतान नहीं देना होगा। इसके अलावा अधिकतर छोटे व्यपारियों पर इसका कोई असर नहीं होगा। यहां हम हर उस सवाल का जवाब दे रहे हैं जो लोगों के मन में यूपीआई को लेकर उठ रहे हैं।
एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को पैसा ट्रांसफर करने पहले के जैसा ही फ्री रहेगा, यानी कि पर्सन टू पर्सन (P2P) ट्रांजेक्शन पर कोई भी चार्ज नहीं लगाया जाएगा। चाहे आप कितना भी पैसा ट्रांसफर करना चाहे, कोई भी चार्ज नहीं लगेगा। सरकार के अनुसार, यूपीआई के जरिए 70 प्रतिशत ट्रांजेक्शन P2P पेमेंट के लिए ही किए जाते हैं।
P2P पेमेंट का मतलब है कि एक व्यक्ति द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति को सीधे तौर पर (पर्सन टू पर्सन) पैसा ट्रांसफर करना होता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप अपने भाई या किसी मित्र को पैसा ट्रांसफर करते हैं तो यह पीटूपी ट्रांजेक्शन में आता है। यह पहले की तरह की फ्री रहने वाला है।
अगर आप किसी दुकानदार (यानी कि मर्चेंट) को किसी खरीदारी के लिए ₹2000 तक पेमेंट करते हैं तो इस पर कोई भी एमडीआर नहीं लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि न तो ग्राहक को कोई चार्ज देना है और न ही दुकानदार को कोई चार्ज देना होगा। साफ तौर पर ₹2000 तक ट्रांजेक्शन पर कोई भी चार्ज दुकानदार को भी नहीं देना पड़ेगा।
अगर कोई ग्राहक किसी दुकानदार या व्यापारी को जब भी यूपीआई से भुगतान करता है तो इसे पर्सन टू मर्चेंट पेमेंट (P2M) कहते हैं। अगर आप ग्रोसरी शॉप से कोई खरीदारी करते हैं या पेट्रोल पंप पर भुगतान करते हैं तो इसे (P2M) ट्रांजेक्शन कहा जाता है। भुगतान करने वाला पर्सन आप और जिसको भुगतान किया गया वो मर्चेंट होता है।
अगर ग्राहक ₹2,000 से ज्यादा का मर्चेंट ट्रांजेक्शन करते हैं तो इस पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि इसका भुगतान ग्राहक को नहीं करना होगा, बल्कि दुकान को यह चार्ज देना होगा। सरकार ने बैंकों को साफ कर दिया है कि इस चार्ज का अर ग्राहकों पर नहीं होना चाहिए।
MDR यानी कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट को साफ तौर पर समझा जाए तो यह डिजिटल पेमेंट पर लगने वाला मर्चेंट से संबंधित चार्ज होता है।
उदाहरण के तौर पर अगर आप दुकानदार से खरीदारी करते हैं और ₹10,000 का भुगतान किया तो नियम के तहत लगने वाला 0.4% एमडीआर है। ऐसे में कुल एमडीआर ₹40 होगा, लेकिन यह चार्ज ग्राहकों को नहीं देना होगा। एमडीआर का बोझ किसी भी तरह से ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा।
यह चार्ज मर्चेंट को चुकाना होगा और ग्राहक से यह ₹40 का चार्ज नहीं लिया जाएगा।
सरकार ने MDR के तहत लगने वाला चार्ज की अधिकतम लिमिट तय की है, वैसे तो MDR 0.4 प्रतिशत तय हुआ है। चाहे 1 लाख का भुगतान किया जाए, लेकिन एमडीआर की लिमिट ₹300 तक अधिकतम तय की गई है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कुछ जरूरी सेवाओं के लिए सरकार ने एमडीआर के लिए अलग नियम लगाए हैं। जैसे कि ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर भी फ्लैट ₹5 का एमडीआर लगेगा। इसमें रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन पेट्रोल-डीजल और खेती से संबंधित इनपुट आदि।
यह ₹5 का एमडीआर भी ग्राहकों को नहीं बल्कि मर्चेंट को देना होगा।
म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डिलर से संबंधित पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत एमडीआर लगाया जाएगा। हालांकि, इसकी भी अधिकतम लिमिट ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन तक तय की गई है।
सरकार ने छोटे मर्चेंट को इस चार्ज से बाहर ही रखा है। जैसे कि स्ट्रीट वेंडर, मोहल्ले की दुकान और अन्य छोटे व्यापारी को P2M की कैटेगरी में रखा गया है और उनकी यूपीआई क्यूआर कोड के जरिए महीने में ₹1 लाख तक पेमेंट आती है तो उन्हें जीरो एमडीआर देना होगा।
सरकार इस प्रकार छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त डिजिटल पेमेंट लागत नहीं लगाना चाहती है।
रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन पेट्रोल-डीजल और खेती से संबंधित इनपुट के लिए ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर फ्लैट ₹5 का एमडीआर लगेगा।
जो स्ट्रीट वेंडर, मोहल्ले की दुकान और अन्य छोटे व्यापारी P2M की कैटेगरी में है और उनकी UPI क्यूआर कोड के जरिए महीने में ₹1 लाख तक पेमेंट आती है तो उन्हें जीरो एमडीआर देना होगा।
म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डिलर से संबंधित पेमेंट पर 0.02 प्रतिशत एमडीआर लगाया जाएगा।
अगर ग्राहक ₹2,000 से ज्यादा का मर्चेंट ट्रांजेक्शन करते हैं तो इस पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Apple Watch Series 12
Starts from ₹56,900
Samsung Galaxy Watch Ultra 2
Starts from ₹64,999
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm, LTE)
Starts from ₹41,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm, LTE)
Starts from ₹38,999
Samsung Galaxy Watch 9 (40mm)
Starts from ₹37,999
Samsung Galaxy Watch 9 (44mm)
Starts from ₹40,999
iPhone में बिना फोटो-वीडियो डिलीट किए, स्टोरेज कैसे करें खाली, जानें
India vs Afghanistan: भारत और अफगानिस्तान के बीच T-20 आज, जानें कब और कहां देखें लाइव प्रसारण
Vivo X500 Pro, Vivo X500 Pro Max में मिलेगा नया MediaTek Dimensity 9600 Pro चिपसेट