Crypto मार्केट में उथल पुथल के बीच किसको हो रहा फायदा

Bitcoin और अन्य क्रिप्टोकरेंसीज इस वर्ष की शुरुआत से काफी गिरी हैं या एक रेंज में कारोबार कर रही हैं

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 15 जून 2022 08:49 IST
ख़ास बातें
  • इस ट्रेडिंग में कई मार्केट्स और एक्सचेंजों के एक्सेस की जरूरत होती है
  • एल्गोरिद्म का इसमें बड़ा योगदान रहता है
  • हेज फंड्स जैसी फर्में ही इससे प्रॉफिट कमा सकती हैं

हेज फंड विभिन्न देशों और एक्सचेंजों के बीच प्राइस में अंतर से मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं

पिछले कुछ महीनों से क्रिप्टो मार्केट में वोलैटिलिटी बहुत अधिक रही है। इससे बहुत से इनवेस्टर्स को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। Bitcoin और अन्य क्रिप्टोकरेंसीज इस वर्ष की शुरुआत से काफी गिरी हैं या एक रेंज में कारोबार कर रही हैं। इससे खरीद और बिक्री करने वाले सामान्य इनवेस्टर के पास बिक्री करने या तेजी आने का इंतजार करने के अलावा ज्यादा विकल्प नहीं है।

हालांकि, इनवेस्टर्स का एक वर्ग गिरावट के इस दौर में भी मुनाफा कमा रहा है। यह वर्ग हेज फंड जैसे आब्रिट्राजर्स का है, जो विभिन्न देशों और एक्सचेंजों के बीच प्राइस में अंतर से मुनाफा कमाने की कोशिश करते हैं। ब्रिटेन की Nickel Digital Asset Management के को-फाउंडर और CEO Anatoly Crachilov ने बताया, "मई में मार्केट में बड़ी गिरावट आने पर हम 0.40 प्रतिशत फायदे में थे।" आब्रिट्राज ट्रेडिंग में किसी एसेट को एक स्थान पर कम प्राइस में खरीदकर किसी अन्य स्थान पर अधिक प्राइस पर बेचा जाता है। इसमें एसेट की मात्रा में कोई बदलाव किए बिना प्राइस में अंतर का फायदा उठाया जाता है। 

ट्रेडिंग का यह तरीका निश्चित तौर पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए नहीं है। इसमें कई मार्केट्स और एक्सचेंजों के एक्सेस की जरूरत होती है और इसके साथ ही एल्गोरिद्म का इसमें बड़ा योगदान रहता है। इस वजह से बड़े हेज फंड्स जैसी फर्में ही इससे प्रॉफिट कमा सकती हैं। क्रिप्टो हेज फंड्स के लिए यह सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली स्ट्रैटेजी है। K2 Trading Partners ने बताया कि एल्गोरिद्म का इस्तेमाल करने वाले उसके क्रिप्टो आब्रिट्राज फंड का रिटर्न इस वर्ष लगभग 1 प्रतिशत रहा है जबकि बिटकॉइन में इस वर्ष अभी तक लगभग 31 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

बहुत से मार्केट्स में आब्रिट्राज कई वर्षों से एक लोकप्रिय स्ट्रैटेजी रहा है लेकिन कुछ वर्ष पहले शुरू हुए क्रिप्टो सेगमेंट में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसका कारण दुनिया भर में कड़े रेगुलेशंस के बिना सैंकड़ों एक्सचेंज का होना है। K2 Trading Partners के CEO Hugo Xavier ने बताया कि इस प्रकार की ट्रेडिंग में क्रिप्टो एक्सचेंजों के बीच इंटरकनेक्टिविटी की कमी से फायदा होता है। इससे प्राइसेज में अंतर मिलता है और आब्रिट्राज के मौके बनते हैं। हालांकि, एक्सचेंज के सिस्टम में गड़बड़ी जैसी स्थितियों में नुकसान भी हो सकता है। 
 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Profit, Regulation, Bitcoin, Investors, Exchanges, Market

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola का फ्लिप फोन हुआ 43 हजार से भी ज्यादा सस्ता, यहां गिरी जबरदस्त कीमत
  2. Kodak के सस्ते TV भारत में 32, 40, और 43 इंच साइज में लॉन्च, Rs 10,999 से शुरू कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Motorola का फ्लिप फोन हुआ 43 हजार से भी ज्यादा सस्ता, यहां गिरी जबरदस्त कीमत
  2. Samsung Galaxy S27 Pro, S27 Ultra में मिल सकता है अबतक का सबसे धांसू कैमरा! फीचर्स लीक
  3. Xiaomi Clip ओपन ईयर ईयरबड्स लॉन्च, 38 घंटे चलेगी बैटरी, जानें फीचर्स
  4. Xiaomi Smart Band 10 Pro हुआ लॉन्च, AMOLED स्क्रीन, 2000 निट्स, HRV फीचर से लैस!
  5. Oppo Find X9 Ultra vs Vivo X300 Ultra vs Xiaomi 17 Ultra: कौन सा फ्लैगशिप फोन है बेस्ट?
  6. Vivo Y600 Turbo के जल्द लॉन्च की तैयारी, 9,020mAh हो सकती है बैटरी
  7. Kodak के सस्ते TV भारत में 32, 40, और 43 इंच साइज में लॉन्च, Rs 10,999 से शुरू कीमत
  8. Xiaomi 17 Max हुआ लॉन्च, 200MP ट्रिपल कैमरा, 8000mAh बैटरी के साथ, जानें सबकुछ
  9. Google के महंगे फोन जैसे डिजाइन में HMD Thunder Pro होगा लॉन्च! 50MP डुअल कैमरा का खुलासा
  10. X पर ब्लॉक हुई Cockroach Janata Party, कुछ घंटों बाद बना नया अकाउंट
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.