साइबर क्रिमिनल्‍स के निशाने पर DeFi, 2021 में 1.3 बिलियन डॉलर का नुकसान

DeFi सिस्टम के कमजोर होने की एक वजह यह थी कि ये ब्लॉकचेन नेटवर्क के बजाए रेगुलेटेड सर्वर पर काम कर रहे थे।

विज्ञापन
राधिका पाराशर, अपडेटेड: 13 जनवरी 2022 12:04 IST
ख़ास बातें
  • डीसेंट्रलाइज्‍ड फाइनेंस (DeFi) अभी भी सेंट्रलाइज्‍ड नेटवर्क पर निर्भर हैं
  • जिस वजह से इनमें सेंध लगाना साइबर क्रिमिनल्‍स के लिए आसान हो रहा है
  • 2021 में भी साइबर क्रिमिनल्‍स ने DeFi में सेंध लगाई

DeFi, फाइनेंशियल प्रोडक्‍ट्स को एक पब्लिक ब्लॉकचेन नेटवर्क पर प्रदर्शित करने की इजाजत देता है।

डीसेंट्रलाइज्‍ड फाइनेंस (DeFi) सेक्‍टर अभी भी सेंट्रलाइज्‍ड नेटवर्क पर निर्भर हैं, जिस वजह से इनमें सेंध लगाना साइबर क्रिमिनल्‍स के लिए आसान हो रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2021 में भी साइबर क्रिमिनल्‍स ने DeFi प्रोटोकॉल वाले सेंट्रलाइज्‍ड नेटवर्क में सेंध लगाई। इसकी वजह से 1.3 बिलियन डॉलर (लगभग 9,606 करोड़ रुपये) से ज्‍यादा का नुकसान झेलना पड़ा। DeFi, फाइनेंशियल प्रोडक्‍ट्स को एक पब्लिक ब्लॉकचेन नेटवर्क पर प्रदर्शित करने की इजाजत देता है। यह सेंट्रल बैंक द्वारा रेगुलेट नहीं है।

एक नई रिपोर्ट में ब्लॉकचेन रिसर्च फर्म CertiK ने कहा है कि DeFi हैक के 44 मामलों की वजह से पिछले साल 1.3 बिलियन डॉलर (लगभग 9,606 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ।

DeFi सिस्टम के कमजोर होने की एक वजह यह थी कि ये ब्लॉकचेन नेटवर्क के बजाए रेगुलेटेड सर्वर पर काम कर रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंट्रलाइजेशन, DeFi के एथिक्‍स के विपरीत है और सिक्‍योरिटी रिस्‍क पैदा करता है। इसका इस्‍तेमाल करके ना सिर्फ डेडिकेटेड हैकर्स, बल्कि इनसाइडर्स भी DeFi में सेंध लगाते हैं।   

DeFi सिस्टम में से ज्‍यादातर ईथीरियम ब्लॉकचेन पर बनाए गए हैं। इनका मकसद फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए एक ऑटोनॉमस और डीसेंट्रलाइज्‍ड ऑप्‍शन देना है। 
Advertisement

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2021 तक DeFi सेक्‍टर ने करीब 60 अरब डॉलर (4,43,310 करोड़ रुपये) हासिल किए।

वहीं, एनालिटिक्स फर्म ImmuneFi की एक स्‍टडी में दावा किया गया है कि पिछले एक साल में 10 बिलियन डॉलर (लगभग 73,885 करोड़ रुपये) से ज्‍यादा की DeFi हैकिंग और इससे जुड़े स्‍कैम हुए हैं। हालांकि रिसर्चर्स का यह भी मानना है कि DeFi सेक्टर और सेफ होगा, क्‍योंकि इसका वर्कलोड सर्वर से ब्‍लॉकचेन नेटवर्क पर शिफ्ट हो रहा है। 
Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में DeFi सेक्‍टर को हुआ नुकसान क्रिप्टो के कुल बाजार पूंजीकरण का सिर्फ 0.05 प्रतिशत है। क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट 3 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 2,15,66,720 करोड़ रुपये) के पूंजीकरण तक बढ़ गया है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। 
Advertisement

गौरतलब है कि पिछले महीने ही डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोटोकॉल में एक हैक की वजह से 12 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था। डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोटोकॉल Badger DAO पर एक हैक अटैक के कारण 12 करोड़ डॉलर (लगभग 900 करोड़ रुपये) की कीमत के Bitcoin और Ethereum का नुकसान हुआ। अटैक का पता नवंबर में चला था। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo X500 में मिल सकती है बड़ी स्क्रीन, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  2. 20 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Google Pixel 10, ये प्लेटफॉर्म दे रहा तगड़ा डिस्काउंट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  2. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  3. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  4. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  5. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  6. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  7. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
  8. PUBG के बाद अब ARC Raiders गेम का जलवा, बिक्री पहुंची 1.6 करोड़ पार!
  9. Vivo X500 में मिल सकती है बड़ी स्क्रीन, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  10. Redmi K100 Pro Max में होगा धांसू कैमरा, दमदार चिपसेट! सितंबर में संभव लॉन्च
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.