क्रिप्टो माइनिंग से रूस की करेंसी रूबल में आ रही मजबूती

सेंट्रल बैंक ऑफ रशिया (CBR) ने माना है कि रूबल में आ रही तेजी के पीछे बिटकॉइन माइनिंग का भी असर है। पिछले वर्ष रूस में क्रिप्टो माइनिंग को रेगुलेट किया गया था

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 21 दिसंबर 2025 22:22 IST
ख़ास बातें
  • इस वर्ष रूस की करेंसी Ruble में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी आई है
  • रूबल में तेजी के पीछे क्रिप्टो माइनिंग को बड़ा कारण बताया जा रहा है
  • पिछले वर्ष रूस में क्रिप्टो माइनिंग को रेगुलेट किया गया था

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रूबल में तेजी आ रही है

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टो का सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही क्रिप्टो माइनिंग में भी बढ़ोतरी हुई है। रूस की करेंसी Ruble में आ रही मजबूती के पीछे क्रिप्टो माइनिंग को एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। सेंट्रल बैंक ऑफ रशिया (CBR) ने माना है कि रूबल में आ रही तेजी के पीछे बिटकॉइन माइनिंग का भी असर है। 

CBR की चीफ, Elvira Nabiullina ने बताया कि रूबल में तेजी के पीछे क्रिप्टो माइनिंग की ताकत भी शामिल है। हालांकि, इसके साथ ही उनका कहना था कि इसके असर का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि क्रिप्टो माइनिंग का एक बड़ा हिस्सा रेगुलेटेड नहीं है क्योंकि इसमें अवैध तौर पर माइनिंग करने वालों की बड़ी हिस्सेदारी है। पिछले वर्ष रूस में क्रिप्टो माइनिंग को रेगुलेट किया गया था। इस वर्ष की शुरुआत में एक अमेरिकी डॉलर की वैल्यू 110 रूबल से कुछ अधिक की थी। यह घटकर 80 रूबल से कुछ अधिक की है। 

हाल ही में रूस के प्रेसिडेंट Vladimir Putin के प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े फंड का अनुमान लगाना मुश्किल है। इस वजह से रूबल के लिए सही पूर्वानुमान नहीं दिया जा सकता है। उनका कहना था कि रूस के लिए क्रिप्टो माइनिंग एक छिपा हुआ एक्सपोर्ट बन गया है और इससे देश के फॉरेन एक्सचेंज मार्केट पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया था, "हमारे पास एक नया एक्सपोर्ट आइटम क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग है। इसकी वैल्यू का अनुमान लगाना मुश्किल है।" 

इंटरनेशनल लेवल पर क्रिप्टोकरेंसी की माइनिंग में ईरान चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है। अमेरिका और कुछ अन्य देशों के प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान में क्रिप्टो मार्केट से लगभग 1.3 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में तेहरान प्रॉविंस इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के CEO, Akbar Hasan Beklou के हवाले से बताया गया था कि ईरान में लगभग 4.27 लाख माइनिंग डिवाइसेज को ऑपरेट किया जा रहा है। इससे एक दिन में 1,400 मेगावॉट से अधिक इलेक्ट्रिसिटी की खपत हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी के कम प्राइसेज की वजह से अवैध माइनिंग करने वालों को फायदा हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग के खिलाफ अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत तेहरान प्रांत में गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग करने वाले 104 फार्म को पकड़ा गया है और 1,465 माइनिंग डिवाइसेज जब्त किए गए हैं। 
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