क्रिप्टो मार्केट में गिरावट के बीच अपनी होल्डिंग्स बेच रहे Bitcoin माइनर्स

क्रिप्टो एक्सचेंजों पर माइनर्स की ओर से की जाने वाली बिक्री 7 जून के बाद से तेजी से बढ़ी है। इससे मार्केट में सेंटीमेंट नेगेटिव होने का संकेत मिल रहा है

विज्ञापन
अपडेटेड: 28 जून 2022 16:02 IST
ख़ास बातें
  • चीन ने पिछले वर्ष बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी थी
  • कुछ अन्य देशों में भी बिटकॉइन माइनिंग पर पाबंदियां लगी हैं
  • क्रिप्टो माइनर्स के पास बिटकॉइन की बड़ी होल्डिंग होती है

क्रिप्टो माइनर्स के पास लगभग 8 लाख बिटकॉइन हैं

मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin के प्राइसेज में गिरावट आने और कुछ अन्य कारणों से बिटकॉइन माइनर्स अपनी क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स बेच रहे हैं। क्रिप्टो एक्सचेंजों पर माइनर्स की ओर से की जाने वाली बिक्री 7 जून के बाद से तेजी से बढ़ी है। इससे माइनर्स के अपनी क्रिप्टो होल्डिंग्स बेचकर फंड जुटाने का संकेत मिल रहा है।

Reuters की रिपोर्ट में Arcane Research के एनालिसिस के हवाले से बताया गया है कि लिस्टेड बिटकॉइन माइनिंग फर्मों ने मई में बिटकॉइन की वैल्यू 45 प्रतिशत घटने के कारण अपने पूरे आउटपुट से अधिक की बिक्री की है। Arcane के एनालिस्ट Jaran Mellerud ने कहा, "माइनिंग में प्रॉफिट घटने के कारण माइनर्स को मई में अपने आउटपुट से 100 प्रतिशत से अधिक की बिक्री करनी पड़ी है। जून में स्थिति और खराब हुई है, जिसका मतलब है कि वे और बिक्री कर सकते हैं।" बिटकॉइन माइनर्स कंप्यूटर्स के नेटवर्क चलाकर ब्लॉकचेन्स पर ट्रांजैक्शंस को वैलिडेट करते हैं जिससे उन्हें टोकन हासिल होते हैं। इन माइनर्स के पास बिटकॉइन की बड़ी होल्डिंग होती है। 

CoinMetrics के डेटा के अनुसार, माइनर्स के पास लगभग 8 लाख बिटकॉइन हैं। पिछले वर्ष बिटकॉइन की वैल्यू तेजी से चढ़ने के कारण क्रिप्टो माइनिंग करने वालों की संख्या भी बढ़ी थी। हालांकि, इससे मार्जिन में कमी आई है। ये माइनर्स के लिए नेगेटिव संकेत है।" एनर्जी की कॉस्ट बढ़ने से भी माइनर्स पर असर पड़ा है। एक अनुमान के अनुसार, बिटकॉइन माइनर्स की एनर्जी की खपत फिलिपींस की कुल खपत से अधिक है। 

बहुत से देशों में बिटकॉइन माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत से एनवायरमेंट को होने वाले नुकसान को लेकर विरोध भी हो रहा है। चीन ने पिछले वर्ष बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी थी। कुछ अन्य देशों में भी बिटकॉइन माइनिंग पर पाबंदियां लगी हैं। ईरान ने हाल ही में इलेक्ट्रिसिटी की कमी होने के कारण माइनिंग पर तीन महीने की रोक लगाई थी। रूस जैसे कुछ देशों में क्रिप्टो माइनिग को बढ़ावा भी दिया जा रहा है। भारत में केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वह क्रिप्टो माइनिंग के लिए इक्विपमेंट और अन्य कॉस्ट पर टैक्स डिडक्शन की अनुमति नहीं देगी। देश में क्रिप्टो ट्रांजैक्शंस पर टैक्स भी लागू किया गया है।  

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Crypto, Mining, Bitcoin, Government, Market, Electricity
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 15 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का यह फ्लैगशिप फोन, 50MP के तीन कैमरा
  2. AI Impact Summit: डेटा के बाद अब AI को सस्ता बनाएगा Reliance Jio, 10 लाख करोड़ का होगा निवेश
  3. 120W चार्जिंग के साथ 2026 के टॉप स्मार्टफोन! OnePlus 15, IQOO 13 समेत जानें पूरी लिस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. AI नहीं सीखा तो प्रमोशन कैंसल? Accenture ने स्टाफ का AI यूज ट्रैक करना शुरू किया
  2. 120W चार्जिंग के साथ 2026 के टॉप स्मार्टफोन! OnePlus 15, IQOO 13 समेत जानें पूरी लिस्ट
  3. टैबलेट या लैपटॉप? Xiaomi भारत में लॉन्च करने वाला है नया डिवाइस, शेयर किया टीजर वीडियो
  4. Bitcoin का प्राइस 50,000 से नीचे गिरने की आशंका, Peter Schiff ने दी चेतावनी
  5. Poco X8 Pro और Poco X8 Pro Max में मिल सकती है 1.5K OLED स्क्रीन
  6. Tata Punch EV फेसलिफ्ट हुई लॉन्च: 468km रेंज, वेंटिलेटेड सीट्स और सनरूफ भी! जानें सभी वेरिएंट्स की कीमत
  7. 6 ग्रहों की परेड का दिखेगा नजारा! सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर भी होगा शामिल, नोट कर लें दिन और समय
  8. Realme P4 Lite 4G भारत में लॉन्च: जानें 6300mAh बैटरी और Pulse Light डिजाइन वाले बजट फोन की कीमत
  9. Amazfit T Rex Ultra 2: टाइटेनियम बॉडी और 6 सैटेलाइट GPS वाली नई स्मार्टवॉच हुई लॉन्च, जानें कीमत
  10. Lava Bold N2 vs Samsung Galaxy F07 vs Moto G06 Power: Rs 8 हजार के अंदर कौन बेहतर?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.