अफगानिस्तान में पुलिस ने बंद कराए क्रिप्टो एक्सचेंज

अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक ने जून में फॉरेन एक्सचेंज की ट्रेडिंग पर रोक लगाई थी। इसी के तहत क्रिप्टो ट्रेडिंग को भी प्रतिबंधित किया गया है

विज्ञापन
आकाश आनंद, अपडेटेड: 26 अगस्त 2022 09:31 IST
ख़ास बातें
  • अफगानिस्तान में लगभग तीन महीने पहले क्रिप्टो ट्रेडिंग पर प्रतिबंध लगा था
  • क्रिप्टो एक्सचेंजों को बंद कराने के दौरान कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं
  • पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान की इकोनॉमी कमजोर हुई है

तालिबान के नियंत्रण करने के बाद अफगानिस्तान में क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल बढ़ा था

पिछले एक वर्ष से तालिबान की सरकार के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान में पुलिस क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों को बंद कर रही है। अफगानिस्तान में लगभग तीन महीने पहले क्रिप्टो ट्रेडिंग पर प्रतिबंध लगाया गया था। पुलिस ने पिछले सप्ताह हेरात प्रांत में कम से कम 16 क्रिप्टो एक्सचेंजों को बंद किया है। 

स्थानीय मीडिया की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इन एक्सचेंजों को बंद करने के दौरान कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। अफगानिस्तान के सेंट्रल बैंक ने जून में फॉरेन एक्सचेंज की ट्रेडिंग पर रोक लगाई थी। इसी के तहत क्रिप्टो ट्रेडिंग को भी प्रतिबंधित किया गया है। हेरात मनी एक्सचेंजर्स यूनियन के प्रमुख Ghulam Mohammad Suhrabi ने कहा, "इस्लामिक कानून के तहत फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए कोई निर्देश नहीं है। इसी वजह से हमने इस पर प्रतिबंध लगाया है। डिजिटल करेंसी एकाउंट्स देश के बार हैं और डिजिटल करेंसीज को फर्मों से खरीदा जाता है। हमारे लोगों को इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है और इस वजह से इनका इस्तेमाल नहीं करना बेहतर है।" 

प्रतिबंध को लेकर सेंट्रल बैंक ने कहा था कि इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी मामला चलाया जाएगा। सेंट्रल बैंक ने बताया था कि उसने ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए कोई लाइसेंस जारी नहीं किए हैं और इस वजह से इस तरह की एक्टिविटीज गैर कानूनी हैं। तालिबान के नियंत्रण करने के बाद अफगानिस्तान में क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल बढ़ा था। विदेश से रेमिटेंस प्राप्त करने की सुविधा देने वाली फर्मों के अफगानिस्तान से बाहर निकलने के कारण रेमिटेंस प्राप्त करना मुश्किल हो गया था। इस वजह से क्रिप्टोकरेंसीज के इस्तेमाल में बढ़ोतरी हुई थी। अल जजीरा ने मार्च में एक रिपोर्ट में बताया था कि अफगानिस्तान में क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के लिए एक वॉट्सऐप ग्रुप है जिसके हेरात में 13,000 से अधिक सदस्य हैं।

अफगानिस्तान में पश्चिमी देशों से सहायता प्राप्त करने में क्रिप्टोकरेंसीज से काफी मदद मिली थी। विदेश में मौजूद कुछ संगठनों ने सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल किया था। पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान की इकोनॉमी कमजोर हुई है। विदेश से मिलने वाली सहायता में कमी से इकोनॉमी पर बड़ा असर पड़ा है। बहुत सी फर्मों के अफगानिस्तान में कामकाज बंद करने से बेरोजगारी भी बढ़ी है और लोगों के लिए मूलभूत जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

ये भी पढ़े: Crypto, Trading, Exchange, Afghanistan, Economy, Remittance, Law, Forex

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Google का फ्लैगशिप स्मार्टफोन हुआ 13 हजार से भी ज्यादा सस्ता, ऐसे खरीदें
  2. Oppo Reno 15 सीरीज के भारत में लॉन्च से ठीक पहले लीक हुई कीमत, फैंस के हाथ लग सकती है निराशा!
#ताज़ा ख़बरें
  1. सस्ता चाहिए फोन और टैबलेट तो Flipkart Republic Day Sale दे रही मौका, गणतंत्र दिवस के मौके पर बंपर बचत
  2. iPhone 17e में मिल सकता है OLED पैनल, MagSafe सपोर्ट! लॉन्च से पहले फीचर्स लीक
  3. गजब का सोलर चार्जर, डिवाइस को चार्ज करने के लिए आपके आगे-पीछे घूमेगा, जहां दिखेगी अच्छी धूप वहां करेगा खुद को चार्ज
  4. घर बैठै कैसे चेक करें अपने वाहन का PUC, वैध है या नहीं?
  5. Excitel का ये प्लान चलेगा पूरे साल, अनलिमिटेड इंटरनेट, 12 OTT ऐप्स के साथ गजब फायदे
  6. Amazfit Active Max स्मार्टवॉच भारत में लॉन्च होगी 25 दिन बैटरी के साथ, जानें फीचर्स
  7. 365 दिनों तक डेली 2.5GB, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, Free AI, JioHotstar के साथ बेस्ट Jio प्लान
  8. Google का फ्लैगशिप स्मार्टफोन हुआ 13 हजार से भी ज्यादा सस्ता, ऐसे खरीदें
  9. OnePlus 15T में हो सकती है 7,500mAh की बैटरी, डुअल 50 मेगापिक्सल कैमरा
  10. बिटकॉइन स्कैमः 150 करोड़ रुपये के Bitcoin मामले में राज कुंद्रा की बढ़ी मुश्किल
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.