Chandrayaan 4 : अब चंद्रमा से मिट्टी लाने की तैयारी में ISRO, शुरू किया चंद्रयान-4 मिशन! जानें डिटेल

Chandrayaan 4 : अपकमिंग चंद्रयान मिशन की लैंडिंग भी चंद्रयान-3 की तरह होगी। हालांकि उसका केंद्रीय मॉड्यूल, चांद की परिक्रमा करने वाले मॉड्यूल के साथ उतरने के बाद वापस आ जाएगा।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 20 नवंबर 2023 12:10 IST
ख़ास बातें
  • इसरो कर रहा चंद्रयान-4 मिशन की तैयारी
  • चांद की मिट्टी के सैंपलों को पृथ्‍वी पर लाने की लक्ष्‍य
  • चंद्रयान-3 से बिलकुल अलग होगा मिशन

इसरो को उम्‍मीद है कि अगले 5 से 7 साल में मिशन हो जाएगा सफल।

Chandrayaan 4 : भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने चंद्रयान-3 मिशन की कामयाबी के बाद इसके अगले भाग की तैयारी शुरू कर दी है। प्रोजेक्‍ट जिसे चंद्रयान-4 कहा जा रहा है, उसका मकसद चांद से मिट्टी के सैंपलों को वापस पृथ्‍वी पर लाना है। अगर भारत अपने मिशन में कामयाब होता है, तो दुनिया के उन चुन‍िंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जो दूसरे ग्रहों और उपग्रहों से सैंपल पृथ्‍वी पर लाने के लिए काम कर रहे हैं। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुणे में स्‍पेस ऐप्लिकेशन सेंटर (SAC) के डायरेक्‍टर नीलेश देसाई ने यह जानकारी दी है। 

रिपोर्ट के अनुसार, नीलेश ने कहा कि अपकमिंग चंद्रयान मिशन की लैंडिंग भी चंद्रयान-3 की तरह होगी। हालांकि उसका केंद्रीय मॉड्यूल, चांद की परिक्रमा करने वाले मॉड्यूल के साथ उतरने के बाद वापस आ जाएगा। साथ ही री-एंट्री मॉड्यूल, चंद्रमा की मिट्टी के सैंपलों के साथ लौट आएगा। 

नीलेश ने मिशन से जुड़ी अहम जानकारी देते हुए कहा कि अगले 5 से 7 साल में हम चांद की सतह से सैंपल कलेक्‍ट करने की चुनौती को पूरा कर लेंगे। उन्‍होंने बताया कि यह मिशन चंद्रयान-3 से ज्‍यादा कठिन होगा। एक ओर जहां चंद्रयान-3 में 30 किलो का रोवर था, वहीं चंद्रयान-4 में 350 किलो का हैवी रोवर चांद की सतह पर लैंड करेगा। जिस इलाके में मिशन को लैंड कराया जाएगा, उसकी खोज अभी बाकी है। यह करीब 1 किलोमीटर का दायर हो सकता है।  

चंद्रयान-4 मिशन में दो रॉकेटों की मदद ली जा सकती है। इससे पता चलता है कि मिशन कितना कठिन होने वाला है। भारतीय स्‍पेस एजेंसी ने जापान की स्‍पेस एजेंसी के साथ मिलकर भी एक मून मिशन को लॉन्‍च करने की योजना बनाई है। इस पर काम किया जा रहा है। चंद्रयान-3 मिशन की कामयाबी ने भारत को अंतरिक्ष की दुनिया में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। 

भारत दुनिया का पहला देश है,‍ जिसने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अपना मिशन लैंड कराया है। हम दुनिया के चौथे देश बने हैं, जिनका मिशन चांद पर उतरा है। 
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi Note 15 5G से लेकर Realme 16 Pro सीरीज तक, कल लॉन्च होंगे ये 3 बड़े स्मार्टफोन
  2. सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक
  3. Top Smartphones Under 10K (2026): बजट 10 हजार? ये हैं अभी खरीदने लायक नए स्मार्टफोन
  4. iPhone 18 Pro का इंतजार? कीमत कर सकती है मायूस, ये है बड़ी वजह
  5. Oppo A6 Pro 5G हुआ 50MP कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
  6. Vivo X200T जल्द होगा भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. Zomato CEO के माथे में क्या लगा था? इस दिमाग पढ़ने वाले डिवाइस ने सोशल मीडिया पर छेड़ दी बहस
  2. Vivo X200T जल्द होगा भारत में लॉन्च, BIS पर हुई लिस्टिंग
  3. LG ने पेश कर दिया दुनिया का सबसे पतला स्मार्ट टीवी, घर पर देगा सिनेमा वाला फील
  4. सरकारी अस्पतालों में AI की एंट्री, आम से गंभीर बिमारियों का पता लगाएगा देश का पहला AI क्लिनिक
  5. Oppo A6 Pro 5G हुआ 50MP कैमरा, 7000mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें सबकुछ
  6. iQOO 15 Ultra के जल्द लॉन्च की तैयारी, Snapdragon 8 Elite Gen 5 हो सकता है चिपसेट
  7. Redmi Note 15 5G से लेकर Realme 16 Pro सीरीज तक, कल लॉन्च होंगे ये 3 बड़े स्मार्टफोन
  8. Samsung ने CES 2026 से पहले पेश किया सबसे ज्यादा ब्राइटनेस वाला 77 इंच QD-OLED टीवी
  9. OnePlus Nord 6 जल्द देगा बाजार में दस्तक, 50MP कैमरा के साथ ऐसे होंगे फीचर्स, जानें सबकुछ
  10. Portronics का नया स्मार्ट प्रोजेक्टर हुआ लॉन्च, दीवार पर 100-इंच साइज में दिखाएगा मूवी, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.