चंद्रयान-3 की कामयाबी भुला देगी 2019 का वो गम, इस बार 100% ‘भरोसा’ है ISRO को!

Chandrayaan 3 : साल 2019 में भारत का चंद्रयान-2 मिशन लैंडिंग के दौरान फेल हो गया था।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 4 जुलाई 2023 12:16 IST
ख़ास बातें
  • इसरो ने जताई चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की उम्‍मीद
  • मिशन को सफल बनाने के लिए किए गए जरूरी बदलाव
  • चंद्रयान-2 की विफलता को भुला सकता है चंद्रयान-3

स्‍पेस एजेंसी ने चंद्रयान के एल्‍गोरिदम में बदलाव किया गया है। तय जगह पर लैंडिंग नहीं हो पाई, तो चंद्रयान-3 को दूसरी जगह उतारा जा सकता है।

Photo Credit: ISRO

भारत के मून मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) के लॉन्‍च की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मिशन से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने उम्‍मीद जताई है कि चंद्रयान-3 मिशन चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सक्षम होगा। ISRO के चेयरमैन एस. सोमनाथ ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्‍होंने बताया कि लॉन्‍च को 13 जुलाई के लिए सेट किया गया है, लेकिन यह 19 जुलाई तक पहुंच सकता है।  

चंद्रयान-3 मिशन को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ‘लॉन्च वीकल मार्क-III' से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। उससे पहले ‘रॉकेट लॉन्चपैड' एक और अनोखे ‘लॉन्च' का गवाह बनेगा। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, रॉकेट की लॉन्चिंग से पहले वहां एक किताब का विमोचन होगा। यह किताब विज्ञान संबंधित लेखों का संग्रह है। 'प्रिज्म: द एन्सेस्ट्रल एबोड ऑफ रेनबो' पहली ऐसी बुक है, जिसे ‘रॉकेट लॉन्चपैड' से लॉन्‍च किया जाएगा। इसे राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता एवं लेखक विनोद मनकारा ने लिखा है। 

बहरहाल, चंद्रयान-3 मिशन को अपने लक्ष्‍य तक पहुंचने में एक महीना लग सकता है। 23 अगस्‍त के आसपास यान, चंद्रमा की सतह पर लैंडिंग करेगा। वही सबसे महत्‍वपूर्ण क्षण होगा, क्‍योंकि साल 2019 में भारत का चंद्रयान-2 मिशन लैंडिंग के दौरान फेल हो गया था। 

इस बार ऐसा ना हो, इसके लिए भी इसरो ने तैयारी की है। स्‍पेस एजेंसी ने चंद्रयान के एल्‍गोरिदम में बदलाव किया गया है। तय जगह पर लैंडिंग नहीं हो पाई, तो चंद्रयान-3 को दूसरी जगह उतारा जा सकता है। लैंडिंग के दौरान स्‍पीड को मापने के लिए यान में 'लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर' लगाया गया है।  

चंद्रयान-3 मिशन का मकसद चांद की सतह पर सेफ लैंडिंग की क्षमता का प्रदर्शन करना है। वहां चहलकदमी करके यह साबित करना है कि इसरो और भारत, चांद पर कोई भी मिशन भेजने में समक्ष हैं। चंद्रयान-3 मिशन में स्‍वेदशी लैंडर, प्रोपल्‍शन मॉड्यूल और रोवर शामिल हैं। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Tecno Camon 50, Camon 50 Pro लॉन्च हुए 50MP कैमरा, 6150mAh बैटरी के साथ, जानें कीमत
  2. Vivo V70 5G सीरीज आज हो रही भारत में लॉन्च, ऐसे देखें लाइव इवेंट, जानें फीचर्स और कीमत
  3. 24 घंटे में 2.5 लाख AI Pledge, भारत ने बनाया Guinness वर्ल्ड रिकॉर्ड
  4. राशन कार्ड में नहीं किया KYC तो राशन मिलना हो जाएगा बंद, घर बैठे ऐसे चेक करें अपडेट हुआ या नहीं
  5. 7000mAh बैटरी वाला Infinix XPAD 30E टैबलेट AI लर्निंग फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Google लाया गजब फीचर, अब Gemini से फ्री में तैयार कर पाएंगे AI म्यूजिक
  2. ChatGPT मेकर OpenAI ने टाटा ग्रुप से हाथ मिलाया, भारत में बनेगा AI डेटा सेंटर
  3. Vivo V70, Vivo V70 Elite भारत में 50MP कैमरा, 6500mAh बैटरी के साथ लॉन्च, जानें फीचर्स और कीमत
  4. 24 घंटे में 2.5 लाख AI Pledge, भारत ने बनाया Guinness वर्ल्ड रिकॉर्ड
  5. 365 दिनों तक 900GB से ज्यादा डेटा, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, फ्री JioHotstar, Google Gemini AI वाला धांसू Jio प्लान!
  6. राशन कार्ड में नहीं किया KYC तो राशन मिलना हो जाएगा बंद, घर बैठे ऐसे चेक करें अपडेट हुआ या नहीं
  7. Vivo V70 5G सीरीज आज हो रही भारत में लॉन्च, ऐसे देखें लाइव इवेंट, जानें फीचर्स और कीमत
  8. Generative AI: IIT मद्रास से 'बिजनेस AI' टूल सीखने का सुनहरा मौका! 19 फरवरी तक आवेदन पर मिलेगा 8 हजार रुपये का फायदा
  9. क्या है NCERT का e-Jaadui Pitara ऐप? कैसे करेगा बच्चों की सीखने में मदद
  10. 7000mAh बैटरी वाला Infinix XPAD 30E टैबलेट AI लर्निंग फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.