Chandrayaan 3: इसरो ने प्रज्ञान रोवर को चांद पर सुला दिया! अब यह तभी जागेगा जब ...

स्पेस एजेंसी ने कहा कि रोवर अपना अभी तक का काम पूरा कर चुका है, और इसे स्लीप मोड में डाल दिया गया है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 3 सितंबर 2023 12:54 IST
ख़ास बातें
  • ISRO ने प्रज्ञान रोवर के बारे में अहम जानकारी दी है।
  • रोवर अभी तक का काम पूरा कर चुका है, इसे स्लीप मोड में डाल दिया गया है।
  • प्रज्ञान रोवर एक 26 किलो का स्पेस व्हीकल है जिसमें 6 पहिए लगे हैं।

इसरो ने कहा है कि प्रज्ञान रोवर ने अपना काम पूरा कर लिया है और अब इसे स्लीप मोड में रख दिया गया है।

Chandrayaan 3 मिशन पर गए प्रज्ञान रोवर ने अपने मकसद पूरे कर लिए हैं। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने लेटेस्ट अपडेट में यह जानकारी दी है। तो अब प्रज्ञान रोवर के साथ क्या होगा? इसरो ने कहा है कि प्रज्ञान रोवर ने अपना काम पूरा कर लिया है और अब इसे स्लीप मोड में रख दिया गया है। यानि कि रोवर को वहीं पर सुला दिया गया है। इसरो ने बताया कि रोवर की बैटरी फिलहाल फुल चार्ज है। लेकिन इसे सुला दिया गया है, क्योंकि उसका अभी तक का काम पूरा हो गया है। 

इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने X (पहले Twitter) पर लेटेस्ट पोस्ट में Chandrayaan 3 मिशन पर गए प्रज्ञान रोवर के बारे में अहम जानकारी दी है। स्पेस एजेंसी ने कहा कि रोवर अपना अभी तक का काम पूरा कर चुका है, और इसे स्लीप मोड में डाल दिया गया है। रोवर पर सोलर पैनल लगा है जिससे यह सौर ऊर्जा को सोखता है और पावर जमा करता है। ट्वीट में इसरो ने कहा, "वर्तमान में, बैटरी पूरी तरह से चार्ज्ड है। सोलर पैनल को सूर्य की रोशनी प्राप्त करने के मकसद से सेट कर दिया गया है, अगला सूर्योदय 22 सितंबर 2023 को होगा। रिसीवर चालू है।"

इसरो ने आगे कहा, "हम उम्मीद कर रहे हैं कि असाइनमेंट का एक और सेट पूरा करने के लिए रोवर फिर जागेगा। नहीं तो, फिर यह वहीं पर हमेशा के लिए भारत के चंद्र राजदूत के तौर पर मौजूद रहेगा।"

आपको बता दें कि प्रज्ञान रोवर एक 26 किलो का स्पेस व्हीकल है जिसमें 6 पहिए लगे हैं। यह सोलर पावर यानि कि सूर्य की ऊर्जा से चलता है। इसमें वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं जिनसे यह पता लगाता है कि चांद की मिट्टी कैसी है, यहां की चट्टानें कैसी हैं और यह किसकी बनी हैं। इसरो ने कहा कि APXS और LIBS पेलोड अब बंद कर दिए गए हैं। इन पेलोड के डाटा को अब धरती तक लैंडर विक्रम के माध्यम से ट्रांसमिट किया जाएगा। 

LIBS के बारे में बात करें तो बतौर इसरो, यह लेजर इंड्यूस्ड ब्रेकडाउन स्पेक्ट्रोस्कोप है जो प्रज्ञान रोवर पर लगा है। LIBS ने चांद की सतह की कम्पोजीशन के बारे में पहली इन-सिटू मेजरमेंट की है। इन मेजरमेंट्स में पता चला है कि यहां सल्फर बड़ी मात्रा में मौजूद है। यह एक ऐसी खोज है जो कि ऑर्बिटर पर लगे उपकरणों की मदद से नहीं की जा सकती थी। ISRO के मुताबिक LIBS एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जो कि तेज लेजर पल्सेस के माध्यम से किसी पदार्थ की कम्पोजीशन का पता लगाती है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Xiaomi ने सस्ता वैक्यूम क्लीनर किया लॉन्च, 10000Pa सक्शन, 180 मिनट का बैटरी बैकअप, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Google Gemma 4: गूगल का नया AI मॉडल बिना इंटरनेट भी चलेगा, स्मार्टफोन बनेंगे सुपरस्मार्ट!
  2. 3 हफ्तों तक चलने वाली Honor Watch X5i स्मार्टवॉच लॉन्च, 60Hz AMOLED डिस्प्ले, जानें कीमत
  3. Samsung Galaxy S26 FE लॉन्च होगा 8GB रैम, Exynos 2500 प्रोसेसर के साथ, गीकबेंच पर खुलासा
  4. फ्री में बनाएं AI वीडियो! Google Vids में आया बड़ा अपडेट, ऐसे करें इस्तेमाल
  5. 25 इंच बड़े 300Hz डिस्प्ले के साथ Redmi G25 2026 गेमिंग मॉनिटर हुए लॉन्च, जानें सबकुछ
  6. Xiaomi ने सस्ता वैक्यूम क्लीनर किया लॉन्च, 10000Pa सक्शन, 180 मिनट का बैटरी बैकअप, जानें कीमत
  7. 8 हजार सस्ता खरीदें Samsung का 6000mAh बैटरी, 50MP कैमरा वाला फोन
  8. Amazon Securefest Sale: Rs 1899 से मिल रहे बेस्ट होम सिक्योरिटी कैमरा, डैशकैम डील्स!
  9. Haier ने भारत में नए हैवी ड्यूटी Desert Rose AC किए लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  10. Infinix GT 50 Pro होगा धांसू गेमिंग फोन, यूनीक डिजाइन के साथ फीचर्स लीक
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.