Aarogya Setu ऐप 9 करोड़ लोगो ने किया डाउनलोड, सरकार का दावा

Aarogya Setu को 2 अप्रैल को लॉन्च किया गया था और लॉन्च के 13 दिनों के भीतर इसे 5 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड कर दिया गया था और अब ऐप ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है।

विज्ञापन
नितेश पपनोई, अपडेटेड: 6 मई 2020 18:36 IST
ख़ास बातें
  • 2 अप्रैल को किया गया था Aarogya Setu ऐप को लॉन्च
  • लॉन्च के बाद 13 दिनों के अंदर 5 करोड़ लोगो ने कर लिया था डाउनलोड
  • अब लगभग 1 महीने में इसके 9 करोड़ लोगो द्वारा डाउनलोड किए जाने का दावा

Aarogya Setu ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है

Aarogya Setu ऐप को 2 अप्रैल को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग ऐप के रूप में लॉन्च किया गया था। ऐप को कोविड-19 से लड़ने के लिए तैयार किया गया है। यह ऐप यूज़र के मोबाइल पर ब्लूटूथ और जीपीएस का इस्तेमाल कर उसे आसपास के अन्य कोरोनावायरस संक्रमित यूज़र की जानकारी देता है। लॉन्च के कुछ दिनों के अंदर ही आरोग्य सेतु ऐप को करोड़ो बार डाउनलोड कर लिया गया था और अब लेटेस्ट जानकारी के मुताबिक, इस ऐप 4 मई तक 9 करोड़ से अधिक लोगो ने डाउनलोड कर लिया है। इसकी एक वजह यह भी है कि हाल ही में सराकर ने इस ऐप को सभी सरकारी और निजी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया था।

COVID-19 पर हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की 14वीं बैठक के दौरान मंगलवार को अधिकारियों ने इस खबर की जानकारी दी। इस बैठक में अधिकारियों ने आरोग्य सेतु ऐप के "प्रदर्शन, प्रभाव और लाभ" से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।
Advertisement

जैसा कि हमने बताया कि आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन यूज़र्स को यह पहचानने में मदद करता है कि उन्हें COVID-19 का खतरा है या नहीं। यह कोरोनोवायरस और इसके लक्षणों से बचने के तरीकों सहित लोगों को कई महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान करता है। हालांकि लॉन्च के बाद से ही कुछ ग्रुप्स ने इस ऐप को यूज़र्स की प्राइवेसी के लिए खतरा बताया और इसकी आलोचना की।

इतना ही नहीं, फ्रांस के एक सिक्योरिटी रिसर्चर Robert Baptiste ने दावा किया कि Aarogya Setu ऐप में एक "सिक्योरिटी लूपहोल" यानी एक ऐसी समस्या शामिल है, जिसने करोड़ों भारतीयों की प्राइवेसी को दांव पर लगा दिया है। रिसर्चर ने मंगलवार को सरकार के कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग ऐप में कथित सुरक्षा मुद्दे के बारे में सरकार और उसके 1.67 लाख से अधिक फॉलोअर्स को सूचित करने के लिए ट्वीट किया। हालांकि यह भी पता चला है कि भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने समस्या को समझने के लिए इस हैकर को तुरंत संपर्क भी किया और बाद में इस हैकर के दावे का खंडन कर दिया।
Advertisement


इस नैतिक हैकर द्वारा इस ऐप में संभावित सुरक्षा समस्या का दावा किए जाने के बाद और विपक्षी कांग्रेस नेताओं की आलोचनाओं के बाद बुधवार को सरकार ने कहा कि आरोग्य सेतु में कोई डेटा या सिक्योरिटी लूपहोल नहीं है।
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
  2. Lava Bold N4 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹22000 सस्ता मिल रहा Samsung का फ्लैगशिप स्मार्टफोन, जानें क्या है पूरा ऑफर
  2. Lava Bold N4 Pro 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 6,000mAh की बैटरी
  3. Airtel vs Jio vs Vi: 365 दिनों की वैधता के साथ किसका प्लान है ज्यादा बेहतर
  4. MSI Cyborg 15 Max C2W, C13W गेमिंग लैपटॉप भारत में पेश, जानें कैसे हैं गजब फीचर्स
  5. Instagram पर बदल गया पोस्ट दिखाने का तरीका, अब टैग्ड पोस्ट भी आएंगी मुख्य प्रोफाइल पर नजर
  6. iPhone 18 Pro Max vs Oppo Find X9 Ultra vs Vivo X300 Ultra: जानें कौन सा फ्लैगशिप है बेस्ट?
  7. 10,000mAh बैटरी वाले Redmi Note 17 Pro और Pro Max के स्पेसिफिकेशन्स का खुलासा, 15 सितंबर को होंगे भारत में लॉन्च
  8. AI से जाएगी अनगिनत लोगों की जान, Anthropic के AI रिसर्चर ने नौकरी छोड़ी, बताया सभ्यता पर बड़ा खतरा
  9. Poco X8 5G और X8 Power 5G की सेल लाइव; 10,000mAh तक बैटरी, कीमत ₹30 हजार से शुरू
  10. Motorola के 7000mAh बैटरी वाले फोन पर ₹4,500 तक की बचत, यहां मिल रही है डील
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.