Elon Musk अंतरिक्ष में लगाना चाहते हैं AI डाटा सेंटर, SpaceX ने किया xAI का अधिग्रहण

एलोन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी SpaceX ने उनकी AI स्टार्टअप कंपनी xAI का अधिग्रहण कर लिया है।

विज्ञापन
Written by साजन चौहान, अपडेटेड: 4 फरवरी 2026 14:03 IST
ख़ास बातें
  • SpaceX एलोन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी है।
  • xAI एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप कंपनी है।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान में पृथ्वी के बड़े डाटा सेंटर पर काम है।

SpaceX एक एयरोस्पेस कंपनी है।

Photo Credit: SpaceX

एलोन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी SpaceX ने उनकी AI स्टार्टअप कंपनी xAI का अधिग्रहण कर लिया है। xAI का अधिग्रहण करके पृथ्वी पर और पृथ्वी से अलग वर्टिकली इंटीग्रेटेड इनोवेशन इंजन तैयार करना है, जिसमें AI, रॉकेट, स्पेस बेस्ड इंटरनेट, डायरेक्ट टू मोबाइल डिवाइस कॉम्युनिकेशन और दुनिया का सबसे टॉप रियल-टाइम इंफॉर्मेशन और फ्री स्पीच प्लेटफॉर्म शामिल है। यह SpaceX और xAI के मिशन में एक नया चैप्टर ही नहीं बल्कि एक नई बुक भी है, जिससे ब्रह्मांड को समझने और उसकी शक्ति का उपयोग करने में ज्यादा मदद मिलेगी। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्तमान में पृथ्वी के बड़े डाटा सेंटर पर काम करता है, जिनके लिए ज्यादा पावर और कूलिंग की जरूरत होती है। AI के लिए ग्लोबल पावर की डिमांड को पृथ्वी के समाधानों से पूरा करना मुमकिन नहीं है। यह भविष्य में आने वाले समय में और भी ज्यादा मुश्किल होने वाला है, क्योंकि इससे कम्युनिटी और पर्यावरण पर अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

भविष्य में स्पेस बेस्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही इकलौता ऐसा तरीका है जिससे हम बड़े लेवल पर बढ़ा सकते हैं। हमारे सूरज की एनर्जी के 10 लाखवें हिस्से का भी इस्तेमाल करने के लिए हमारे द्वारा वर्तमान में इस्तेमाल की जा रही एनर्जी से 10 लाख गुना ज्यादा एनर्जी की जरूरत होगी। इसलिए इकलौता उचित समाधान यही है कि इन रिसोर्स वाले प्रयासों को बड़े एनर्जी और स्पेस वाले स्थान पर ले जाया जाए। मजाकिया अंदाज में लिखा कि आखिरकार स्पेस को स्पेस यूं ही नहीं कहा जाता है।

कम ऑपरेटिंग और मेंटेनेंस कॉस्ट के साथ लगभग लगातार सोलर एनर्जी का सीधा उपयोग करके ये सैटेलाइट हमारी कंप्यूटिंग पावर को अलग ही स्तर पर ले जाने की क्षमता में बड़ा बदलाव लाएंगे। अंतरिक्ष में हमेशा ही धूप रहती है, जिससे एनर्जी हमेशा मिलेगी। ऑर्बिटियल डाटा सेंटर के तौर पर काम करने वाले 10 लाख सैटेलाइट का एक ग्रुप लॉन्च करना, Kardashev II लेवल की सभ्यता बनने के लिए पहला कदम है जो कि सूरज की पूरी पावर का उपयोग कर सकती है। इसके साथ ही आज अरबों लोगों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐप्लिकेशन का सपोर्ट कर सकती है और इंसानों के लिए कई-ग्रहों पर भविष्य का भी आधार बन सकती है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: SpaceX, xAI, Elon Musk

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Xiaomi 18 में मिल सकती है 7,200mAh की बैटरी, 6.4 इंच डिस्प्ले
#ताज़ा ख़बरें
  1. Tata Motors की Sierra EV कल होगी लॉन्च, 75 kWh तक हो सकती है बैटरी
  2. iQOO Z11i में मिलेंगे 3 कलर्स के ऑप्शन, इस सप्ताह होगा लॉन्च
  3. OnePlus Nord Buds 4 की पहली सेल आज से शुरू, मिल रहा सस्ते में खरीदने का मौका
  4. पानी में तैरने वाले सोलर पैनल, बिजली पैदा करने के साथ बचा रहे खूब पानी, जानें क्या है तकनीक
  5. Xiaomi 18 में मिल सकती है 7,200mAh की बैटरी, 6.4 इंच डिस्प्ले
  6. समय पर नहीं बचाया, तो पृथ्वी पर गिर जाएगा NASA का 22 साल पुराना टेलीस्कोप, अब शुरू होगा रेस्क्यू मिशन
  7. 50MP कैमरा वाले Infinix Note 60 Pro Pininfarina Edition की सेल आज से, मिल रहा डिस्काउंट अलग से
  8. 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ Samsung Galaxy M47 5G लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  9. UPI में आने वाला है AI का बड़ा अपग्रेड, वॉयस से होगा पेमेंट, फ्रॉड पर भी लगेगी लगाम!
  10. स्मार्टफोन के बाद अब टैबलेट पर मैमोरी शॉर्टेज की मार! Redmi ने बढ़ाए Pad 2 के दाम
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.