ChatGPT बना रहा फर्जी आधार और PAN कार्ड! नए खुलासे ने बढ़ाई टेंशन

AI के जरिए ठग अब नकली आधार कार्ड और PAN कार्ड जैसे पहचान संबंधी जरूरी दस्तावेज बना सकते हैं।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 5 अप्रैल 2025 09:12 IST
ख़ास बातें
  • AI अब फर्जी पहचान पत्र भी बना सकता है।
  • अब इसका इस्तेमाल फर्जीवाड़े और साइबर ठगी के लिए होने लगा है।
  • फर्जी पहचान पत्रों का गलत कामों में हो सकता है इस्तेमाल।

AI यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब टेक्नोलॉजी के लगभग हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाता जा रहा है।

AI यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब टेक्नोलॉजी के लगभग हर क्षेत्र में अपनी जगह बनाता जा रहा है। अब से पहले आपको ज्ञात होगा कि AI चैटबॉट्स की मदद से टेक्स्ट जेनरेट किया जा सकता है। यह फोटो जेनरेट कर सकता है। साथ ही मनचाही वीडियो भी बनाकर दे सकता है। लेकिन एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। AI अब फर्जी पहचान पत्र भी बना सकता है। जी हां, AI की मदद से फर्जी आईडी कार्ड जैसे आधार, पैन कार्ड व अन्य भी बनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या होंगे इसके परिणाम। 

AI की मदद से फर्जी आधार कार्ड भी बनाया जा सकता है। डिजिटल जमाने में तेजी से विकसित होती तकनीकी ने हमारी जिंदगी को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। लेकिन इसी के साथ टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल भी बढ़ने लगा है। इनमें सबसे बड़ी चिंता AI से ही पैदा हो रही है। AI टूल्स जैसे ChatGPT आदि आमतौर पर जानकारी देने और कंटेंट जनरेट करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन अब इनका इस्तेमाल फर्जीवाड़े और साइबर ठगी के लिए होने लगा है। 
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ChatGPT के इमेज जेनरेशन फीचर का खासतौर पर इस्तेमाल यहां देखने को मिल रहा है। इसके जरिए ठग अब नकली आधार कार्ड और PAN कार्ड जैसे पहचान संबंधी जरूरी दस्तावेज बना सकते हैं। इसी के चलते आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करना अब आसान हो गया है। ChatGPT ऐसी नकली तस्वीरें बना सकता है जो कि असली से भी ज्यादा असली नजर आ सकती हैं। इन्हें पहचान पाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। 

ऐसे में इस तरह के AI टूल की मदद से कोई भी व्यक्ति किसी का नाम, पता और फोटो बनाकर एक फर्जी आधार कार्ड, या PAN कार्ड बनवा सकता है। इन फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करके किसी भी व्यक्ति के नाम से बैंक अकाउंट खोला जा सकता है, फर्जी लोन का आवेदन किया जा सकता है, मोबाइल सिम कार्ड लिया जा सकता है। यानी एआई के ये टूल अब किसी भी व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग करने में आसानी से इस्तेमाल हो सकते हैं। 
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ये होंगे दुष्परिणाम
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AI के दुरुपयोग के चलते भविष्य में कई दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। 
साइबर ठगी के मामले इससे तेजी से बढ़ सकते हैं क्योंकि ऑनलाइन कोई भी इमेज बनाकर ID के माध्यम से फर्जीवाड़ा किया जा सकता है।
आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर संदेह होना शुरू हो सकता है। 
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किसी की व्यक्तिगत जानकारी गलत हाथों में जा सकती है। 
फर्जी आईडी की मदद से किसी भी व्यक्ति के नाम से किसी भी अपराध को अंजाम दिया जा सकता है। इससे निर्दोष लोग जाल में फंस सकते हैं और यह कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। 
 

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