दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट ‘लिग्नोसैट’ अगले साल होगा लॉन्‍च, जानें इसके बार में

Worlds 1st wooden satellite : स्‍पेस एजेंसियां देखना चाहती हैं कि लकड़ी के सैटेलाइट कितने कारगर हो सकते हैं।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 17 नवंबर 2023 10:34 IST
ख़ास बातें
  • दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट लॉन्‍च करने की तैयारी
  • नासा और जापान की स्‍पेस एजेंसी कर रहे काम
  • अगले साल गर्मियों तक हो सकती है लॉन्चिंग

लिग्नोसैट का आकार एक कॉफी मग के बराबर है।

Photo Credit: https://www.nanosats.eu/

Worlds 1st wooden satellite : अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया प्रयोग होने जा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ‘नासा' (Nasa) और जापान की स्‍पेस एजेंसी ‘जाक्‍सा' (JAXA) दुनिया के पहले लकड़ी के सैटेलाइट को लॉन्‍च करने की योजना बना रही हैं। अगले साल गर्मियों तक इस सैटेलाइट को लॉन्‍च किए जाने की उम्‍मीद है। सैटेलाइट का नाम है- LignoSat (लिग्नोसैट) जो एक टेस्‍ट होगा। स्‍पेस एजेंसियां देखना चाहती हैं कि लकड़ी के सैटेलाइट कितने कारगर हो सकते हैं। लेकिन इनकी जरूरत क्‍यों है? आइए जानते हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियों ने बीते 50 वर्षों में हजारों की संख्‍या में सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा है। जाे सैटेलाइट अपना जीवन पूरा कर चुके हैं, वो कबाड़ या मलबे के रूप में अब वहां तैर रहे हैं। इससे दूसरे सैटेलाइट्स को खतरा हो रहा है। यही नहीं, खत्‍म हो चुके सैटेलाइट अगर पृथ्‍वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो उनके हमारे ग्रह को नुकसान पहुंचाने की संभावना बनी रहती है। लकड़ी के सैटेलाइट इन मुश्किलों को सुलझा सकते हैं। 
Advertisement

स्‍पेसडॉटकॉम के अनुसार, अंतरिक्ष में लकड़ी ना तो जल सकती है, ना ही सड़ सकती है। अच्‍छी बात है कि लकड़ी के सैटेलाइट अगर वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते हैं, तो वह जलकर राख हो जाएंगे। यानी भविष्‍य में इनका इस्‍तेमाल होता है अंतरिक्ष में कचरा बढ़ने की संभावना खत्‍म हो जाएगी। 
 

कितना बड़ा सैटेलाइट है LignoSat? 

जानकारी के अनुसार, लिग्नोसैट का आकार एक कॉफी मग के बराबर है। इसे 2024 की गर्मियों तक लॉन्‍च किया जा सकता है। इसे बनाने में मैगनोलिया लकड़ी का इस्‍तेमाल किया गया है। 
Advertisement
 

ऐसे किया गया लकड़ी का चुनाव 

स्‍पेस एजेंसियों ने जिस मैगनोलिया लकड़ी से सैटेलाइट को बनाया है, उस लकड़ी को पहले इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में टेस्‍ट किया गया था। वैज्ञानिकों ने तीन तरह की लकड़ी टेस्‍ट की। सभी अंतरिक्ष में कामयाब रहीं यानी उनमें कोई टूट-फूट नहीं हुई। हालांकि वैज्ञानिकों ने मैगनोलिया लकड़ी को इस्‍तेमाल करने का फैसला किया क्‍योंकि सैटेलाइट बनाते समय इसके टूटने की संभावना बहुत कम है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: NASA, JAXA, Lignosat, Science News In Hindi
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Samsung ने लॉन्च किया नया फोन Galaxy Quantum 7, 50MP तीन कैमरा, 5000mAh बैटरी के साथ, IP68 रेटिंग
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi ला रही प्रीमियम टैबलेट, 11000mAh बैटरी, 67W चार्जिंग के साथ हुआ लीक!
  2. भारत का 5G बदलने वाला है! अब नहीं रहेगी स्पीड की समस्या, EMF लिमिट पर सरकार का बड़ा कदम
  3. 100W पावर वाला 25000mAh पावरबैंक लाई Cuktech, iPhone 17 Pro Max को तीन से ज्यादा बार करता है चार्ज!
  4. Latest OTT Release This Week: बंदर, बबीता सिंह रिपोर्टिंग, एल्फा जैसी फिल्में OTT पर रिलीज, देखें यहां
  5. Ola ने भारत में सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर Ola S1Z किया लॉन्च, 301 km रेंज, चार कलर्स, जानें कीमत
  6. HMD 105 4G बजट फीचर फोन School Edition में लॉन्च, बच्चों के लिए खास कंट्रोल, IP54 रेटिंग
  7. आ गई चलती फिरती पवन चक्की, बैग में लगाकर फोन और लैपटॉप कर पाएंगे चार्ज, जानें क्या है Ventyra R1?
  8. 14 हजार से सस्ता खरीदें 25 हजार एमआरपी वाला Realme फोन! 6300mAh बैटरी
  9. Xiaomi भारत में ला रही 7,900mAh बैटरी वाला नया फोन, 45W होगी फास्ट चार्जिंग!
  10. Honor लाई सस्ता फोन Honor 600S 5G, 50MP कैमरा, 8100mAh बैटरी के साथ, IP69K रेटिंग
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.