अचानक कम हो गया नेप्च्यून ग्रह का तापमान, साइंटिस्‍ट हैरान

पिछले 17 साल से नेप्च्यून का ऑब्‍जर्वेशन करने के लिए कई टेलीस्‍कोप का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। इन टेलीस्‍कोप का इस्‍तेमाल करने वाले खगोलविदों ने ग्रह के तापमान में चौंकाने वाली गिरावट देखी है।

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गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 13 अप्रैल 2022 14:52 IST
ख़ास बातें
  • वैज्ञानिकों ने ग्रह के तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान नहीं लगाया था
  • यह ग्रह गर्मी में ठंडा हो जाता है और फिर दक्षिणी ध्रुव पर गर्म हो जाता है
  • इन फाइंडिंग्‍स ने रिसर्चर्स को आश्चर्यचकित कर दिया है

स्‍टडी बताती है कि पृथ्वी की तरह नेपच्यून के भी मौसम हैं, लेकिन वो बहुत लंबे समय तक चलते हैं।

Photo Credit: Pixabay/95C

नेप्च्यून के तापमान की स्‍टडी कर रहे वैज्ञानिकों को हाल ही में बड़ी हैरानी हुई। उन्‍हें इस ग्रह पर असामान्‍य टेंपरेचर का पता चला है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, उन्‍होंने ग्रह में तापमान के उतार-चढ़ाव का अनुमान नहीं लगाया था। यह ग्रह गर्मी के मौसम में ठंडा हो जाता है और फिर दक्षिणी ध्रुव पर गर्म हो जाता है। स्‍टडी के प्रमुख लेखक माइकल रोमन ने एक बयान में कहा कि यह बदलाव अप्रत्याशित है। उन्‍होंने कहा कि हम नेपच्यून को काफी समय से देख रहे हैं। इन फाइंडिंग्‍स ने रिसर्चर्स को आश्चर्यचकित कर दिया है। 

तापमान में यह गिरावट कई कारणों से हो सकती है। इनमें ग्रह की कैमिस्‍ट्री, मौसम के पैटर्न और सूर्य में होने वाला परिवर्तन शामिल है। पिछले 17 साल से नेप्च्यून का ऑब्‍जर्वेशन करने के लिए कई टेलीस्‍कोप का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। इन टेलीस्‍कोप का इस्‍तेमाल करने वाले खगोलविदों ने ग्रह के तापमान में चौंकाने वाली गिरावट देखी है।

इस स्‍टडी को सब-सीजनल वेरिएशन इन नैप्‍च्‍यून्‍स मिड इफ्रारेड इमिशन नाम से द प्लैनेटरी साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है। स्‍टडी बताती है कि पृथ्वी की तरह नेपच्यून के भी मौसम हैं, लेकिन वो बहुत लंबे समय तक चलते हैं। नेपच्यून में जबतक एक वर्ष खत्‍म होता है, तबतक पृथ्‍वी पर 165 वर्ष गुजर जाते हैं और वहां एक मौसम लगभग 40 साल तक चल सकता है।

स्‍टडी के दौरान वैज्ञानिक नेपच्यून ग्रह के मौसमी पैटर्न को समझना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने नेपच्यून के दक्षिणी हिस्‍से में ग्रीष्म संक्रांति के दौरान तपमान में बदलाव को ट्रैक करने के लिए इस ग्रह की लगभग 100 थर्मल-इन्फ्रारेड इमेजेस को देखा। वैज्ञानिक यह समझ रहे थे कि गर्मियां आ गई हैं, लेकिन थर्मल इमेजेस से पता चला कि साल 2003 और 2018 के बीच तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ गई थी और ग्रह का ज्‍यादातर हिस्‍सा ठंडा हो गया था। हालांकि जल्द ही दक्षिणी ध्रुव अचानक गर्म हो गया। 

साल 2018 और 2020 के बीच दक्षिणी ध्रुव में तापमान में 11 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई। ग्रह का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों को इस बदलाव की उम्‍मीद नहीं थी। उन्‍होंने अपनी स्‍टडी को द प्लैनेटरी साइंस जर्नल में प्रकाशित किया है।
 
 

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