ऐतिहासिक! दुनिया का पहला 5G सैटेलाइट लॉन्‍च, आपकी डिवाइस पर सीधे अंतरि‍क्ष से आएगा 5G नेटवर्क!

5G satellite : ‘द ग्राउंडब्रेकर' को Sateliot नाम की कंपनी ने तैयार किया है। यह 250 लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स के ग्रुप में पहला सैटेलाइट है।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 25 अप्रैल 2023 18:07 IST
ख़ास बातें
  • स्‍पेसएक्‍स ने लॉन्‍च किया सैटेलाइट
  • Sateliot नाम की कंपनी ने किया है तैयार
  • 5G सेल्‍युलर स्‍टैंडर्ड पर करता है काम

5G satellite : ‘द ग्राउंडब्रेकर’ जैसे तमाम उपग्रह जब काम करना शुरू कर देंगे और यूजर्स तक इनकी सर्विस पहुंचने लगेगी, तो 5G मोबाइल इंटरनेट की दुनिया पूरी तरह बदल जाएगी।

Photo Credit: Sateliot

एलन मस्‍क (Elon Musk) की स्‍पेस कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) का हालिया स्‍टारशिप रॉकेट लॉन्‍च टेस्‍ट (Starship) फेल हो गया है, लेकिन कंपनी कई और मिशनों पर तेजी से काम कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, स्‍पेसएक्‍स ने कथित तौर पर एक ऐसा सैटेलाइट लॉन्‍च किया है, जो 5G सेल्‍युलर स्‍टैंडर्ड पर काम करने वाला लो-अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) में पहला उपग्रह है। इसका नाम ‘द ग्राउंडब्रेकर' (The GroundBreaker) कहा जाता है। आसान शब्‍दों में समझें, तो यह और इसके जैसे कई दूसरे सैटेलाइट भविष्‍य में अंतरिक्ष से 5G मोबाइल टावर की तरह काम करेंगे। 
 

10 किलो का सैटेलाइट 

रिपोर्ट के अनुसार, ‘द ग्राउंडब्रेकर' एक छोटा सैटेलाइट है। इसका वजन करीब 10 किलोग्राम है। 15 अप्रैल को इस सैटेलाइट को कैलिफोर्निया में वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस में स्पेसएक्स की लॉन्‍च फैसिलिटी से अंतरिक्ष में भेजा गया। 
 

क्‍या काम करेगा सैटेलाइट 

इस सैटेलाइट को धरती पर मौजूद मोबाइल टावरों के साथ कम्‍युनिकेट करने और दुनियाभर में डेटा नेटवर्क के गैप को भरने के लिए डिजाइन किया गया। 
 

किसने बनाया है सैटेलाइट 

‘द ग्राउंडब्रेकर' को Sateliot नाम की कंपनी ने तैयार किया है। यह 250 लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स के ग्रुप में पहला सैटेलाइट है। इन सैटेलाइट्स के जरिए यूजर पृथ्‍वी पर लगे 5G टावरों और अंतरिक्ष से आने वाले 5G नेटवर्क के बीच स्विच कर पाएंगे। 
 

बदल जाएगी 5G इंटरनेट की दुनिया

‘द ग्राउंडब्रेकर' जैसे तमाम उपग्रह जब काम करना शुरू कर देंगे और यूजर्स तक इनकी सर्विस पहुंचने लगेगी, तो 5G मोबाइल इंटरनेट की दुनिया पूरी तरह बदल जाएगी। यूजर बिना कोई हार्डवेयर, एंटीना या मोडेम के अपनी डिवाइस पर सीधे सैटेलाइट के 5जी नेटवर्क से कनेक्‍ट कर पाएंगे। 
 

कहां होगा सबसे ज्‍यादा फायदा

इन सैटेलाइट का सबसे ज्‍यादा फायदा उन इलाकों में होगा, जहां मोबाइल टावर उपलब्‍ध नहीं है। यूजर सीधे अपनी डिवाइस को गैर-स्थलीय 5G नेटवर्क (non-terrestrial 5G network) से कनेक्‍ट कर पाएंगे। उन्‍हें अलग से कोई मोडेम, हार्डवेयर की जरूरत नहीं होगी। कंपनी को उम्‍मीद है कि उसकी टेक्‍नॉलजी पृथ्‍वी के 85 फीसदी एरिया तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचा सकती है। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Google Pixel 11 सीरीज की कीमत हुई लीक, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
  2. Samsung Galaxy M67 में मिल सकता है Exynos चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  3. Apple के iPhone Air 2 में मिल सकते हैं डुअल रियर कैमरा
#ताज़ा ख़बरें
  1. इस फिटनेस बैंड में नहीं है स्क्रीन, AI बताएगा हेल्थ का पूरा हाल! Noise REP Band भारत में लॉन्च
  2. Samsung Galaxy M67 में मिल सकता है Exynos चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  3. 18 दिन की बैटरी, ऑफलाइन मैप के साथ नई स्मार्टवॉच Haylou Watch Hyper लॉन्च, जानें कीमत
  4. सिर्फ ₹55 में 1,000 से ज्यादा Live TV चैनल्स! Jio लेकर आया नया JioTV Pro पैक
  5. iPhone Air 2 के डिस्प्ले, कैमरा, बैटरी में मिल सकते हैं बड़े अपग्रेड! लॉन्च से पहले खुलासा
  6. Vivo V80 के जल्द लॉन्च की तैयारी, 7,200mAh हो सकती है बैटरी
  7. Yamaha ने भारत में लॉन्च किया इलेक्ट्रिक स्कूटर Aerox-E, जानें प्राइस, रेंज
  8. Bose की ऑडियो टेक्नोलॉजी के साथ भारत आए Skullcandy Method 360 ANC, जानें कीमत
  9. Vivo X500 Pro Mini लॉन्च हो सकता है विशाल 7000mAh बैटरी के साथ, 64MP का होगा कैमरा!
  10. Digital Arrest में ₹4 हजार करोड़ से ज्यादा गंवा चुके हैं भारतीय, आप भी भूलकर न करें ये गलतियां
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.