सौर तूफान ने पृथ्‍वी के वायुमंडल में किया ‘छेद’, नॉर्वे का आसमान हुआ गुलाबी, जानें पूरा मामला

Solar storm : सौर तूफान की वजह से हाई-एनर्जेटिक सोलर पार्टिकल्‍स पृथ्‍वी के वातावरण में प्रवेश कर गए। इससे आसमान में रंगीन रोशनी बिखरनी शुरू हो गई।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 9 नवंबर 2022 20:03 IST
ख़ास बातें
  • आसमान में रंगीन रोशनी बिखरनी शुरू हो गई
  • ऐसा लगा मानो शाम में दिन हो गया
  • करीब 2 मिनट तक दिखाई दिया यह नजारा

Solar storm : तस्‍वीर में दिख रही गुलाबी लाइट 3 नवंबर को नॉर्वे में ट्रोम्सो के पास कैप्‍चर की गई।

सूर्य में हो रही हलचलों का असर पृथ्‍वी पर पड़ रहा है। कल ही एक रिपोर्ट में हमने आपको बताया था कि सूर्य से निकले सोलर फ्लेयर्स (Solar Flares) के कारण न्‍यूजीलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया में अस्‍थायी रेडियो ब्‍लैकआउट हो गया था। एक नई जानकारी में पता चला है कि एक सौर तूफान (Solar Storm)  के पृथ्वी से टकराने से हमारे ग्रह के चुंबकीय क्षेत्र (magnetic field) में छेद हो गया। इसकी वजह से हाल ही में नॉर्वे (Norway) के आसमान में बेहद रेयर ‘गुलाबी अरोरा' (pink auroras) का ‘विस्‍फोट' हुआ। इसने आसमान को रोशन कर दिया। बताया जाता है कि इस सौर तूफान की वजह से हाई-एनर्जेटिक सोलर पार्टिकल्‍स पृथ्‍वी के वातावरण में प्रवेश कर गए। इससे आसमान में रंगीन रोशनी बिखरनी शुरू हो गई। ऐसा लगा मानो शाम में दिन हो गया है।  

तस्‍वीर में दिख रही गुलाबी लाइट 3 नवंबर को नॉर्वे में ट्रोम्सो के पास कैप्‍चर की गई। स्‍पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, शाम लगभग 6 बजे ऑरोरा दिखने शुरू हुए। करीब 2 मिनट तक यह नजारा देखा गया। लोगों ने बताया कि उन्‍होंने इससे चमकदार गुलाबी ऑरोरा आजतक नहीं देखे हैं। 

बताया जाता है कि पृथ्‍वी के मैग्नेटोस्फीयर (magnetosphere) में एक छोटी सी दरार आने के तुरंत बाद गुलाबी ऑरोरा उभरा। 3 नवंबर की इस घटना के दिन ही वैज्ञानिकों ने एक सौर तूफान के पृथ्‍वी से टकराने का पता लगाया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि ऑरोरा तब बनते हैं जब बहुत अधिक एनर्जेटिक पार्टिकल्‍स की धाराएं मैग्नेटोस्फीयर के चारों ओर से गुजरती हैं। सौर तूफान के साथ आने वाले इन पार्टिकल्‍स से पृथ्‍वी का चुंबकीय क्षेत्र हमें बचाता है, लेकिन उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर चुंबकीय क्षेत्र कमजोर है। इस वजह से वहां ऑरोरा चमकने लगते हैं। 

ऑरोरा आमतौर पर हरे रंग के दिखाई देते हैं। ऐसा हमारे ग्रह पर मौजूद ऑक्‍सीजन की वजह से होता है। लेकिन हाल में आए सौर तूफान के कारण गुलाबी रंग के ऑरोरा देखे गए क्‍योंकि सौर हवाएं हमारे वायुमंडल में 62 मील तक नीचे पहुंच गई थीं। वहां नाइट्रोजन सबसे अध‍िक है। इस वजह से गुलाबी ऑरोरा नजर आए। सूर्य में हो रही इन हलचलों का दौर अभी जारी रहेगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) पहले ही बता चुकी है कि सूर्य में साल 2025 तक मैक्‍सिमम एक्टिविटी देखने को मिलेगी। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus Ace 7 में मिल सकती है 10,000mAh की बैटरी, Snapdragon 8 Gen 6 चिपसेट
  2. Vivo लेटेस्ट फोन V70 Lite लॉन्च हुआ 6500mAh बैटरी, 50MP दो कैमरा के साथ, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. ईरान के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज पर अमेरिका ने लगाया बैन
  2. Tata Motors के इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर 2.75 लाख रुपये तक के डिस्काउंट का ऑफर
  3. Jio, Airtel की छुट्टी! Vi लाई 365 दिनों तक 2GB, अनलिमिटिड 5G, कॉलिंग, Free JioHotstar, Amazon Prime वाला धांसू प्लान
  4. चिलचिलाती गर्मी में स्मार्टफोन बैटरी को फटने से बचाएंगी ये स्मार्ट ट्रिक्स!
  5. फोन नहीं, ये पावरबैंक हैं! 10000mAh तक बैटरी के साथ 2026 के सबसे पावरफुल स्मार्टफोन्स की देखें लिस्ट
  6. OnePlus Ace 7 में मिल सकती है 10,000mAh की बैटरी, Snapdragon 8 Gen 6 चिपसेट
  7. Vivo लेटेस्ट फोन V70 Lite लॉन्च हुआ 6500mAh बैटरी, 50MP दो कैमरा के साथ, जानें कीमत
  8. OnePlus Turbo 6X, Turbo 6X Pro लॉन्च से पहले खुलासा, 8000mAh बैटरी, 50MP कैमरा से होंगे लैस!
  9. Rogbid SR15 Ultra स्मार्ट रिंग हुई लॉन्च, बिल्ट-इन डिस्प्ले, 30 दिन तक है बैटरी! जानें कीमत
  10. 20 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का यह धांसू फोन, 50MP 3 कैमरा से लैस!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.