ऑस्‍ट्रेलियाई रिसर्चर्स का कमाल : रात में चार्ज कर दिए सोलर पैनल… नहीं होगी बिजली की किल्‍लत!

ACS फोटोनिक्स में पब्लिश एक स्‍टडी में टीम ने इस थ्‍योरी को हकीकत बनाने के तरीके के बारे में विस्तार से बताया है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 20 मई 2022 12:15 IST
ख़ास बातें
  • ऐसा करने के लिए रिसर्चर्स ने थर्मोरेडिएटिव डायोड का इस्‍तेमाल किया
  • हालांकि इससे दिन के मुकाबले कम बिजली पैदा हुई
  • पर, वैज्ञानिकों को उम्‍मीद है कि भविष्‍य में इसे बढ़ाया जा सकता है

रिसर्चर्स की टीम ने रात में पृथ्वी द्वारा पैदा होने वाली गर्मी का इस्‍तेमाल करके सोलर पैनल चार्ज किए।

जलवायु परिवर्तन की वजह से भविष्‍य में विनाशकारी असर देखने को मिल सकता है। इससे निपटने के लिए दुनियाभर में सौर ऊर्जा के इस्‍तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि इसमें एक चुनौती सामने आती है। यह चुनौती है सूर्य की रोशनी। दुनिया के कई इलाकों में सूर्य की रोशनी बहुत अच्‍छे से नहीं पहुंचती। साथ ही रात में सौर पैनल चार्ज नहीं होते। इन चुनौतियों को ऑस्‍ट्रेलियाई रिसर्चर्स के एक ग्रुप ने सॉल्‍व करने का दावा किया है। रिसर्चर्स ने रात में ऊर्जा पैदा करने के तरीके को सामने रखा है।  

सौर ऊर्जा के बारे में यह तो सभी जानते हैं कि सौर पैनल सीधे सूर्य की रोशनी से ऊर्जा को अवशोषित करते हैं और इसे बिजली में बदल देते हैं। लेकिन रात में सौर ऊर्जा पैदा करना असंभव है। लेकिन ऑस्‍ट्रेलियाई रिसर्चर्स जो दावा कर रहे हैं, उसे इस क्षेत्र में एक बड़े कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए। 

न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी (UNSW सिडनी) की टीम ने रात में पृथ्वी द्वारा पैदा होने वाली गर्मी का इस्‍तेमाल किया है। दरअसल, सूर्य से आने वाली ऊर्जा पूरे दिन पृथ्वी को गर्म करती है और रात में हमारा ग्रह उतनी ही ऊर्जा अंतरिक्ष में वापस भेजता है। यह रेडिएटेड एनर्जी पृथ्‍वी की सतह से निकलती है, इसलिए एक थर्मल उत्सर्जन होता है, जिसे टैप किया जा सकता है। रिसर्चर्स ने कहा है कि इस ऊर्जा को सेल डिवाइस में टैप किया जा सकता है और बिजली में बदला जा सकता है।

ACS फोटोनिक्स में पब्लिश एक स्‍टडी में टीम ने इस थ्‍योरी को हकीकत बनाने के तरीके के बारे में विस्तार से बताया है। रिसर्चर्स ने पृथ्वी से निकलने वाले फोटॉनों को कैप्‍चर करने और उन्हें बिजली में बदलने के लिए थर्मोरेडिएटिव डायोड का इस्‍तेमाल किया। रिसर्चर्स बिजली पैदा करने में कामयाब हुए, हालांकि इस तरह पैदा होने वाली ऊर्जा की मात्रा सौर पैनल द्वारा सप्‍लाई की जाने वाली ऊर्जा से लगभग 100,000 गुना कम थी। फ‍िर भी वैज्ञानिकों को उम्‍मीद है कि भविष्य में और बेहतर रिजल्‍ट मिल सकते हैं। 

रिसर्च टीम के लीड एसोसिएट प्रोफेसर नेड एकिन्स-डौक्स ने कहा कि हमने थर्मोरेडिएटिव डायोड से बिजली पैदा करके दिखाई है। रिसर्चर्स को उम्‍मीद है कि भविष्‍य में इस तकनीक को अमल में लाकर रात के वक्‍त भी सोलर पैनल्‍स को चार्ज करना मुमकिन होगा।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Infinix Note Edge 5G vs Poco M8 5G vs OnePlus Nord CE 5 5G: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
#ताज़ा ख़बरें
  1. गेमिंग फर्म Winzo पर ED ने कसा शिकंजा, अटैच किए 470 करोड़ रुपये
  2. क्रिप्टो ट्रेडिंग फ्रॉड में आंध्र प्रदेश के कारोबारी से हुई 1.6 करोड़ रुपये की ठगी
  3. AI Impact Summit: डेटा के बाद अब AI को सस्ता बनाएगा Reliance Jio, 10 लाख करोड़ का होगा निवेश
  4. Nothing Phone 4a सीरीज में होगा Snapdragon चिपसेट, अगले महीने लॉन्च
  5. AI Impact Summit 2026: Adobe का तोहफा, छात्रों के लिए 'Free' में Photoshop, Firefly और Acrobat!
  6. Infinix ने AI फीचर्स और 7000mAh बैटरी के साथ लॉन्च किया XPAD 30E टैबलेट, जानें कीमत
  7. भारतीय AI स्टार्टअप Sarvam HMD के साथ मिलकर फीचर फोन में लाएगा AI अनुभव!
  8. Apple की चेन्नई में कॉरपोरेट ऑफिस खोलने की तैयारी, कई पोजिशंस के लिए शुरू की हायरिंग
  9. '18 महीने के भीतर AI खत्म कर देगा लाखों नौकरियां!' इस बिजनेसमैन ने बताई वजह
  10. Xiaomi ने भारत में लॉन्च किया QLED TV X Pro 75, जानें प्राइस, फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.