ब्‍लैक होल की पहली तस्‍वीर को वैज्ञानिकों ने फ‍िर से खंगाला, जानें क्‍या दिखाई दिया

इवेंट होराइजन टेलीस्कोप (EHT) का इस्‍तेमाल करके 2019 में ब्लैक होल (black hole) की पहली तस्वीर खींची गई थी।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 11 सितंबर 2022 19:55 IST
ख़ास बातें
  • साल 2019 में ली गई थी ब्‍लैक होल की पहली तस्‍वीर
  • वैज्ञानिकों ने कुछ अनुमान लगाए थे, क्‍योंकि तस्‍वीर पूरी तरह साफ नहीं थी
  • इस तस्‍वीर को अब दोबारा तैयार किया गया है

रिसर्चर्स ने इमेज की लेयर्स को हटाने के लिए एक एल्गोरिदम इस्‍तेमाल की, जिसके बाद फोटॉन रिंग सामने आई।

साल 2019 में इवेंट होराइजन टेलीस्कोप (EHT) का इस्‍तेमाल करके ब्लैक होल (black hole) की पहली तस्वीर खींची गई थी। खगोलविदों ने सैद्धांतिक रूप से भविष्यवाणी की थी कि मेसियर 87 (M87) आकाशगंगा के केंद्र में स्थित ब्लैक होल के चारों ओर गैस का आवरण व अन्‍य फीचर्स हैं। तस्वीर को ऐतिहासिक बताया गया था, लेकिन वह काफी धुंधली थी और उसमें ब्लैक होल की डिटेल भी नहीं दिख रही थीं। ब्लैक होल के फोटॉन रिंग को सामने लाने के लिए खगोलविदों ने इमेज को फिर से तैयार किया है। इसमें वह सबकुछ है, जो पहले नहीं देखा जा सकता था।

M87 गैलेक्‍सी में स्थित ब्लैक होल को इसके आसपास मौजूद गैस से रोशनी मिलती है, जिसमें रेडियो लाइट भी शामिल है। जब प्रकाश की किरण ब्लैक होल के पास से गुजरती है, तो यह स्पेसटाइम के अनियमित होने के कारण अपनी दिशा बदल देती है। रोशनी का यह विक्षेपण (deflection) तारों और आकाशगंगाओं के साथ देखा गया है, लेकिन ब्लैक होल के मामले में लाइट का मुड़ना ज्‍यादा महत्वपूर्ण है।
 


जब सभी दिशाओं से लाइट एक ब्लैक होल के पास से गुजरती है, तो सिर्फ वही दिखाई देती है जो फोकस्‍ड होती है। खगोलविदों ने ऑब्‍जर्व किया है कि ब्लैक होल एक मजबूत लेंस के रूप में काम कर सकते हैं और लाइट को हमारी दिशा में केंद्रित कर सकते हैं। इस सिद्धांत के अनुसार, हमें लाइट का एक पतला घेरा दिखाई देना चाहिए, जिसे फोटो रिंग के रूप में जाना जाता है।

लेकिन इस फोटो में फोटॉन रिंग दिखाई नहीं दे रही थी। यह उस मटीरियल के कारण हो सकता है, जो रोशनी के मार्ग को बाधित करती है। बताया गया है कि ठंडी गैस के इलाकों से गुजरने पर प्रकाश बिखरने लगता है। इसी वजह से तस्वीर धुंधली दिखाई देती है। नए स्‍टडी में रिसर्चर्स की टीम ने यह महसूस किया कि मौजूदा डेटा में वास्तव में दो तस्वीरें हैं। एक है फोटोन रिंग और दूसरी है आसपास के क्षेत्र की धुंधली चमक। रिसर्चर्स ने इमेज की लेयर्स को हटाने के लिए एक एल्गोरिदम इस्‍तेमाल की, जिसके बाद फोटॉन रिंग सामने आई। इन ऑब्‍जर्वेशन को द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में एक पेपर में पब्लिश किया गया है।
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Amazon Great Republic Day Sale 2026 Live: शुरू हुई अमेजन सेल, यहां जानें सभी डील्स और ऑफर्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. OnePlus 15T में मिल सकती है 7,000mAh से अधिक कैपेसिटी की बैटरी, जल्द लॉन्च की तैयारी
  2. सरकार ने ब्लॉक की 242 गैर कानूनी गैंबलिंग और बेटिंग वेबसाइट्स
  3. Amazon Great Republic Day Sale: Lava, Samsung और कई ब्रांड्स के बजट स्मार्टफोन्स पर बेस्ट डील्स
  4. Lava Blaze Duo 3 अगले सप्ताह होगा भारत में लॉन्च, 6.3 इंच AMOLED डिस्प्ले
  5. Honor Magic 8 Pro Air होगा 16GB रैम, Dimensity 9500 चिपसेट के साथ 19 जनवरी को लॉन्च!
  6. Vivo X200T में मिल सकता है MediaTek Dimensity 9400+, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  7. Amazon Great Republic Day Sale: OnePlus, Samgung, Realme के स्मार्टफोन्स पर बड़ा डिस्काउंट
  8. Amazon Great Republic Day Sale: Rs 30 हजार से सस्ते मिल रहे iQOO Z10 5G, OnePlus Nord CE5, Vivo Y400 Pro 5G जैसे धांसू फोन
  9. 5,000mAh की बैटरी के साथ भारत में लॉन्च हुआ Tecno Spark Go 3, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. 12 अरब 'एलियन सिग्नल' खंगाल रहे वैज्ञानिक! दूसरी दुनिया का खुलेगा राज?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.